सारंगपुर विधायक और राज्यमंत्री गौतम टेटवाल के जाति प्रमाण पत्र विवाद में इंदौर हाईकोर्ट में नया मोड़ आ गया है। मंत्री के वकील ने जस्टिस जयकुमार पिल्लई की बेंच के समक्ष हलफनामे के साथ नए दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं। इस मामले में गुरुवार को होने वाली सुनवाई फिलहाल टाल दी गई है। एक ही स्कूल से जारी हुए दो अलग-अलग रिकॉर्ड मामले में विरोधाभासी तथ्य सामने आए हैं। याचिकाकर्ता का आरोप है कि मंत्री के स्कूली दस्तावेजों में उनकी जाति ‘जीनगर’ दर्ज है। वहीं, अब स्कूल प्राचार्य की ओर से एक अन्य प्रमाण पत्र पेश किया गया है जिसमें उनकी जाति ‘मोची’ बताई गई है। नगर पालिका के दाखिला रिकॉर्ड में भी उनके दादा की जाति ‘मोची’ दर्ज होने का दावा किया गया है। कोमलप्रसाद शाक्य की याचिका पर चल रही जांच यह पूरा विवाद गुना निवासी कोमलप्रसाद शाक्य द्वारा दायर रिट याचिका (21875/2024) से जुड़ा है। शाक्य ने आरोप लगाया है कि विधायक टेटवाल ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ा है। याचिकाकर्ता ने अपने दावों की पुष्टि के लिए पिता की सर्विस बुक, परिवार वंशावली और आरटीआई से प्राप्त स्कॉलर पंजी जैसे कई महत्वपूर्ण दस्तावेज कोर्ट में पेश किए हैं। आरटीआई और स्कॉलर पंजी के रिकॉर्ड पर सवाल याचिकाकर्ता के अनुसार, वर्ष 2007 और 2013 में आरटीआई के माध्यम से प्राप्त रिकॉर्ड में विधायक की जाति ‘जीनगर’ और वर्ग ‘पिछड़ा’ दर्ज है। इसके विपरीत, बचाव पक्ष ने वर्ष 2011 की तारीख वाला एक प्रमाण पत्र पेश किया है जिसमें जाति ‘मोची’ अंकित है। याचिकाकर्ता ने इस नए प्रमाण पत्र की सत्यता पर संदेह जताते हुए इसे संदिग्ध बताया है।
