एमपी में अब 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद होगी। सीएम डॉ. मोहन यादव ने बुधवार शाम को कहा था कि केन्द्र सरकार से गेहूं खरीदी का कोटा बढ़ाने के लिए चर्चा चल रही है। इसके बाद केन्द्र सरकार की ओर से गेहूं खरीदी का कोटा बढ़ाए जाने की सहमति मिल गई है। शिवराज को केन्द्रीय मंत्री ने दी जानकारी
केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र भेजकर एमपी में गेहूं खरीदी का कोटा बढ़ाए जाने की जानकारी दी है। ‘शिवराज ने केन्द्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री जोशी से गेहूं खरीदी को लेकर चर्चा की थी। इसका जिक्र जोशी ने अपने पत्र में किया है। सीएम ने कहा था वैश्विक परिस्थितियों के कारण आई दिक्कत मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी को लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण गेहूं के निर्यात में आई कमी और जूट के आयात में आ रही बाधाओं के बावजूद राज्य सरकार किसानों का एक-एक दाना खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में इस वर्ष ‘डबल’ हुई पैदावार को देखते हुए मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से गेहूं उपार्जन का निर्धारित कोटा बढ़ाने की अपील की है, ताकि बंपर उत्पादन का पूरा लाभ किसानों तक पहुंचाया जा सके। वैश्विक परिस्थितियों के कारण गेहूं एक्सपोर्ट नहीं हो पा रहा मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में वैश्विक परिदृश्य काफी जटिल है, जिसके कारण भारत से गेहूं का निर्यात लगभग न के बराबर हो रहा है। इसके साथ ही पश्चिम एशिया के युद्ध जैसे हालातों के चलते विदेशों से आने वाले जूट की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। इन विषम परिस्थितियों के बावजूद प्रदेश सरकार ने किसानों का साथ नहीं छोड़ा है और वैकल्पिक तौर पर पॉली बैग्स (पीपी बैग) की व्यवस्था कर गेहूं की खरीदी सुचारू रूप से शुरू कर दी है। अभी 78 लाख मीट्रिक टन खरीदी का था लक्ष्य
केन्द्र से अभी तक मध्य प्रदेश में 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का कोटा निर्धारित किया गया था। पिछले साल प्रदेश में 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी। इस बार किसान गेहूं खरीदी के पहले इजराइल ईरान युद्ध के कारण जूट इम्पोर्ट करने और गेहूं एक्सपोर्ट में दिक्कत आई। इस वजह से खरीदी देरी से शुरु हो पाई। सरकार 5 एकड़ तक की जोत वाले किसानों का खरीद रही गेहूं
एमपी के चार संभागों भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम में 9 अप्रैल से और बाकी संभागों में 15 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू हुई है। सरकार सिर्फ 5 एकड़ तक की जोत वाले छोटे किसानों से गेहूं खरीद कर रही है। सरकार की ओर से कहा गया है कि छोटे किसानों के बाद मध्यम और फिर बडे़ किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा।
