जबलपुर के बरगी बांध क्रूज हादसे के बाद घायल नेपाल के एक परिवार से इलाज के नाम पर पैसे वसूलने का मामला सामने आया है। गौर तिराहा स्थित नोबल मल्टीस्पेशलिस्ट अस्पताल ने प्राथमिक उपचार के बाद पीड़ितों को बिल थमा दिया। शिकायत सामने आने के बाद प्रशासन ने अस्पताल का लाइसेंस एक महीने के लिए निलंबित कर जांच शुरू कर दी है। क्रूज हादसे में घायल नेपाल के परिवार ने बताया कि वे किसी तरह जान बचाकर अस्पताल पहुंचे थे। वहां स्टाफ ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन तुरंत 4500 रुपए का बिल थमा दिया। पीड़ित बार-बार बताते रहे कि उनका पैसा पानी में भीग गया है और उनके पास भारतीय मुद्रा भी नहीं है, फिर भी अस्पताल प्रबंधन ने उनकी एक नहीं सुनी। नेपाल करेंसी थी, फिर भी नहीं मिली राहत पीड़ित महिला ने बताया कि उनके पास सिर्फ नेपाली करेंसी थी, मोबाइल भी खराब हो गया था। इसके बावजूद अस्पताल स्टाफ ने भुगतान पर ही जोर दिया। आखिरकार बनारस में रहने वाले रिश्तेदार से संपर्क कर 4500 रुपए जमा करवाने के बाद ही उन्हें राहत मिली। पेनकिलर और टांकों के नाम पर वसूले पैसे पीड़ित महिला सरस्वती ने दैनिक भास्कर को बताया कि अस्पताल वालों ने पहले 2200, फिर 3000 और अंत में 4500 रुपए की मांग की गई। अस्पताल प्रबंधन का साफ कहना था कि पूरा पैसा दिए बिना मरीज को नहीं छोड़ा जाएगा। इससे परिवार में डर का माहौल बन गया। प्रशासन की सख्त कार्रवाई, लाइसेंस निलंबित मामला सामने आने के बाद संभागीय कमिश्नर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नोबल मल्टीस्पेशलिस्ट अस्पताल का लाइसेंस एक माह के लिए निलंबित कर दिया। साथ ही पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। सीएमएचओ ने अस्पताल संचालक को निर्देश दिए हैं कि वर्तमान मरीजों का समुचित इलाज कर डिस्चार्ज किया जाए, लेकिन अगले एक महीने तक कोई नया मरीज भर्ती नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आपदा के समय किसी भी तरह की लापरवाही या वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आपदा प्रबंधन एक्ट का उल्लंघन जांच में पाया गया कि दुर्घटना में घायल मरीजों से शुल्क लेना आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के खिलाफ है। इस पर अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी कर 7 दिन में जवाब मांगा गया है। क्रूज में नहीं थे लाइफ जैकेट, चालक भागा हादसे को लेकर पीड़ितों ने गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि क्रूज में करीब 40 लोग सवार थे, लेकिन किसी ने लाइफ जैकेट नहीं पहना था। जब क्रूज पलटने लगा, तब जैकेट पहनने को कहा गया। आरोप है कि सबसे पहले चालक ही अपने साथियों के साथ मौके से भाग गया। ये खबरें भी पढ़ें… डूबते क्रूज में लाइफ जैकेट ढूंढते रहे यात्री जब क्रूज डूब रहा था, लोग लाइफ जैकेट तलाशते रहे। वह कैबिन में सील पैक हालत में बंद मिली। जबलपुर में नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बाद भी यात्रियों को बिना लाइफ जैकेट चढ़ाया गया। हादसे में बचे रोशन आनंद ने बताया कि क्रूज पर सवार होने के दौरान किसी यात्री को लाइफ जैकेट नहीं दी गई। क्रूज डगमगाते ही लोग आधे घंटे इधर-उधर भागते रहे। पढ़ें पूरी खबर…
