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कोर्ट बोला- क्रूज के पायलट और स्टाफ पर FIR हो:जबलपुर में लोगों को डूबता छोड़कर भागे; पुलिस से दो दिन में मांगी रिपोर्ट

जबलपुर की कोर्ट ने बरगी डैम हादसे में क्रूज के पायलट और स्टाफ पर FIR के निर्देश दिए हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी डीपी सूत्रकार की कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर कहा- पायलट ने लापरवाही से क्रूज चलाया, जिससे हादसा हुआ और कई लोगों की मौत हो गई। अदालत ने मंगलवार को कहा कि पायलट क्रूज की गतिविधियों से परिचित था, लेकिन वह उसमें सवार लोगों को डूबता छोड़कर सुरक्षित बाहर निकल गया। यह भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 106 और 110 के तहत अपराध है। यदि FIR और जांच नहीं हुई, तो भविष्य में भी क्रूज या नाव चलाने वाले लोग अनहोनी में यात्रियों को डूबता छोड़ सकते हैं। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है। बता दें कि जबलपुर के बरगी डैम में 30 अप्रैल को क्रूज डूबने से 13 लोगों की जान चली गई थी। इनमें 8 महिलाएं, 4 बच्चे और एक पुरुष शामिल हैं। करीब 60 घंटे के रेस्क्यू के बाद पानी से सभी शव निकाले जा सके। केस की सुनवाई सीधे कोर्ट में होगी मजिस्ट्रेट ने कहा कि पहली नजर में यह मामला गंभीर लापरवाही का प्रतीत होता है, जिसे किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने साफ किया कि अब इस केस की सुनवाई सीधे अदालत में होगी। मजिस्ट्रेट ने यह भी टिप्पणी की कि चालक को संभावित खतरे का अंदाजा था, इसके बावजूद उसने पर्यटकों को डूबता छोड़कर खुद की जान बचाना ज्यादा जरूरी समझा, जो prima facie लापरवाही को दर्शाता है। जान बचाने वालों की सराहना भी की अदालत ने कहा कि अब तक इस घटना में किसी पर कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस ने भी किसी के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की है। कोर्ट ने जबलपुर पुलिस को निर्देश दिए कि मामले में FIR दर्ज कर दो दिन में न्यायालय को सूचित किया जाए। कोर्ट ने क्रूज में सवार पर्यटकों की जान बचाने वालों की सराहना भी की। जांच से पहले क्रूज तोड़ा, सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप दूसरी ओर, हादसे की जांच प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जांच शुरू होने से पहले ही क्रूज को अलग-अलग हिस्सों में काट दिया गया था। हालांकि बाद में जांच समिति के निर्देश पर कलेक्टर ने इन हिस्सों को मौजूदा स्थिति में ही सीज कराया। अब इन्हीं अवशेषों के आधार पर दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जाएगा। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि क्रूज को जल्दबाजी में तोड़ा गया, जिससे उसके रखरखाव में हुई संभावित लापरवाही छिपाई जा सकती है। उनका दावा है कि सुरक्षा मानकों में भी कई खामियां थीं। हादसे में बचे लोगों और स्थानीय पर्यटकों ने भी इस पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि जांच पूरी होने तक क्रूज को नहीं छेड़ा जाना चाहिए था। हादसे से बचे रोशन आनंद ने आरोप लगाया कि अवशेष हटाकर प्रशासन और पर्यटन विभाग ने अहम सबूतों को नुकसान पहुंचाया है। सबसे पहले जानिए, हादसा कैसे हुआ… 3 कर्मचारी बर्खास्त, एक सस्पेंड किया गया था मामले में क्रूज के को-पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी बृजेंद्र की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। महेश हादसे के पहले क्रूज चला रहे थे। होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है। रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है। को-पायलट बोला- क्रूज का एक इंजन स्लो था को-पायलट महेश पटेल ने दैनिक भास्कर से कहा था कि 3 साल पहले क्रूज का मेंटेनेंस हुआ था, लेकिन एक इंजन स्लो था। हादसे से पहले उसने काम करना बंद कर दिया था। पटेल ने कहा था कि ऊपर से कोई निर्देश नहीं मिला था कि क्रूज संचालन रोकना है या यलो अलर्ट है। स्पष्ट निर्देश मिलते तो हम क्रूज को पानी में नहीं उतारते। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… भास्कर एनालिसिस: मौज के बदले मौत! जिम्मेदार आंधी नहीं, अंधा-बहरा सिस्टम है:आंधी की चेतावनी और NGT-सुप्रीम कोर्ट के आदेश न दिखे-न सुने, अब लाशें गिन रहे हो लाइफ जैकेट… जिसमें जिंदगी ही नहीं बची थी। उसमें था मां के साथ लिपटे एक मासूम का शव! जबलपुर के बरगी डैम हादसे के बाद किसी चमत्कार की आस लगाए बैठे बचाव दल और परिवार के लिए वो पल झकझोर देने वाला था… जब मां-बेटे का शव बाहर निकाला गया। बेटे को बचा लेने की चिंता और जिद दिखाती वो तस्वीर रुला देने वाली थी, कितना दर्द समेटे थी। पढ़ें पूरी खबर क्रूज हादसे की पीड़िता बोलीं- दवा नहीं, पहले बिल थमाया:इजराइल में युद्ध से बचीं, यहां टूटा भरोसा; बेटे ने लाइफ जैकेट देकर दूसरों को बचाया मध्य प्रदेश के जबलपुर में क्रूज हादसे की चश्मदीद और पीड़िता वाराणसी की सविता वर्मा ने हादसे के बाद के हालात और सिस्टम की संवेदनहीनता को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि हम मौत को छूकर वापस आए थे, लेकिन अस्पताल में हमारी हालत से ज्यादा बिल की चिंता दिखाई दी। पढ़ें पूरी खबर…

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