जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज पलटने से तमिलनाडु के एक ही परिवार के कई सदस्य डूब गए। परिवार के 7 सदस्यों में से केवल 10 साल का पूवीथरन और उसकी 12 साल की कजन ही सुरक्षित बच पाए हैं। अब तक तीन शव बरामद हो चुके हैं, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है। कामराज (मूल निवासी: त्रिची, तमिलनाडु) जबलपुर की आयुध निर्माणी में मशीनिस्ट के पद पर तैनात थे। वे अपनी छुट्टियां बिताने के लिए आए अपने सास-ससुर, छोटे भाई, साली और बेटी के साथ बरगी डैम घूमने निकले थे। दोपहर में भेड़ाघाट की सैर और रोप-वे का आनंद लेने के बाद परिवार करीब 3:30 बजे बरगी डैम रिजॉर्ट पहुंचा था। दैनिक भास्कर ने हादसे में बचे 10 साल के पूवीथरन से बात की। जानिए उस भयावह मंजर की पूरी कहानी…पूवीथरन की जुबानी… एक अंकल आए, उन्होंने रस्सी फेंककर जान बचाई हादसे में बचे 10 वर्षीय पूवीथरन ने उस डरावने मंजर को याद करते हुए बताया कि शुरुआत में मौसम बिलकुल साफ था। क्रूज पर एक बच्चे का जन्मदिन भी मनाया गया। वापस लौटते समय तेज हवाएं चलने लगीं और लहरें बेकाबू हो गईं। पूवीथरन के मुताबिक, क्रूज पर केवल बच्चों ने लाइफ जैकेट पहनी थी। जब क्रूज बुरी तरह हिलने लगा, तब बाकी लोगों ने जैकेट पहनना शुरू किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। क्रूज पलटने के बाद पूवीथरन लहरों से लड़ते हुए किनारे की ओर आ रहा था, तभी एक व्यक्ति ने रस्सी फेंककर उसकी जान बचाई। नाना-नानी के साथ गया त्रिचि हादसे के बाद पूवीथरन के पिता, छोटे भाई और मामा के बेटे का कुछ पता नहीं चल पाया है। शनिवार को काकुलाझी और सौभाग्यम के शव पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए हैं। जिला प्रशासन की मदद से दोनों शव को कार्गों विमान की मदद से गृह ग्राम भिजवाया गया है। नाना-नानी के साथ 10 साल का पूवीथरन भी बिन मां-बाप के त्रिचि चला गया। रीजनल मैनेजर बोले- नियमानुसार चल रहा था क्रूज हादसे के बाद मुख्यालय अटैच हुए पर्यटन विभाग के रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा सफाई देने में जुटे हुए हैं। उनका कहना है कि सब कुछ नियमानुसार चल रहा था। 5 बजकर 25 मिनट पर क्रूज निकला। ठीक रास्ते से जब वापस आ रहा था, तभी 6 बजकर 10 मिनट पर एकदम से साइक्लोन आया। पानी की लहरें तेजी से उठने लगीं। कैप्टन ने क्रूज किनारे लगाने की बहुत कोशिश की, पर वह सफल नहीं हो पाए। रीजनल मैनेजर ने क्रू में बैठे लोगों की बातों को झुठलाते हुए दावा किया है कि क्रूज में जितने भी लोग बैठे थे, सभी ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी। घटना की जानकारी मिलते ही मिनी क्रूज, बोट को फौरन घटना स्थल भेजा गया। लहरें तेज होने के कारण क्रूज कंट्रोल नहीं हो पाया। संजय मल्होत्रा के मुताबिक, क्रूज चला रहे कैप्टन पूरी तरह से प्रशिक्षित हैं। वे 10 साल से यही क्रूज चला रहे थे। 2023 के बाद नहीं हुआ क्रूज का फिटनेस टेस्ट क्रूज का फिटनेस अंतिम बार कब हुआ था, इसकी जानकारी आरएम संजय मल्होत्रा को नहीं है। हमने जब उनसे सवाल पूछा तो उनका कहना था कि यह देखकर बताया जा सकता है। सूत्र बताते हैं कि 30 अप्रैल को जो क्रूज पानी में डूबा है, उसकी अंतिम बार 2023 में फिटनेस जांच कराई गई थी। यह खबर भी पढ़ें… जबलपुर क्रूज हादसा: एनडीआरएफ ने दो बच्चों के शव निकाले: अब तक 11 मौतें, दो लापता मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे में शनिवार को रेस्क्यू के दौरान दो बच्चों के शव बरामद किए गए। इनमें श्रीतमिल (5) पिता कामराज और विराज सोनी (5) शामिल हैं। पढ़ें पूरी खबर
