न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने चेतावनी दी है कि अगर राज्य के नेता अमीर लोगों और कॉर्पोरेशन्स पर ज्यादा टैक्स लगाने की मंजूरी नहीं देते हैं, तो न्यूयॉर्क में प्रॉपर्टी टैक्स में इजाफा करना पड़ सकता है। न्यूयॉर्क शहर में प्रॉपर्टी टैक्स कमाई का बड़ा जरिया है। टैक्स बढ़ने से सरकार को ज्यादा पैसा मिलेगा, जिससे वह अपने बजट घाटे को कम कर सकती है। हालांकि इससे महंगाई बढ़ जाएगी।
ममदानी ने कहा कि शहर के सामने मुश्किल विकल्प हैं। घाटा भरने के लिए उन्होंने दो रास्ते बताए। पहला रास्ता यह है कि अमीर लोगों और बड़ी कंपनियों पर टैक्स बढ़ाया जाए। दूसरा रास्ता यह है कि प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाया जाए और रिजर्व फंड से पैसा निकाला जाए। उन्होंने कहा कि यह विकल्प ज्यादा कठिन और नुकसानदेह है। ममदानी का कहना है कि न्यूयॉर्क शहर राज्य को ज्यादा सेवाएं देता है, लेकिन बदले में उसे उतना पैसा नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि अगर राज्य के कानून बनाने वाले कदम नहीं उठाते, तो शहर के पास दूसरा रास्ता अपनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रॉपर्टी टैक्स में करीब 9.5 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो यह पिछले 20 साल से ज्यादा समय में पहली बड़ी बढ़ोतरी होगी। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… अमेरिकी सेना ने कैरेबियन सागर में 3 जहाजों पर हमला किया, 11 लोगों की मौत अमेरिकी सेना ने सोमवार देर रात कैरेबियन सागर और प्रशांत महासागर में 3 नावों पर हमला किया। इसमें 11 लोगों की मौत हो गई है। अमेरिकी साउदर्न कमांड ने कहा कि इन नावों से ड्रग तस्करी को अंजाम दिया जा रहा था, इसलिए इन पर हमला किया गया। इसमें कोई अमेरिकी सैनिक घायल नहीं हुआ है। ट्रम्प प्रशासन पिछले साल सितंबर से ही कैरेबियन सी में कई जहाजों को निशाना बना चुका है। अमेरिकी डिफेंस डिपार्टमेंट के मुताबिक अब तक अमेरिकी सेना ने 40 से ज्यादा इस तरह के हमले किए हैं, जिनमें अब तक 130 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी हैं। अफगानिस्तान सरकार ने तीन पाकिस्तानी सैनिकों को छोड़ा; कहा- पिछले साल पकड़े थे, सऊदी अरब के कहने पर रिहाई अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने मंगलवार को कहा कि उसने 12 अक्टूबर को अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर लड़ाई के दौरान पकड़े गए तीन पाकिस्तानी सैनिकों को रिहा कर दिया है। सऊदी मीडिया के मुताबिक, इन सैनिकों को एक सऊदी प्रतिनिधिमंडल को सौंपा गया। तालिबान ने कहा कि यह फैसला रमजान के पवित्र महीने के सम्मान में और सऊदी अरब के अनुरोध पर लिया गया। बयान में कहा गया कि ये सैनिक 12 अक्टूबर को सीमा पर हुई झड़पों के दौरान पकड़े गए थे। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि उन्हें कब और किन परिस्थितियों में औपचारिक रूप से हिरासत में लिया गया था। अब तक पाकिस्तान सरकार ने इन सैनिकों की रिहाई पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है। यह रिहाई ऐसे समय में हुई है, जब तालिबान प्रशासन और इस्लामाबाद के बीच संबंध कई महीनों से तनावपूर्ण रहे हैं। पिछले साल के अंत में सीमा पर हुई झड़पों में दोनों तरफ से दर्जनों लोग मारे गए या घायल हुए थे। पाकिस्तान लगातार तालिबान से तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के खिलाफ कार्रवाई की मांग करता रहा है। उसका आरोप है कि टीटीपी के लड़ाके अफगानिस्तान की जमीन से काम कर रहे हैं। हालांकि, तालिबान इन आरोपों से इनकार करता रहा है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र की एक निगरानी टीम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के करीब 6,000 लड़ाके अफगानिस्तान में मौजूद हैं। पिछले साल तालिबान और पाकिस्तानी