‘बच्ची का मुंह और नाक तब तक दबाए रखा, जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। शव को करीब 12 घंटे तक घर के अंदर रजाई में छिपाकर रखा। देर रात शॉल में शव लपेटकर घर से करीब 500 मीटर दूर गेहूं के खेत में फेंक दिया, ताकि किसी बाहरी व्यक्ति पर शक हो।’ पुलिस के सामने यह कबूलनामा है डेढ़ साल की बच्ची की हत्या करने की आरोपी महिला का, जो रिश्ते में बच्ची की बड़ी मां यानी ताई लगती है। बता दें कि 23 फरवरी को सिंगरौली जिले के नेवारा गांव में बच्ची का शव मिला था। गढ़वा थाना पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पति और देवरानी के बीच अवैध संबंध के शक में उसने वारदात को अंजाम दिया। उसे लगता था कि यह बच्ची भी उसके पति की है। रविवार को आरोपी महिला रानी पनिका (28) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले की तह तक जाने के लिए दैनिक भास्कर ने एसपी मनीष खत्री से बात की। उन्होंने पूरी घटना को सिलसिलेवार बताया। शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कार्डियो रेस्पिरेटरी अरेस्ट एसपी के मुताबिक, 22 फरवरी को नेवारी गांव निवासी शंकर लाल पनिका ने बगदरा पुलिस चौकी में गुमशुदगी दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी 18 महीने की पोती प्रियांशु सुबह करीब 9 बजे से लापता है। अगले दिन, यानी 23 फरवरी की सुबह बच्ची का शव घर से करीब 500 मीटर दूर गेहूं के खेत में मिला। चितरंगी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उसका पोस्टमॉर्टम कराया गया। शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण कार्डियो रेस्पिरेटरी अरेस्ट बताया गया। इसके बाद परिजनों ने शव को दफना दिया। दोबारा पोस्टमॉर्टम में खुलासा- दम घुटने से हुई मौत परिवार वाले पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं थे। सवाल था कि इतनी छोटी बच्ची को हार्ट अटैक कैसे आ सकता है। 24 फरवरी को एसडीओपी राहुल सैय्याम को दोबारा जांच के लिए आवेदन दिया। पुलिस ने एसडीएम सौरभ मिश्रा से परमिशन लेकर दफनाए गए शव को कब्र से निकलवाया। इसके बाद रीवा मेडिकल कॉलेज भेजा गया। यहां दोबारा पोस्टमॉर्टम किया गया। जांच में सामने आया कि बच्ची की मौत दम घुटने से हुई है। बच्ची की नाक या मुंह दबाया गया है, जिससे वह सांस नहीं ले पाई। शरीर में चोट के निशान नहीं थे। इसके बाद पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की। दो दिन पहले पानी भरने को लेकर देवरानी से विवाद जांच में सामने आया कि घटना से दो दिन पहले देवरानी-जेठानी के बीच पानी भरने को लेकर विवाद हुआ था। दरअसल, आरोपी रानी के घर में पानी की मोटर खराब हो गई थी तो वह देवरानी के यहां पानी भरने गई थी। यहां बच्ची की मां ने मोटर बंद कर दी। कह दिया कि हमारी मोटर खराब है। पुलिस ने आसपास के लोगों से बात की। पता चला कि गांव के बाकी लोगों को वह पानी दे रही थी। कुछ देर पहले भी उसने पानी दिया था, लेकिन जेठानी पहुंची तो मोटर बंद कर दी। लोगों से पूछताछ में सामने आया कि रानी के पति संतोष और बच्ची की मां यानी उसकी देवरानी के बीच संबंध थे। पति-देवरानी पर शक, फिर बच्ची को क्यों मारा ? जांच अधिकारी विद्या वारिध तिवारी ने बताया कि जांच में सामने आया कि आरोपी महिला रानी पनिका और बच्ची की मां के बीच अकसर विवाद होता था। शक के आधार पर महिला से पुलिस ने पूछताछ शुरू की। पहले तो वह बरगलाती रही। सख्ती करने पर जुर्म कबूल लिया। दरअसल, आरोपी महिला को लगता था कि देवरानी के साथ उसके पति के अवैध संबंध हैं। इसे लेकर उसका पति से कई बार झगड़ा हो चुका था, लेकिन मामला थाने तक नहीं पहुंचा। आपसी समझाइश और परिवार की दबाव के चलते मामला शांत हो जाता था। इसी शक और जलन ने उसके मन में बदले की भावना पैदा कर दी। चूंकि उसे लगता था कि यह बच्ची भी पति की संतान है। बदला लेने के लिए उसने बच्ची की जान लेने का प्लान बनाया। मंदिर में पति को दिलाई गई थी कसम पुलिस के अनुसार, एक साल पहले आरोपी महिला और उसके पति के बीच इसी को लेकर विवाद हुआ था। उस समय गांव के लोग और परिवारजन मंदिर में इकट्ठा हुए थे। वहां आरोपी के पति को कसम दिलाई गई थी कि वह दूसरी महिला के पास नहीं जाएगा। बावजूद शक दूर नहीं हुआ। आरोपी महिला के तीन बच्चे हैं, जिसमें एक लड़का और दो लड़कियां हैं। पीड़ित महिला की दो बेटियां हैं, जिनमें से प्रियांशु छोटी थी। दोनों के पति मजदूरी करते हैं। दोनों के घर गांव में थोड़ी दूरी पर हैं। यह खबर भी पढ़ें… सिंगरौली में 18 माह की बच्ची का शव मिला सिंगरौली जिले के गढ़वा थाना क्षेत्र के नेवारी गांव में 18 महीने की एक बच्ची का शव गेहूं के खेत में मिला है। बच्ची का शव उसके घर से लगभग एक किलोमीटर दूर पाया गया। इस घटना की सूचना मिलते ही गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। पढ़ें पूरी खबर
