भोपाल से जुड़े प्रमुख रेल रूट्स पर ट्रेनों का संचालन तेज और सुरक्षित बनाने के लिए रेलवे ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम लागू करने की तैयारी कर रहा है। भोपाल-बीना सेक्शन के शेष 87 किमी और उज्जैन-नागदा रूट पर यह अपग्रेड किया जाएगा।
इन रूट्स पर धार्मिक आयोजनों के दौरान भारी भीड़ रहती है, जिससे ट्रेनों का संचालन प्रभावित होता है। नई तकनीक से एक ही ट्रैक पर अधिक ट्रेनें चलाई जा सकेंगी और भीड़ प्रबंधन आसान होगा। ऐसे काम करेगा सिस्टम
ट्रैक पर हर 1-2 किमी पर सिग्नल लगाए जाएंगे। एक ट्रेन के आगे बढ़ते ही पीछे के सिग्नल स्वत: बदल जाएंगे, जिससे अगली ट्रेन सुरक्षित दूरी पर चल सकेगी। किसी तकनीकी खराबी की स्थिति में पीछे की ट्रेन को तुरंत अलर्ट मिलेगा और दुर्घटना की आशंका कम होगी। कम रुकावट, कम समय में यात्रा
इस सिस्टम से ट्रेनों को बार-बार स्टेशनों पर रुकने की जरूरत कम होगी, जिससे यात्रा समय घटेगा। साथ ही स्टेशनों का भी आधुनिकीकरण किया जाएगा। सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया के अनुसार ऑटो सिग्नलिंग से पंक्चुएलिटी बेहतर होगी, मानवीय त्रुटियां कम होंगी और संचालन तेज होगा। रेलवे का लक्ष्य सिंहस्थ से पहले इस प्रोजेक्ट को चरणबद्ध तरीके से पूरा करना है। आरकेएमपी : नई व्यवस्था से पानी सप्लाई होगी मजबूत पंप हाउस विस्तार पर 7.50 करोड़ खर्च रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए रेलवे प्रशासन ने पंप हाउस के विस्तार और पुरानी पाइपलाइन बदलने का फैसला किया है। इस पर करीब 7.50 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यात्रियों की बढ़ती संख्या के कारण पानी की मांग भी बढ़ी है और कई बार कमी की शिकायतें सामने आई हैं। इसी को देखते हुए पंप हाउस की क्षमता बढ़ाई जा रही है। सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया के अनुसार नई उच्च क्षमता वाली मोटरें लगाई जाएंगी, पानी स्टोरेज के लिए बड़े टैंक बनाए जाएंगे और पूरी सप्लाई व्यवस्था को आधुनिक किया जाएगा। साथ ही पुरानी पाइपलाइन हटाकर नई लाइन डाली जाएगी, जिससे लीकेज और पानी की बर्बादी रुकेगी। काम पूरा होने के बाद स्टेशन पर पानी की सप्लाई नियमित और बेहतर हो जाएगी। खासतौर पर गर्मी में भी यात्रियों को परेशानी नहीं होगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे स्टेशन की आधारभूत सुविधाएं मजबूत होंगी और हर प्लेटफॉर्म व वेटिंग एरिया में पर्याप्त साफ पानी उपलब्ध रहेगा।
