बाराबंकी में माफिया मुख्तार अंसारी के शूटर शोएब किदवई उर्फ बॉबी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह 50 साल का था। वारदात शुक्रवार दोपहर उस वक्त हुई, जब वह कार से लखनऊ से बाराबंकी जा रहा था। हाईवे से 100 मीटर आगे बढ़ते ही दो बाइक सवार बदमाश आ गए। जब तक शोएब कुछ समझ पाता, उसकी कार पर पिस्टल से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शोएब पर 25 से ज्यादा गोलियां चलाई गईं। वारदात के बाद हमलावर अयोध्या की तरफ फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल पहुंची और शोएब को अस्पताल ले आई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वारदात कोतवाली क्षेत्र के लखनऊ–अयोध्या हाईवे पर असेनी मोड़ के पास हुई। कार पर जगह-जगह बुलेट के निशान हैं। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है। फॉरेंसिक टीम मौके से साक्ष्य जुटाया है। हत्याकांड की सूचना पर IG प्रवीण कुमार, डीएम और एसपी मौके पर पहुंचे हैं। बॉबी पर हत्या, रंगदारी और गैंगवार से जुड़े कई मुकदमे दर्ज थे। सूत्रों के मुताबिक, मुख्तार की मौत के बाद गैंग के भीतर वर्चस्व की लड़ाई और आपसी रंजिश चल रही थी। वारदात से जुड़ी तस्वीरें देखिए-
शोएब का एक भाई इंग्लैंड में रहता है शोएब का बाराबंकी में सिविल लाइन में मकान है। वह तीन भाईयों में दूसरे नंबर का था। परिवार में पत्नी शाजिया खान और 15 साल का बेटा अरमान किदवई है। अरमान लखनऊ के एक कॉलेज में 9वीं क्लास का स्टूडेंट है। उसकी ससुराल लखनऊ के मलिहाबाद में है और गोमती नगर में भी एक मकान है। बड़ा भाई जावेद बाराबंकी में वकील है। छोटा भाई इंग्लैंड में रहता है। एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। शोएब शूटर होने के साथ वकालत भी करता था। राजनीति में भी सक्रिय था। वह बाराबंकी में बंकी ब्लॉक का प्रमुख रह चुका था। मुख्तार गैंग के लिए जमीन कब्जाने, ठेकेदारी में दखल देने और विरोधियों को ठिकाने लगाने में उसकी अहम भूमिका रहती थी। जेल अधीक्षक हत्याकांड से सुर्खियों में आया था शोएब शोएब बॉबी का नाम चर्चित जेल अधीक्षक रमाकांत तिवारी हत्याकांड में सामने आया था। रमाकांत तिवारी की हत्या चार फरवरी 1999 को की गई थी। वह तत्कालीन लखनऊ डीएम सदाकांत के आवास से बैठक कर शाम सात बजे लौट रहे थे। राजभवन के पास पहुंचते ही बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं। उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इस हत्याकांड में बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी, सपा के बागी विधायक अभय सिंह, चंदन नेगी, बउवा तिवारी समेत दर्जन भर से अधिक लोग नामजद हुए थे। चंदन नेगी की लखनऊ में 16 फरवरी 2002 को हत्या कर दी गई थी। इसके बाद बउवा तिवारी 13 मार्च, 2002 को पुलिस एनकाउंटर में कुकरैल के पास मारा गया था। बाकी आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया था। हिस्ट्रीशीटर रहा, बाराबंकी में 5 केस दर्ज हत्याकांड पर SP अर्पित विजयवर्गीय ने बताया- एक से डेढ़ बजे के बीच ये वारदात हुई है। बॉबी अपनी बलेनो कार खुद ही ड्राइव कर रहे थे। तभी हमला हुआ। पुलिस टीम को कार में शोएब मृत मिला। ये हिस्ट्रीशीटर रहा है। बाराबंकी में ही पांच मुकमदे दर्ज हैं। फिलहाल हमलावरों की तलाश में टीमों को लगाया गया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। —————– यह खबर भी पढ़िए:- लखनऊ में 6 लोगों को रौंदने वाला छात्र गिरफ्तार:गर्लफ्रेंड के साथ पार्टी से लौट रहा था; 6 साल के बच्चे की मौत, 5 की हालत नाजुक
लखनऊ में कार से 6 लोगों को रौंदने वाला 12वीं का स्टूडेंट गौरव सिंह गिरफ्तार हो गया है। इस हिट एंड रन का CCTV फुटेज भी सामने आया है। इसमें आरोपी गौरव बहुत तेज रफ्तार में कार चलाता हुआ नजर आ रहा है। बताया जाता है कि कार में उसकी गर्लफ्रेंड भी थी। दोनों किसी फेयरवेल पार्टी में शामिल होकर लौट रहे थे। पढ़ें पूरी खबर…
