लहार विधायक अम्बरीष शर्मा (गुड्डू) रविवार दोपहर 12 बजे से भाटनताल मैदान पर धरने पर बैठ गए हैं। विधायक का यह मोर्चा इलाके की कई बड़ी समस्याओं और प्रशासन की ढिलाई के खिलाफ है, जिसमें सबसे बड़ा मुद्दा एक मोहल्ले के रास्ते पर हुए कब्जे का है। विधायक अम्बरीष शर्मा ने पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. सिंह ने अनुसूचित जाति के मोहल्ले के आम रास्ते पर कब्जा करके अपना मकान बना लिया है। विधायक का कहना है कि इस मामले में डॉ. सिंह को कोर्ट से भी राहत नहीं मिली है, फिर भी रास्ता नहीं खोला जा रहा। इसी मांग को लेकर पीड़ित परिवार पिछले 20 महीनों से धरने पर बैठे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। राहुल गांधी से पूछे तीखे सवाल धरने के दौरान विधायक ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि एक तरफ राहुल गांधी दलितों के घर जाकर खाना खाते हैं और खुद को उनका हितैषी बताते हैं, वहीं दूसरी तरफ उन्हीं की पार्टी के कद्दावर नेता गरीबों का रास्ता रोककर उन पर जुल्म कर रहे हैं। विधायक ने राहुल गांधी से अपील की है कि वे अपने नेता को रास्ता खाली करने का निर्देश दें। डॉ. गोविंद सिंह बोले- गलत नाप-तोल कराई गई इधर, डॉ.गोविंद सिंह का कहना है कि मेरे मकान को लेकर प्रशासन और पूर्व कलेक्टर ने मुझे अपमानित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। हमारे पास इसके प्रमाण हैं कि किस तरह गलत नाप-तोल कराई गई और रिपोर्ट बदलवाई गई। मैं जिला प्रशासन से अनुरोध करता हूं कि वे निष्पक्ष रूप से जांच कर लें, मकान तोड़ने की कोई जरूरत नहीं होगी। हम गांधीवादी लोग हैं और हिंसा में विश्वास नहीं करते। उन्होंने कहा कि यह मकान मेरे नाम पर भी नहीं है। मेरे भाई के नाम जरूर छोटा सा प्लाट है। मैं शासन और प्रशासन से कहता हूं कि यदि यह जमीन शासकीय है, तो वे मुझे सिर्फ दस्तावेज दिखा दें। मैं खुद ही उसे एक मिनट में हटा लूंगा। मुझे प्रशासन के नोटिस या बुलडोजर की जरूरत नहीं है, अगर अतिक्रमण सिद्ध होता है, तो मैं 24 घंटे के अंदर उसे खुद साफ कर दूंगा। महंगी रेत और बिजली की समस्या से जनता बेहाल रास्ते के विवाद के साथ-साथ विधायक ने रेत खदानों और बिजली कंपनी की मनमानी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि लहार क्षेत्र की रेत खदानें बंद होने से लोग मकान नहीं बना पा रहे हैं। जो रेत की ट्रॉली कम दामों में मिलनी चाहिए, उसके लिए लहार के लोगों को 10 से 12 हजार रुपए देने पड़ रहे हैं। विधायक ने जनता से अपील की है कि वे अपनी समस्याएं लेकर इस धरने में शामिल हों। सोशल मीडिया से प्रशासन को लगी खबर हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े प्रदर्शन की जानकारी प्रशासन को सोशल मीडिया के जरिए मिली। लहार एसडीएम विजय सिंह यादव ने बताया कि उन्हें विधायक के धरने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं थी। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन मौके की स्थिति पर नजर रखे हुए है। लहार विधायक ने लहार विद्युत कंपनी की डीई पर आरोप लगाते हुए कहा कि डीई क्षेत्र में मनमानी कर रही हैं। डीई जिसका चाहे मनमर्जी से बिल बढ़ा रही हैं। अवैध रूप से वसूली हो रही है। इसकी लगातार लोग शिकायतें कर रहे हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं नहीं है। मण्डल अध्यक्ष बोले- बिजली कंपनी में भृष्टाचार चरम पर लहार मण्डल अध्यक्ष सुभाष अग्निहोत्री ने कहा कि लहार विद्युत कंपनी की डीई मैडम अपने ऑफिस में बैठकर मनमाने तरीके से किसानों के बिल और लोड बढ़ा रहीं हैं। जिस किसान की मोटर कम एचपी की थी, उसका लोड मनमाने तरीके से बढ़ाकर उनको बिल भेज दिए गए और राशि जमा न करने पर कार्रवाई की गई। वहीं अनेक आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया गया और जिन्होंने पैसे दिए, उनको वापिस नौकरी पर रख लिया गया।
