पक्षियों से होने वाली ट्रिपिंग रोकने के लिए बिजली कंपनी अब सप्लाई लाइनों को बर्ड गार्ड से कवर कर रहे हैं। इन गार्ड के कारण पक्षियों से सप्लाई लाइनें ट्रिपिंग का शिकार नहीं हो सकेंगी। मप्र पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने ग्वालियर संभाग में अतिरिक्त उच्च दाब (ईएचटी) लाइनों पर पक्षी सुरक्षा उपकरणों की स्थापना का कार्य युद्ध स्तर पर तेज कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि ग्वालियर और उसके आसपास के क्षेत्र, विशेषकर चंबल नदी के किनारे, झीलों और आर्द्रभूमियों के पास से गुजरने वाली ट्रांसमिशन लाइनें हमेशा से पक्षियों के लिए काल साबित होती रही हैं। सर्दियों के मौसम में यहाँ साइबेरिया और अन्य ठंडे प्रदेशों से हजारों किलोमीटर का सफर तय कर प्रवासी पक्षी आते हैं। भारी और नीचे उड़ान भरने वाले पक्षी और स्थानीय प्रजाति के मोर या शिकारी पक्षी अनजाने में इन उच्च दाब वाली लाइनों के संपर्क में आ जाते थे। जिस कारण पक्षियों की मौके पर ही मौत हो जाती है, और जोरदार शॉर्ट सर्किट के कारण लाइनें ट्रिप हो जाती हैं। इससे ग्वालियर संभाग के बड़े हिस्से में घंटों बिजली गुल रहती थी और महंगे तकनीकी उपकरणों को नुकसान पहुंचता है। इन तीन उपकरणों के कारण पक्षी भी बचेंगे और बिजली भी गुल नहीं होगी 1 हजार किमी का सुरक्षा घेरा, ग्वालियर भी शामिल
एमपी ट्रांसको के आंकड़ों के अनुसार, ग्वालियर संभाग सहित प्रदेश की संवेदनशील लाइनों पर अब तक 1 हजार किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में ये सुरक्षा इंतजाम किए जा चुके हैं। आधिकारिक के मुताबिक अब तक 1,53,384 बर्ड गार्ड, 4,983 प्रिवेंटर और 4,705 डाइवर्टर्स लगाए गए हैं। यह काम पूरे प्रदेशभर में किया जा रहा है।
