राजधानी रायपुर में एक 19 साल के युवक ने शहर के 4 छोटे व्यापारियों से 15 लाख की ठगी की है। कृष पवार (19) 10वीं पास है। वह छिंदवाड़ा का रहने वाला है। 6 महीने पहले रायपुर में फाइनेंस क्षेत्र में जॉब करने के लिए आया था। अपनी खुद की मोबाइल दुकान खोलना चाहता था, इसलिए उसने दूसरे के नाम पर लोन निकलवाया। मामला मौदहापारा थाना क्षेत्र का है। कृष ने शहर के एमजी रोड में ठेला लगाने वाले व्यापारियों को निशाना बनाया और उनके मोबाइल में बैंक एप्लीकेशन डाउनलोड कर प्री अप्रूव्ड लोन अप्लाई कर दिया। पैसा मिलने के बाद अपने खाते में ट्रांसफर कर लिया। पीड़ितों की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अब सिलसिलेवार जानिए पूरा घटनाक्रम मुदित पाठे उर्फ कृष पवार (19) मुख्य रुप से मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा का रहने वाला है। उसने दसवीं तक पढ़ाई की। फिर फाइनेंस सेक्टर में काम करने की इच्छा लेकर रायपुर आया था। आरोपी ने पुलिस को बताया कि, वह रायपुर के गुढ़ियारी क्षेत्र में पहले किराए से रहा। फिर डोरमेट्री में ठहरकर ठेले वालों और छोटे व्यापारियों से धीरे-धीरे मेलजोल बढ़ाता था। उसने ऑनलाइन फाइनेंस, कैशबैक, इन्वेस्टमेंट ऐप्स से बेस्ट कैशबैक, प्रोमो कोड और रेफरल कोड की जानकारी ली। शुरू में पीड़ितों को प्रॉफिट दिलवाने लगा। जिससे व्यापारी भरोसा करने लगे इसके बाद युवक ने पीड़ितों के आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य निजी डॉक्यूमेंट भी ले लिए। शुरुआत में वह लोन निकालने के प्रोसेस में व्यापारियों की हेल्प करता था। इसके बाद उसने अलग-अलग फाइनेंस एप्लीकेशन के जरिए पीड़ितों के नाम पर प्री-अप्रूव्ड लोन निकाले। लोन के पैसे को अपने खाते में चैनलाइज किया गया। इन कारोबारियों से हुई ठगी गुपचुप लगाने वाले से साढ़े 4 लाख की ठगी आज़ाद चौक थाना क्षेत्र के निवासी दौलत कुशवाहा (32) ने पुलिस को बताया कि वह एमजी रोड पर ठेला लगाकर गुपचुप का व्यवसाय करता है। करीब तीन महीने पहले उसकी पहचान कृष पवार नाम के युवक से हुई, जो खुद को बैंकों से लोन दिलाने वाला बताता था। दौलत ने अपनी बहन की शादी के लिए पैसों की जरूरत बताई और किरिश से लोन दिलाने की बात की। इसी दौरान आरोपी ने उसका आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक ले लिया। आरोपी ने रकम अपने खाते में ट्रांसफर की पीड़ित के मुताबिक, कृष ने उसकी जानकारी के बिना एक्सिस बैंक, डूंडा शाखा के खाते से 80,035 रुपए का लोन पास करा दिया। जब दौलत ने बताया कि उसे लोन की जरूरत नहीं है, तो आरोपी ने मोबाइल लेकर रकम बैंक में वापस करने का झांसा दिया, लेकिन असल में पूरा पैसा अपने खाते में ट्रांसफर कर लिया। इतना ही नहीं, आरोपी ने बाद में IDFC बैंक से भी दौलत की केवाईसी का गलत इस्तेमाल करते हुए 3,84,000 रुपए का दूसरा लोन पास कराया। रकम खाते में आते ही उसने तुरंत अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। बिना पैसे लिए ही किस्त भरने को मजबूर पीड़ित के अनुसार, आरोपी ने क्रोमो कोड वाउचर और कैशबैक का लालच देकर उसके भरोसे का गलत फायदा उठाया। पीड़ित बिना पैसे निकाले अब भी लोन की किस्तें हर महीने भर रहा है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने जांच कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि आरोपी ने इसी तरीके से अब्दुल हन्नान, सिराज सोलंकी और रोजिना सोलंकी के साथ भी ठगी की है। किसी से 6 लाख तो किसी से 80 हजार 80 हजार की ठगी हुई है। आरोपी बोला- पैसों की जरूरत थी, इसलिए ऐसा किया पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार होने के बाद आरोपी ने बताया कि उसके पिता पहले इंश्योरेंस क्षेत्र में कार्यरत थे। कोरोना काल के बाद आर्थिक रूप से कमजोर हो गए थे। इसके बाद उसने दसवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी और ऑनलाइन ऐप्स व पोर्टल के माध्यम से फाइनेंस व निवेश से संबंधित जानकारी हासिल की। ठगी के पैसे से मोबाइल दुकान खोलना था आरोपी ने कहा कि उसका मकसद ठगी से एकत्र की गई राशि से छिंदवाड़ा में मोबाइल दुकान स्थापित करना था। कोतवाली एसीपी दीपक मिश्रा ने बताया कि रायपुर पुलिस आरोपी के खिलाफ आगे कार्रवाई कर रही है। उसके कब्जे से दर्जनभर बैंक कार्ड्स, क्रेडिट कार्ड, पासबुक, चेकबुक और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। …………………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… रायपुर में कारोबारी से 11 करोड़ की ठगी: हाई-टेक एब्रेसिव्स कंपनी ने बैंक में गिरवी रखी जमीन बेची; डायरेक्टर समेत 3 आरोपी गिरफ्तार, 9 फरार राजधानी रायपुर में कारोबारी से जमीन के नाम पर 11 करोड़ 51 लाख की ठगी हुई है। पीड़ित ने हाई-टेक एब्रेसिव्स प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़े डायरेक्टर, प्रमोटर शेयर होल्डरों और प्रॉपर्टी ब्रोकर पर आरोप लगाया है। मामला सरस्वती नगर थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…
