अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन का 12 फीट ऊंचा स्टैच्यू लगाया गया है। इसमें दोनों टाइटैनिक फिल्म के मशहूर ‘किंग ऑफ द वर्ल्ड’ पोज में खड़े नजर आ रहे हैं। इस स्टैच्यू को गुमनाम कलाकार समूह ‘द सीक्रेट हैंडशेक’ ने नेशनल मॉल के पास लगाया है। कुछ लोग इसे राजनीतिक कला और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उदाहरण बता रहे हैं, जबकि कई लोगों ने इसे आपत्तिजनक बताया है। व्हाइट हाउस की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पहले भी ट्रम्प और एपस्टीन का ऐसा स्टैच्यू लग चुका है। स्टैच्यू पर मेक अमेरिका सेफ अगेन लिखा स्टैच्यू के आसपास बैनर लगाए गए हैं, जिन पर दोनों की तस्वीरों के साथ ‘मेक अमेरिका सेफ अगेन’ जैसे नारे लिखे गए हैं। स्टैच्यू में एपस्टीन आगे खड़ा है और ट्रम्प उनके पीछे हाथ फैलाए दिखाई दे रहे हैं। यह पोज हॉलीवुड फिल्म ‘टाइटैनिक’ (1997) के मशहूर सीन से प्रेरित है। इस फिल्म में अभिनेता लियोनार्डो डिकैप्रियो ने जैक डॉसन का किरदार निभाया था, जबकि केट विंसलेट ने रोज के रोल में थीं। फिल्म के एक फेमस सीन में जैक जहाज के अगले हिस्से पर खड़ा होकर हाथ फैलाता है और कहता है- “आई एम द किंग ऑफ द वर्ल्ड” (मैं दुनिया का राजा हूं)। यह सीन हॉलीवुड के सबसे आइकॉनिक सीन में गिना जाता है। पहले भी लग चुकी है ऐसी मूर्ति यह पहली बार नहीं है जब इस समूह ने ऐसा स्टैच्यू लगाया है। 2025 में इसी समूह ने बेस्ट फ्रेंड फारेवर नाम की मूर्ति लगाई थी, जिसमें ट्रम्प और एपस्टीन को हाथ पकड़कर खड़े दिखाया गया था। जेफ्री एपस्टीन कौन था? जेफ्री एपस्टीन अमेरिका का फाइनेंसर था, जिस पर नाबालिग लड़कियों की सेक्स ट्रैफिकिंग और यौन शोषण का नेटवर्क चलाने के गंभीर आरोप लगे थे। 2019 में उसे गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उसी साल न्यूयॉर्क की जेल में उसकी मौत हो गई। 1990 के दशक और शुरुआती 2000 के दौर में ट्रम्प और एपस्टीन को कुछ सामाजिक कार्यक्रमों और पार्टियों में साथ देखा गया था। हालांकि बाद में ट्रम्प ने कहा था कि उनका एपस्टीन से संबंध काफी पहले खत्म हो गया था और उन्होंने उसे अपने क्लब से बैन कर दिया था। एपस्टीन फाइलों में भारतीय नामों का जिक्र जेफ्री एपस्टीन से जुड़े कुछ ईमेल में भारत और भारतीय मूल के कुछ लोगों के नामों का जिक्र सामने आया था। इनमें दीपक चोपड़ा, अनिल अंबानी, हरदीप सिंह पुरी, मीरा नायर और अनुराग कश्यप जैसे नाम शामिल बताए गए। हालांकि इन नामों का जिक्र केवल संपर्क या बातचीत के संदर्भ में सामने आया था। किसी के खिलाफ अपराध में शामिल होने का आरोप साबित नहीं हुआ है।
