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मंदिर, टेक्नोलॉजी और टूरिज्म से बनेगा नया मध्य प्रदेश:सीएम बोले- रोजगार सृजन की धुरी बनेंगे देवस्थान, उज्जैन मॉडल पर विकसित होंगे प्रमुख धार्मिक स्थल

राज्य सरकार हर क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार नई टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री को बढ़ावा दे रही हैं। बजट के माध्यम से हर सेक्टर में विकास को गति दी गई है। आने वाले समय में मध्यप्रदेश देवस्थानों और पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में उभरेगा। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को इंदौर में कही। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की पहचान कई क्षेत्रों में है। सरकार यह प्रयास कर रही है कि मंदिर प्रबंधन को अर्थव्यवस्था से जोड़कर रोजगार के अवसर कैसे बढ़ाए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 13 नए लोक विकसित किए जा रहे हैं और एआई से लेकर डिजिटल तकनीक तक हर क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है। आने वाले समय में प्रदेश हेल्थ टूरिज्म का भी प्रमुख केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री ने इंदौर एयरपोर्ट पर स्वामी यतींद्र गिरी जी महाराज ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर सदैव आस्था और श्रद्धा के केंद्र रहे हैं, लेकिन उनसे जुड़े वित्तीय और प्रबंधन पक्ष भी रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यात्रा के बाद देश में सबसे बड़ा धार्मिक पर्यटन केंद्र उज्जैन के रूप में उभरा है। इसी तर्ज पर ओंकारेश्वर, मय्यर की माताजी, राजाराम लोक, ओरछा और सलकनपुर जैसे धार्मिक स्थलों को भी विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर टेंपल मैनेजमेंट के लिए अकादमिक पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत मंदिरों की वित्तीय व्यवस्था, प्रशासन, सुरक्षा, धार्मिक अनुष्ठान, कला और ललित कला को प्रोत्साहन दिया जाएगा। मूर्ति शिल्प को भी प्रदेश में ही बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बनेंगे। महाकाल की फाइबर प्रतिमा को हटाकर स्टोन और मेटल की प्रतिमाएं स्थापित करने का निर्णय भी इसी दिशा में उठाया गया कदम है, जिससे कारीगरों और शिल्पकारों को काम मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विक्रम विश्वविद्यालय के माध्यम से टेंपल मैनेजमेंट कोर्स, डिप्लोमा और पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा जैसे पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन कोर्सों में सैद्धांतिक के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि मंदिर प्रबंधन को पेशेवर और रोजगारपरक बनाया जा सके। मुख्यमंत्री इंदौर एयरपोर्ट से सीएचएल हॉस्पिटल पहुंचे। यहां उन्होंने भाजपा नेत्री बिंदु चौहान से मुलाकात की। बिंदु कल गांधी भवन के सामने प्रदर्शन के दौरान पथराव में घायल हुईं थीं। ये खबर भी पढ़ें… एमपी में फेसलेस रजिस्ट्री शुरू:अब घर बैठे कराएं दस्तावेज पंजीयन मध्यप्रदेश में अब प्रॉपर्टी और अन्य दस्तावेजों की रजिस्ट्री के लिए रजिस्ट्रार ऑफिस के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी के आईजी पंजीयन कार्यालय से साइबर सब-रजिस्ट्रार दफ्तर की शुरुआत की है। फेसलेस और वर्चुअल प्रक्रिया के जरिए आधार, वीडियो केवाईसी और ई-साइन के माध्यम से घर बैठे दस्तावेज पंजीयन कराया जा सकेगा।पूरी खबर पढें

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