स्टेट जीएसटी के 6 लाख करदाताओं के लिए 1 अप्रैल से प्रक्रिया बदलेगी। अब रिटर्न की रेंडम जांच संबंधित जोन या डिवीजन का अफसर नहीं, बल्कि दूसरे जोन के अधिकारी करेंगे। जैसे भोपाल जोन के रिटर्न की पड़ताल जबलपुर, इंदौर या ग्वालियर के अफसर करेंगे। प्रदेश में अभी 5 जोन और 15 डिवीजन हैं। रिटर्न कंप्यूटर से रेंडम चुने जाएंगे और दूसरे जोन के अधिकारी यह जांच करेंगे कि कहीं टैक्स छिपाने की कोशिश तो नहीं हुई। गड़बड़ी मिलने पर केस दर्ज होगा और फिर संबंधित जोन में कार्रवाई होगी। इस बदलाव से स्थानीय स्तर पर मनमानी की शिकायतें कम होने की उम्मीद है। आयकर विभाग यह व्यवस्था पहले ही लागू कर चुका है और केंद्र के निर्देश पर मप्र अप्रैल 2026 से इसे लागू करने वाला पहला राज्य बनेगा। वाणिज्यिककर आयुक्त अनय द्विवेदी बोले- इन बदलावों से करदाताओं को सहूलियत होगी। फेस-लेस की तरफ सुनवाई 1 अप्रैल से अपील की सुनवाई पूरी तरह ‘फेसलेस’ होगी। करदाता, वकील या प्रेक्टिशनर को दफ्तर नहीं जाना पड़ेगा, वे जहां होंगे वहीं से ऑनलाइन जुड़ सकेंगे। खास कारण होने पर ही लिखित आवेदन देकर फिजिकल सुनवाई की अनुमति मिलेगी।
