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टीसीएस केस-जबरन धर्मांतरण में शामिल थी निदा खान:पुलिस का दावा-दो महीने की प्रेग्नेंसी का हवाला देकर अग्रिम जमानत मांगी

मुंबई के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में यौन उत्पीड़न मामले में कंपनी की प्रोसेस एसोसिएट आरोपी निदा खान अब तक फरार है। पुलिस ने दावा किया है कि वह जबरन धर्मांतरण में शामिल थी। सेशंस कोर्ट से गिरफ्तारी पर अंतरिम सुरक्षा नहीं मिलने के बाद पुलिस ने कहा है कि निदा खान की तलाश जारी है। उसने दो महीने की प्रेग्नेंसी का हवाला देकर अग्रिम जमानत के लिए नासिक सेशंस कोर्ट में अर्जी दी थी, लेकिन कोर्ट ने सोमवार को उसे 27 अप्रैल तक राहत देने से इनकार कर दिया था। अब अदालत 27 अप्रैल को अग्रिम जमानत याचिका और अंतरिम राहत याचिका दोनों पर सुनवाई करेगी। इस मामले में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि कंपनी की ज्यादातर पीड़िताएं मिडिल क्लास परिवारों से हैं। उनकी उम्र 21 से 30 साल के बीच है। वे एसोसिएट लेवल पर काम करती थीं और 20 हजार रुपए महीना सैलरी पाती थीं। पीड़ित इंजीनियर बोली- गुड़ी पड़वा के दौरान छेड़छाड़ हुई
पीड़ित महिला इंजीनियर ने 5 आरोपियों पर जून 2025 से मार्च 2026 के बीच लगातार यौन उत्पीड़न, पीछा करने (स्टॉकिंग) और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगाए हैं। उसने कहा कि एक आरोपी ने हिंदू देवी-देवताओं पर अपमानजनक टिप्पणी की। महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया कि उसका टीम लीडर ट्रेनिंग के बहाने उसे गलत तरीके से छूता था। वहीं, एक अन्य आरोपी ने ऑफिस की पेंट्री में गुड़ी पड़वा के दौरान उसके साथ छेड़छाड़ की। पीड़ित ने यह भी कहा कि उसकी शादीशुदा जिंदगी को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं।
पीड़ित का दावा- आरोपी सोशल मीडिया पर भी परेशान करते थे
पीड़ित के मुताबिक, उत्पीड़न सिर्फ ऑफिस तक सीमित नहीं था, बल्कि आरोपी सोशल मीडिया पर भी उसका पीछा कर रहे थे और परेशान कर रहे थे। उसने कई बार आरोपियों को ब्लॉक करने की कोशिश की, लेकिन स्टॉकिंग नहीं रुकी, जिसके बाद उसे कानूनी मदद लेनी पड़ी। TCS ने इस मामले पर कहा है कि कंपनी लंबे समय से किसी भी तरह के उत्पीड़न और दबाव के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाती है। नासिक ऑफिस में यौन उत्पीड़न के आरोपों में शामिल कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। कंपनी ने यह भी कहा कि शुरुआती जांच में उसे अपने एथिक्स या POSH (यौन उत्पीड़न रोकथाम) चैनलों पर किसी महिला कर्मचारी की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली थी। साथ ही, कंपनी ने आंतरिक जांच के लिए एक ओवरसाइट पैनल बनाने और बाहरी एजेंसियों को शामिल करने की घोषणा की है। —————–
ये खबर भी पढ़ें… नासिक TCS में यौन शोषण-धर्मांतरण केस के पीछे संगठित नेटवर्क:आर्थिक रूप से कमजोर नई कर्मचारियों को टारगेट करते थे
महाराष्ट्र के नासिक स्थित TCS कंपनी ऑफिस में धर्म परिवर्तन, यौन शोषण केस की पुलिस जांच में सामने आया है कि एक संगठित नेटवर्क नए कर्मचारियों को निशाना बनाता था। इस केस में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पूरी खबर पढ़ें…

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