खंडवा के गर्ल्स कॉलेज में छात्रोत्सव कार्यक्रम को मंत्री विजय शाह ने गुरुवार को संबोधित किया। मंत्री शाह ने अपने पूर्वजों का आजादी के आंदोलन में योगदान का जिक्र किया। उन्होंने कहा अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले टंट्या भील को मदद करने के मामले में मेरे दादाजी को दो साल तक अंग्रेजों ने नजरबंद रखा। ये वहीं मकड़ाई राजवंश हैं, जिसने ना सिर्फ टंट्या भील जैसे क्रांतिकारी बल्कि उस दौरान अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ लड़ रही नागपुर की हिंदुस्तानी लालसेना तक भी मदद पहुंचाई। मंत्री ने कहा लालसेना के लड़ाकू जवानों को मिलने वाला कारतूस मकड़ाई राजघराने से जाता था। इस देश की आजादी में मेरे पूर्वजों का भी योगदान रहा हैं। यह बात उन्होंने कॉलेज की ही महिला प्रोफेसर डॉ. सीमा कदम के एक शोध पत्र के हवाले से दी। शाह का यह बयान तब आया हैं, जब वे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए बयान को लेकर घिरे हुए हैं। मंत्री बोले- दादा को दो साल नजरबंद रखा
मंत्री शाह ने दावा किया कि लालसेना के आजादी में योगदान से जुड़ी किताबों में भी मकड़ाई राजवंश का उल्लेख मिलता हैं। वहीं जननायक टंट्या भील ने कई राजघरानों में लूट की वारदातें की, उस पैसे से समाज सेवा के काम किए। लेकिन उन्होंने मकड़ाई राजघराने के खजाने पर हाथ नहीं डाला। इसी बात से अंग्रेज अचरज में रहते थे और मेरे दादाजी को दो साल तक नजरबंद करके रखा था। इसके अलावा संत सिंगाजी की कथाओं में मकड़ाई राजवंश का उल्लेख मिलता हैं। आज सिंगाजी महाराज की कृपा से ही यह वंश जिंदा है और जनसेवा में लगा हैं। मुझे 35 बरस हो गए हैं। छात्रावास बंद कर बसों से कॉलेज जाएंगे छात्र
मंत्री विजय शाह ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर ली है। प्रदेश के 88 ट्राइबल ब्लॉकों में छात्रावासों को बंद कर छात्रों को बस सुविधा के माध्यम से कॉलेज भेजा जाएगा। प्रत्येक ट्राइबल ब्लॉक में 10-10 बसें उपलब्ध कराई जाएंगी। बसें सुबह छात्रों को उनके घर से कॉलेज लेकर जाएंगी, दोपहर में भोजन की व्यवस्था भी कराई जाएगी और शाम 5 बजे सुरक्षित वापस घर छोड़ेंगी। बस से आने-जाने और भोजन की पूरी व्यवस्था का खर्च प्रदेश सरकार उठाएगी। हरसूद का उदाहरण देते हुए कही बात
मंत्री शाह ने कहा कि उनकी हरसूद विधानसभा में लगभग 10 हजार छात्र अध्ययनरत हैं। छात्रावासों में अधीक्षिका और कर्मचारियों के वेतन सहित भारी खर्च आता है। इसके बजाय बस सुविधा से बच्चों को प्रतिदिन कॉलेज लाना-ले जाना अधिक प्रभावी और पारदर्शी व्यवस्था होगी। इस संबंध में विस्तृत प्रोजेक्ट बनाकर मुख्यमंत्री को सौंपा गया है और आने वाले वर्षों में यह बदलाव धरातल पर दिखाई देगा। ‘शालिनी ऐप’ लॉन्च कर जानकारी दी
मंत्री ने कहा कि ट्राइबल विभाग की योजनाओं की मॉनिटरिंग के लिए ‘शालिनी ऐप’ तैयार किया गया है, जिसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। इसके माध्यम से छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी और निगरानी की जा सकेगी। मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनजातीय और गरीब वर्ग के छात्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रयोग किए जा रहे।
