निमाड़-मालवा के मशहूर गणगौर त्योहार की धूम मची हुई है। सेंधवा शहर में सोमवार को माता के रथ बोड़ाए गए, जिनका विसर्जन मंगलवार को होगा। वहीं, धनोरा और आस-पास के गांवों में सोमवार को ही माता को विदाई दे दी गई। शाम ढलते ही शहर और गांवों की गलियां ढोल-ताशों और डीजे की गूंज से भर उठीं। सेंधवा में सोमवार शाम 6 बजे के बाद जगह-जगह से माता के बड़े-बड़े चल समारोह निकाले गए। जोगवाड़ा रोड, अभिनव कॉलोनी और माझी कहार समाज के लोग रथों के साथ नाचते-गाते रात करीब 9:30 बजे राम बाजार पहुंचे। यहां माता की पूजा की गई और धानी-नारियल का प्रसाद चढ़ाया गया। भीड़ को देखते हुए पुलिस भी मुस्तैद रही और हाईवे पर कुछ देर के लिए गाड़ियों को रोका गया। धनोरा में भजनों पर झूमे लोग धनोरा में तीन दिनों से चल रहे इस उत्सव का समापन सोमवार को हुआ। श्रीराम चौक से विसर्जन यात्रा शुरू हुई, जो बस स्टैंड होते हुए झिरीजामली रोड पहुंची। रास्ते भर महिलाएं गणगौर के पारंपरिक गीत गाती और गरबा करती दिखीं। आखिर में श्रद्धालुओं ने भारी मन से माता को विदाई दी और डेब नदी के तालाब में ज्वारों का विसर्जन किया। विसर्जन से पहले गांव में भंडारा भी किया गया, जिसमें सभी ने प्रसाद पाया।