प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के दो दौर इस्तांबुल में हुए थे। इसके अलावा एक दौर दोहा में और एक सऊदी अरब में हुआ। दोहा में हुई पहली बातचीत के बाद अस्थायी संघर्षविराम लागू हुआ था, लेकिन बाद की बातचीत से कोई स्थायी समझौता नहीं हो सका। इसके बाद से दोनों देशों के बीच सीमा पार ट्रांजिट और व्यापार के लिए कई क्रॉसिंग बंद पड़ी हैं। इससे निवेशकों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। ट्रम्प ने जापान के साथ ट्रेड डील के शुरूआत की घोषणा की, जापान पहली किश्त के तहत 36 बिलियन डॉलर इन्वेस्ट करेगा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को जापान के साथ एक निवेश समझौते के शुरूआत का एलान किया है। जापान ने अमेरिका में कुल 550 बिलियन डॉलर का निवेश करने का वादा किया है, जो ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल के अंत तक, यानी जनवरी 2029 तक पूरा होगा। यह समझौता पिछले साल जुलाई में हुआ था, जिसमें जापान ने अमेरिका में निवेश करने के बदले अपनी कारों और अन्य सामानों पर लगने वाले अमेरिकी टैरिफ को कम करवाया था। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करके बताया कि इस 550 अरब डॉलर की प्रतिबद्धता के तहत पहली परियोजनाओं की शुरुआत हो गई है। इनमें तीन बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं, जिनकी कुल लागत लगभग 36 बिलियन डॉलर है। पहली परियोजना जॉर्जिया राज्य में क्रिटिकल मिनरल्स की है, जहां सिंथेटिक डायमंड या अन्य महत्वपूर्ण खनिजों का उत्पादन होगा, जो अमेरिका की विदेशी निर्भरता कम करने में मदद करेगा। दूसरी परियोजना टेक्सास राज्य में तेल और गैस की सुविधाओं की है, जिसमें गल्फ कोस्ट पर एक डीपवॉटर क्रूड ऑयल एक्सपोर्ट सुविधा और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) प्रोजेक्ट शामिल हैं, जो अमेरिकी ऊर्जा निर्यात को बढ़ावा देंगे। तीसरी परियोजना ओहियो राज्य में पावर जेनरेशन प्लांट की है, जो एक बहुत बड़ा नेचुरल गैस पावर प्लांट होगा। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ये प्रोजेक्ट बहुत बड़े स्तर के हैं और इन्हें लागू करने में टैरिफ की अहम भूमिका रही है। उन्होंने इसे अमेरिका और जापान के लिए ऐतिहासिक समय बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका फिर से निर्माण कर रहा है, उत्पादन कर रहा है और जीत रहा है। पिछले हफ्ते वॉशिंगटन में जापान के उद्योग मंत्री रयोसी अकाजावा और अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक के बीच बैठक हुई थी, जहां पहले दौर के निवेश में तेजी लाने पर सहमति बनी। ये निवेश रणनीतिक क्षेत्रों जैसे क्रिटिकल मिनरल्स, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऊर्जा पर केंद्रित हैं, जो दोनों देशों की राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक हितों को मजबूत करेंगे। न्यूयॉर्क में चर्च में धमाका, फायरफाइटर समेत 5 लोग घायल न्यूयॉर्क के एक चर्च में एक जोरदार धमाका हुआ जिसमें एक फायरफाइटर समेत पांच लोग घायल हो गए। बिल्डिंग में गैस की गंध की रिपोर्ट मिली थी जिसके बाद अग्निशमन विभाग यहां आया था। न्यूयॉर्क स्टेट पुलिस धमाके के कारण की जांच कर रही थी, जो सिरैक्यूज़ से लगभग 50 मील (80 किलोमीटर) उत्तर-पूर्व में एक ग्रामीण इलाके में एबंडेंट लाइफ फेलोशिप चर्च में सुबह करीब 10:30 बजे हुआ। पांच लोगों को इलाज के लिए लोकल हॉस्पिटल ले जाया गया। दो की हालत गंभीर बताई गई, जिसमें एक फायरफाइटर भी शामिल है जो मौके पर पहुंचा था। पुलिस ने बताया कि बाकी तीन लोगों की चोटों का इलाज किया जा रहा है। पुलिस ने कहा कि धमाके से जुड़ी कोई क्रिमिनल एक्टिविटी का शुरुआती संकेत नहीं मिला, जिससे हवा में काले धुएं का घना गुबार फैल गया और चर्च को बहुत नुकसान हुआ। स्टेट ट्रूपर्स के अनुसार, चर्च को प्रोपेन सिलेंडर से गर्म किया जाता था।
