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सीएम हेल्पलाइन पर लापरवाही, 28 अफसरों को नोटिस:बैतूल कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी की चेतावनी- जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो वेतन काटा जाएगा

बैतूल कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने जिले के 28 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं और चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके वेतन से कटौती की जाएगी। यह कार्रवाई एक समीक्षा बैठक के दौरान सामने आई, जहां अधिकारियों द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायतों का समाधान न करने का मामला उजागर हुआ। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें ऊर्जा विभाग के सहायक प्रबंधक सीएल साकोम, यवन कुमार उइके, क्षितिज मरावी, मनोज इनवाती, योगेश अहिरकर, विजय गुजरे, जेई दीपक सोलंकी, सहायक प्रबंधक नितिन आसरेकर, राकेश पवार, प्रबंधक दीपशिखा इनवाती और सहायक प्रबंधक संतोष कुमार चंदेल शामिल हैं। इन अफसरों को भी दिए गए नोटिस इसके अलावा किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी ललित लहरपुरे, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी आशीष कुमार कुमरे, नगरीय विकास एवं आवास विभाग के सीएमओ अरुण श्रीवास्तव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बैतूल शिवानी राय, महिला एवं बाल विकास विभाग की सीडीपीओ प्रभारी गीता मालवीय और सीडीपीओ श्रीमती संगीता धुर्वे को भी नोटिस दिए गए हैं। राजस्व विभाग से तहसीलदार शाहपुर टी. विस्के, तहसीलदार प्रभातपट्टन यशवंत सिंह गिन्नारे, तहसीलदार मुलताई संजय बरैया, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के औषधि निरीक्षक संजीव जादौन को भी नोटिस जारी हुए हैं। जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों में प्रभात पट्टन से आंचल पवार, तीजा पवार, भैंसदेही से रितेश चौहान, प्रतिभा जैन, मुलताई से धर्मपाल सिंह मशराम और श्रम पदाधिकारी धम्मदीप भगत भी इस सूची में शामिल हैं। वेतन कटौती की जाएगी कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया या समय पर प्रस्तुत नहीं किया गया, तो प्रत्येक लंबित शिकायत के लिए जितने दिन शिकायत लंबित रही, उसी अनुपात में वेतन कटौती की कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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