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मिलावट:कैसे रहें हेल्दी..? घी-मावा तो दूर, सूखे मसाले, शहद तक शुद्ध नहीं, जांच में हर सातवां सैंपल अमानक पाया

बाजार में बेचे जा रहे खाद्य पदार्थ घी-मावा से लेकर सूखे मसाले व शहद तक शुद्ध नहीं है। खाद्य विभाग द्वारा कराई गई जांच में ये पदार्थ अमानक पाए गए। जांच के लिए भेजे गए सैंपलों में से हर सातवां सैंपल अमानक या उल्लंघन की श्रेणी में पाया गया। ऑर्गेनिक के नाम पर बेचा जा रहा शहद और विटामिन सप्लीमेंट तक मानकों पर खरे नहीं उतर रहे हैं। हाल ही में जिला प्रशासन ने ऐसे 16 मामलों में 51 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। 739 में से 51 नमूने लीगल श्रेणी के ही हो गए फेल, 1.60 करोड़ रुपए का जुर्माना कलेक्टर शिवम वर्मा के मुताबिक अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक कुल 1259 लीगल नमूने लिए गए। इनमें से 739 की जांच में 51 नमूने फेल हुए। सर्विलेंस के भी 1929 नमूने लिए गए। इनमें से 834 की जांच में 44 नमूने फेल हुए। अपर कलेक्टर पवार नवजीवन विजय के मुताबिक इस साल अब तक 47 केस दायर हुए हैं। पहले से चले आ रहे केसों को मिलाकर कुल 97 मामलों में फैसला किया गया है। इसमें 1.57 करोड़ रुपए से ज्यादा का अर्थदंड भरने के आदेश जारी हुए हैं। विभाग ने अब तक 25 लाख से ज्यादा की वसूली भी कर ली है। कुछ मामले कोर्ट में चल रहे हैं। केस-1 : वजन बढ़ाने काली मिर्च पर गोंद लगा दिया था प्रशासन ने महू तहसील के ग्राम पांदा में मेसर्स बालाजी ट्रेडिंग कंपनी से काली मिर्च और मैदा के सैंपल लिए थे। इसकी जांच में पता चला कि काली मिर्च का वजन बढ़ाने के लिए उस पर गोंद और काली मिर्च का ही बूरा लगा दिया गया था। जांच में यह बात भी सामने आई कि कंपनी के संचालक पर वर्ष 2021 में एनएसए लगा था। उसका केस अभी चल रहा है। इसी मामले में अपर कलेक्टर ने 4 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। केस-2 : शहद शुद्ध नहीं, 10 लाख का जुर्माना राऊ स्थित अपकिन एग्रो प्रा.लि. प्री-पैक्ड शहद ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बेच रही थी। केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी, मुंबई की टीम ने इसकी जांच की तो पता चला कि ऑर्गेनिक प्रोडक्ट भी पूरी तरह शुद्ध नहीं है। जांच में सामने आया कि इसमें अन्य खाद्य सामग्री का मिश्रण है। इस पर कोर्ट ने 10 लाख का जुर्माना लगाया। केस-3 : डायटरी सप्लीमेंट भी खरा नहीं केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम ने सांवेर के बीटा इंडस्ट्रीयल पार्क स्थित मदरसोल प्रा.लि. की जांच की। यहां विटामिन डी-3, विटामिन बी-12 और के-2 को मिलाकर बनाए आहार पूरक प्रोडक्ट की जांच की। इसे लेकर दावा है कि यह हड्डियों, दिल के लिए अच्छा होता है। जांच में उपयोग मिश्रण मानक स्तर के नहीं मिले तो साढ़े 7 लाख का जुर्माना लगाया गया। चीज पोपोन्स फंगस वाला मिला, सप्लाय चेन में मिली गड़बड़ी एडीएम पवार नवजीवन विजय ने बताया कि लक्ष्मीबाई नगर अनाज मंडी स्थित एवेन्यू फूड प्लाजा प्रा.लि. पर अमूल हैप्पी टिट्स चीज पोपोन्स (पैक टू लूज) का सैंपल लिया था। खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी के मुताबिक जब सप्लाय चेन की जांच की गई तो पता चला कि यह प्रोडक्ट नर्मदा एजेंसी के अर्जुन बड़ोदा गोदाम में कोल्डर्स लॉजिस्टिक्स पर रखा था। यहां से पता चला कि इसकी निर्माता फर्म ग्लोबल गारमेट प्रा.लि., माकरपुरा, वडोदरा है। इस तरह अलग-अलग पांच लेवल पर दोषियों के खिलाफ अलग-अलग एक-एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। कुल 5 लाख का अर्थदंड लगाया गया।

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