सीधी में जिला विपणन कार्यालय की 40 करोड़ रुपए से अधिक की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का मामला सामने आया है। आरोप राकू कामदार ने इस भूमि पर रातों-रात 11 सिर वाली हनुमान जी की मूर्ति स्थापित कर मंदिर निर्माण शुरू कर दिया है। उसका कहना है कि भगवान ने सपने में मुझे मंदिर बनवाने के लिए कहा था इसलिए बनवाया। इसमें किसी अनुमति लेने की कोई जरूरत ही नहीं। इस संबंध में जिला विपणन कार्यालय के अधिकारियों ने प्रशासन से शिकायत की है। प्रभारी जिला विपणन अधिकारी मंजुलता गौतम ने बताया कि विभाग ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करने के साथ ही कोतवाली थाना प्रभारी, एसडीएम, तहसीलदार और कलेक्टर को लिखित शिकायत दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि 1 जनवरी की रात अंधेरे का फायदा उठाकर मूर्ति स्थापित की गई थी। अधिकारी से अभद्रता और गाली-गलौज मंजुलता गौतम के अनुसार, पटवारी को मौके पर भेजकर जमीन का नाप और स्थल पंचनामा कराया गया, जिसमें भूमि शासकीय पाई गई। तहसीलदार स्तर पर हुई प्रारंभिक जांच में भी यह पुष्टि हुई है कि संबंधित भूमि राकू कामदार की निजी नहीं है। जिला विपणन अधिकारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि जब उन्होंने अतिक्रमण का विरोध किया, तो उनके साथ अभद्रता और गाली-गलौज की गई। इसके बाद उन्होंने थाना कोतवाली में आवेदन दिया। पटवारी कर रहा जांच कोतवाली थाना प्रभारी अभिषेक उपाध्याय ने पुष्टि की है कि उन्हें आवेदन प्राप्त हुआ है और मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार गोपद बनास राकेश शुक्ला ने भी बताया कि पटवारी जांच के आधार पर तथ्य जुटाए जा रहे हैं और शासकीय भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत को गंभीरता से लिया जा रहा है। आरोपी बोला- भगवान ने सपने में मंदिर बनवाने को कहा राकू कामदार ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि मंदिर उनकी निजी जमीन पर बन रहा है। उन्होंने दावा किया, “भगवान ने सपने में मंदिर बनवाने को कहा था, इसलिए मैंने मंदिर बनवाया। इसमें अनुमति लेने का कोई सवाल नहीं उठता।” विवादित भूमि की अनुमानित कीमत 40 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि राकू कामदार का इसी क्षेत्र में 14 दुकानों का एक बड़ा कॉम्प्लेक्स भी है।
