राजगढ़ जिले के गोघटपुर गांव में पकड़ी गई एक अवैध ड्रग्स फैक्ट्री से शुरू हुई कार्रवाई ने सात दिन में 30 करोड़ रुपए के इंटरस्टेट एमडी ड्रग्स नेटवर्क का चेहरा बेनकाब कर दिया। पहले फैक्ट्री मिली, फिर जंगल में केमिकल से भरे ड्रम बरामद हुए, उसके बाद 5 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और आखिरकार गुरुवार को पुलिस कंट्रोल रूम में एसपी अमित तोलानी ने पूरे सिंडिकेट का खुलासा किया। दरअसल, राजगढ़ जिले में ‘ऑपरेशन शुद्धि’ के तहत 4 फरवरी से 11 फरवरी के बीच की गई सिलसिलेवार कार्रवाई में 21.510 किलोग्राम तैयार एमडी ड्रग्स और 309 किलोग्राम से अधिक रॉ मटेरियल जब्त किया गया है। जिसकी कुल अनुमानित कीमत करीब 30 करोड़ रुपए आंकी गई है। गिरोह के सरगना सहित पांच आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। पहला दिन : गांव में चल रही थी सिंथेटिक ड्रग्स फैक्ट्री
4 फरवरी को राजस्थान की जिला विशेष टीम से मिली सूचना के आधार पर माचलपुर पुलिस ने गोघटपुर गांव में दबिश दी। यहां रघुनंदन पाटीदार द्वारा अपने ही घर के अंदर एक कमरे में एमडी ड्रग्स का निर्माण किया जा रहा था। पुलिस के पहुंचते ही आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फॉर्च्यूनर वाहन छोड़कर फरार हो गया। मौके से पुलिस ने 43 किलो रॉ मटेरियल, केमिकल और निर्माण उपकरण जब्त किए गए। यहीं से साफ हो गया था कि मामला स्थानीय स्तर का नहीं, बल्कि संगठित नेटवर्क से जुड़ा है। दूसरा चरण: जंगल में मिले 5 ड्रम, सबूत मिटाने की कोशिश
इधर पुलिस फरार आरोपी रघुनन्दन की तलाश में लगीं थी, तभी फैक्ट्री पकड़े जाने के तीन दिन बाद, 7 फरवरी को आदमपुरा के जंगल में खेत की खंती से पांच नीले प्लास्टिक ड्रम बरामद किए गए। इन ड्रमों में 266.900 किलोग्राम केमिकल भरा था, जिसका उपयोग एमडी ड्रग्स बनाने में किया जाता है। जांच में सामने आया कि पुलिस कार्रवाई के बाद आरोपियों ने बचे हुए केमिकल को ठिकाने लगाने के लिए जंगल में फिंकवा दिया था। तीसरा चरण : सीसीटीवी से सुराग, राजस्थान से तीन गिरफ्तार जांच के दौरान पुलिस को रामगढ़ क्षेत्र के एक सीसीटीवी फुटेज में सिल्वर रंग की मारुति वैगनआर (RJ02CF2543) नजर आई। वाहन की पहचान होने के बाद पुलिस ने राजस्थान में दबिश देकर दिनेश गुर्जर, ललित गुर्जर और रामेश्वर गुर्जर को गिरफ्तार किया। जब पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि गोघटपुर में रहने वाले दीपक गुर्जर के कहने पर वे अरनिया से ड्रम लाकर जंगल में फेंकने गए थे। निर्णायक कार्रवाई: सरगना और मुख्य आरोपी गिरफ्तार
आगे की जांच में पुलिस ने दीपक गुर्जर को जिले की सीमा ग्राम-माणा, थाना-सुसनेर से गिरफ्तार किया। उसके घर की तलाशी में 10.160 किलो तैयार एमडी ड्रग्स बरामद हुई। दीपक की निशानदेही पर फरार रघुनंदन पाटीदार को राजस्थान के बरखेड़ा खुर्द, थाना-बकानी से हिरासत में लिया गया। उसके बताए सरसों के खेत से 11.350 किलो एमडी ड्रग्स जब्त की गई। इस तरह कुल 21.510 किलो तैयार एमडी ड्रग्स बरामद हुई, जिसकी बाजार कीमत करीब 21 करोड़ रुपए है। पहले जब्त रॉ मटेरियल सहित कुल कार्रवाई लगभग 30 करोड़ रुपए की आंकी गई है। एसपी ने किया आधिकारिक खुलासा
गुरुवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी अमित तोलानी ने पूरे नेटवर्क का खुलासा करते हुए बताया कि यह इंटर स्टेट स्तर पर संचालित संगठित गिरोह था, जो गांव में अवैध रूप से एमडी का निर्माण कर सप्लाई की तैयारी में था। उन्होंने कहा कि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और आगे भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
गोघटपुर की एक फैक्ट्री से शुरू हुई यह कार्रवाई अब जिले की अब तक की सबसे बड़ी सिंथेटिक ड्रग्स जब्ती में बदल चुकी है। जहां पुलिस ने निर्माण से लेकर सबूत मिटाने तक की पूरी कड़ी को सात दिन में उजागर कर दिया।
