पन्ना-छतरपुर मार्ग NH-39 पर मंगलवार 7 अप्रैल शाम को उस समय हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब सीट बेल्ट न लगाने पर रोके जाने से नाराज एक रिटायर्ड डीएसपी और उनकी पत्नी ने पुलिस टीम के साथ बदसलूकी की। आरोप है कि विवाद के दौरान उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर बंदूक तक तान दी। मड़ला थाना प्रभारी रचना पटेल के नेतृत्व में सड़क सुरक्षा अभियान के तहत वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान मैहर के रहने वाले रिटायर्ड डीएसपी भरत सिंह चौहान अपनी पत्नी राजश्री चौहान के साथ कार से निकले। सीट बेल्ट न पहनने के कारण जब पुलिस ने उनकी गाड़ी रोकी, तो पूर्व अधिकारी और उनकी पत्नी भड़क गए। बीच सड़क पर हंगामा और बंदूक की धमक सोशल मीडिया पर पोस्ट हुए वीडियो में साफ दिख रहा है कि रिटायर्ड डीएसपी और उनकी पत्नी पुलिसकर्मियों से उलझ रहे हैं। बहस के दौरान जब पुलिस ने नियम का हवाला दिया, तो उन्होंने अपनी लाइसेंसी बंदूक निकाल ली। घटनाक्रम की तीन तस्वीरें देखिए- वीडियो में पुलिसकर्मी चिल्लाते हुए कह रहा है, “ये बंदूक मत दिखाना मुझे, मैडम को बुलाओ।” पुलिसकर्मी- आप उंगली मत दिखाइए। उंगली… हम यहां कोई अपने घर का काम नहीं कर रहे हैं दादा, उंगली मत दिखाइए। बुज़ुर्ग व्यक्ति- तमीज से बात करना सीखो। पुलिसकर्मी- हम तमीज में ही बात कर रहे हैं आपसे। क्या करोगे? बुज़ुर्ग व्यक्ति- बंद कर, पुलिसकर्मी की ओर बढ़ते हुए पुलिसकर्मी- क्या ठीक है? तमीज नहीं है बिल्कुल भी। बुज़ुर्ग महिला- तमीज नहीं? आपको तो बहुत तमीज है। दादागिरी डालोगे? आपको तमीज है? पुलिसकर्मी- हम बता रहे हैं… फिर बोला तूने! हम सौ बार बोलेंगे, हम हजार बार बोलेंगे। बुज़ुर्ग व्यक्ति- तुम बोलेगे तो मैं मारूंगा अभी, तेरे जैसे पुलिस वाले पचासों फेंक दिए मैंने। युवक: क्या कर लोगे? क्या कर लोगे? हम आपके घर के नौकर नहीं हैं यहाँ पे। नौकर नहीं हैं आपके घर के हम यहाँ पे। समझे? ठीक है? युवक: क्या? और ये बंदूक मत दिखाना मुझे। बुलाओ मैडम को। बुलाओ मैडम को। ये बंदूक मत दिखाना, ठीक है? बुलाओ मैडम को। हाँ, ये बंदूक आप लिए घूम रहे हैं, मुझे मत दिखाना बंदूक। बुज़ुर्ग व्यक्ति: तमीज़ से… युवक: तमीज़ से हम… हम… हम कौन सी गाली दे रहे हैं आपको? हम कौन सी गाली दे रहे हैं आपको? बुज़ुर्ग महिला: हम तमीज़ से बोल रहे हैं… युवक: हम गाली दे रहे हैं? यहां खड़े हैं सब लोग, गाली दे रहे हैं हम आपको? बुलाओ मैडम को। रिटायर्ड डीएसपी ने खुद को पुलिस विभाग का पूर्व अधिकारी बताकर रौब झाड़ने की कोशिश की। जब महिला पुलिस अधिकारी ने बंदूक अंदर रखने को कहा, तो रिटायर्ड अधिकारी की पत्नी ने तर्क दिया, “हम क्यों रखें? हमारा लाइसेंस है।” इस पर अधिकारी ने टोकते हुए कहा कि लाइसेंस होने का मतलब यह नहीं कि आप सड़क पर बंदूक लहराएं। पुलिस का कहना है कि उन्होंने बेल्ट नहीं लगाया था, जबकि कार सवारों ने इससे साफ इनकार किया। प्रशासन की सख्त कार्रवाई पन्ना एसपी निवेदिता नायडू ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि स्थिति को काबू में करने के बाद मड़ला पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं। सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिस के साथ अभद्रता करने और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कानून सबके लिए बराबर है, चाहे वह विभाग का पूर्व अधिकारी ही क्यों न हो।
