छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में ग्रामीणों को लकवाग्रस्त मरीज को खाट पर लादकर करीब 15 किलोमीटर तक पैदल ले जाना पड़ा। इसके बाद किसी तरह निजी वाहन की व्यवस्था कर मरीज को अस्पताल पहुंचाया गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामला मैनपुर ब्लॉक के कुल्हाड़ीघाट पंचायत के आश्रित ग्राम भालूडीग का है, जो 15 किलोमीटर ऊपर पहाड़ में बसा है। सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को पत्थरीले रास्ते से गुजरते हुए आदिवासी मरीज को खाट के सहारे नीचे लाना पड़ा। आरोप है कि डायल- 108 पर कॉल किया गया, लेकिन एम्बुलेंस नहीं मिली। इस पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी का कहना है कि परिजनों की ओर से कॉल नहीं किए जाने की वजह से कुल्हाड़ीघाट से एम्बुलेंस नहीं मिल सका। देखिए ये तस्वीरें- जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल ग्राम भालूडीग पहाड़ों में बसा हुआ है, जहां तक पहुंचने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं है। ग्रामीण पगडंडी और पत्थरीले रास्तों से होकर ही गांव आते-जाते हैं। बुधवार सुबह कमार जनजाति के 60 वर्षीय मनूराम कमार अचानक बेसुध होकर गिर गए। बिगड़ते हालत को देखते हुए उन्हें अस्पताल ले जाने का फैसला लिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने बांस के सहारे खाट तैयार किया, जिस पर मनूराम कमार को लिटाया गया। ग्रामीणों ने उसे उठाकर करीब 15 किलोमीटर नीचे उतारा। करीब डेढ़ घंटे बाद वे कुल्हाड़ीघाट मुख्यालय पहुंचे। आरोप है कि 108 पर कॉल करने के बावजूद एम्बुलेंस सेवा नहीं मिली। इसके बाद परिजन एक निजी वाहन किराए कर मनूराम को मैनपुर के सरकारी अस्पताल ले गए, हालांकि उनकी हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज जारी है। बीएमओ को नहीं थी जानकारी, बाद में दी सफाई जब इस मामले में मैनपुर के बीएमओ गजेंद्र ध्रुव से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं है, क्योंकि वे उस दिन मौजूद नहीं थे। घटना के 15 घंटे बाद भी उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। बाद में बीएमओ ने दोबारा कॉल कर बताया कि मरीज मनूराम कमार को हाई बीपी के कारण पैरालिसिस अटैक आया था। परिजनों की ओर से कॉल नहीं किए जाने की वजह से कुल्हाड़ीघाट से एम्बुलेंस नहीं मिल सका। डॉक्टर बोले- मरीज का दाहिना हिस्सा लकवाग्रस्त इधर, जिला अस्पताल में मरीज का इलाज कर रहे चिकित्सक हरीश चौहान ने बताया कि मनू राम को बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे भर्ती किया गया। उन्हें स्ट्रोक आया है और शरीर का दाहिना हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया है। उनका उपचार जारी है। ……………………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… कीचड़ भरे रास्ते पर 4KM पैदल चली गर्भवती महिला…VIDEO: बदहाल सड़क में फंसी एंबुलेंस, अधिकारी बोले- आबादी 100 से कम इसलिए नहीं बनी पक्की रोड छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एक प्रेग्नेंट महिला को करीब 4 किलोमीटर तक कीचड़ से भरे रास्त पर चलना पड़ा। तब जाकर एम्बुलेंस मिली और उसे अस्पताल ले जाया गया। गांव में आजादी के बाद से अब तक पक्की सड़क नहीं बन पाई है। घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि गांव की आबादी कम है इसलिए सड़क नहीं बनी। पढ़ें पूरी खबर…
