महाकुंभ से चर्चा में आईं भोपाल की हर्षा रिछारिया एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनका एक वीडियो है, जिसमें उन्होंने ‘लव जिहाद’ जैसे संवेदनशील और विवादित मुद्दे पर अपनी बात रखी है। खास बात यह है कि उन्होंने इस विषय को किसी सामान्य बहस की तरह नहीं, बल्कि अपने निजी अनुभव से जोड़ते हुए समझाने की कोशिश की है। वीडियो में उन्होंने मोहम्मद अशहर द्वारा भेजे गए लगातार मेल्स का जिक्र करते हुए बताया कि किस तरह यह पूरी बातचीत उन्हें एक बड़े सामाजिक मुद्दे पर सोचने के लिए प्रेरित करती है। हर्षा रिछारिया के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में उन्हें एक मोहम्मद अशहर नाम के व्यक्ति के कई मेल मिले। इन मेल्स में उसने बार-बार उनका हालचाल पूछा। उसने यह जानने की कोशिश की कि वह कैसी हैं?, कहां हैं?, उनकी तबीयत ठीक है या नहीं? और वह सोशल मीडिया पर पोस्ट क्यों नहीं कर रही हैं?। इतना ही नहीं, उसने उनके करियर और भविष्य को लेकर भी चिंता जताई। उसने कहा कि नाम और फेम से आगे बढ़कर आय के स्थायी स्रोत और भविष्य की योजनाओं पर भी ध्यान देना जरूरी है। हर्षा ने बताया कि उस शख्स ने कभी भी उनके लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि एक सामान्य इंसान की तरह संवेदनशीलता के साथ बात की। मेल से शुरू हुई कहानी, समाज की सोच तक पहुंची बात वीडियो में हर्षा ने इस अनुभव को आधार बनाते हुए कहा कि यही वह स्थिति होती है, जहां से कई बार लड़कियां गलत दिशा में चली जाती हैं। उन्होंने कहा कि जब किसी लड़की को अपने ही समाज और करीबी लोगों से समर्थन की जरूरत होती है, तब उसे अक्सर आलोचना, ताने और उपहास का सामना करना पड़ता है। उसे ‘फेक’, ‘पाखंडी’, ‘दिखावटी’ जैसे शब्दों से संबोधित किया जाता है, जिससे वह मानसिक और भावनात्मक रूप से कमजोर हो जाती है। हर्षा का कहना है कि जब कोई व्यक्ति लगातार इस तरह के व्यवहार का सामना करता है, तो उसके भीतर एक खालीपन और असुरक्षा की भावना पैदा हो जाती है। ऐसे में अगर कोई बाहरी व्यक्ति सहानुभूति दिखाता है, हालचाल पूछता है और भावनात्मक सहारा देता है, तो वह जल्दी भरोसा जीत लेता है। ‘यहीं से शुरू होता है ब्रेनवॉश’ हर्षा रिछारिया ने दावा किया कि इसी भावनात्मक स्थिति से ‘लव जिहाद’ की शुरुआत होती है। उन्होंने कहा कि यह कड़वा सच है कि इसमें कहीं न कहीं कमी अपने ही समाज की होती है, जो अपने लोगों को समय पर समर्थन नहीं दे पाता। वीडियो के अंत में उन्होंने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह वास्तविकता भले ही असहज लगे, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जानिए कौन हैं हर्षा
प्रयागराज महाकुंभ में निरंजनी अखाड़े के पेशवाई के रथ पर बैठने पर हर्षा रिछारिया चर्चा में आईं थीं। पेशे से मॉडल, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हर्षा रिछारिया का साध्वी रूप देखकर संत समाज के लोगों ने आपत्ति जताई थी। मामले को तूल पकड़ता देख उन्होंने बीच में ही महाकुंभ छोड़ दिया था। रोते हुए उन्होंने मीडिया सुसाइड की धमकी भी दी थी। रिछारिया का परिवार मूलत:उत्तर प्रदेश के झांसी का रहने वाला है। उनके पिता दिनेश बस कंडक्टर और मां किरण रिछारिया बुटीक चलती हैं। एक भाई कपिल भी है जो प्राइवेट जॉब करता है, पूरा परिवार मध्य प्रदेश के भोपाल में रहता है। हालांकि, हर्षा उत्तराखंड में रहती हैं। हर्षा पीले वस्त्र, रुद्राक्ष माला और माथे पर तिलक धारण करती हैं। वह आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज की शिष्या हैं। आपत्तिजनक पोस्ट पर हर्षा रिछारिया की चेतावनी प्रयागराज में संगम में स्नान करके श्रद्धालु लौट रहे हैं। सामने 3 लोग चार्ट लेकर खड़े हैं। किसी में लिखा है- अपनी बेटी को लव जिहाद से बचाओ तो किसी में लिखा है कब तक हिंदू कटता रहेगा? ये बैनर लेकर खड़े लोग कहते हैं कि लोगों को हम लव जिहाद को लेकर जागरूक कर रहे। बात सिर्फ इतनी नहीं, पूरे मेले में लव जिहाद को लेकर चर्चा है। कहीं नागा साधु तो कहीं शंकराचार्य इस मामले में खुलकर बोल रहे।पढ़ें पूरी खबर
