भोपाल में पिछले एक महीने से सुर्खियों में बने गोमांस और गंदे पानी की सप्लाई के मुद्दे पर सोमवार को बड़ा प्रदर्शन होगा। आईएसबीटी स्थित निगम दफ्तर का कांग्रेसी घेराव करेंगे। साथ ही जिम्मेदारों के पुतले भी फूंके जाएंगे।कांग्रेस नेता रविंद्र साहू झूमरवाला के नेतृत्व में यह प्रदर्शन होगा। बता दें कि इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की जान चली गईं। भोपाल में भी ऐसा ही खतरा मंडरा रहा है। कई इलाकों में सीवेज के साथ ही पानी की लाइन है। इससे पानी गंदा आ रहा है। दूसरी ओर, वार्ड ऑफिसों में जल सुनवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही हो रही है। नाले के पानी को भी पीने योग्य बताया जा रहा है। पिछले दिनों भास्कर की पड़ताल में वार्ड के कर्मचारी ने नाली के पानी को पीने योग्य बता दिया था। कांग्रेस नेता साहू ने बताया, कहीं पानी के चैंबर में सीवेज का पानी मिल रहा है तो कहीं गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। इससे लोग बीमार भी हो रहे हैं। इसके अलावा स्लॉटर हाउस में गोमांस मिलने का मामला भी गंभीर है। अब तक छोटे कर्मचारियों पर ही कार्रवाई हुई है, लेकिन जिम्मेदार महापौर और एमआईसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। एमआईसी मीटिंग से ही स्लॉटर हाउस का प्रस्ताव पास हुआ था। यह है गोमांस का मामला
बता दें कि जहांगीराबाद थाना प्रभारी मान सिंह चौधरी ने 24 दिसंबर को एक एफआईआर दर्ज की। इसमें 7 दिन पहले, 17 दिसंबर को कंटेनर नंबर यूपी 15 जेटी 4286 में मांस मिलने का हवाला दिया।
18 दिसंबर को वेटनरी अस्पताल जहांगीराबाद में कंटेनर में भरे 265 क्विंटल (26.5 टन) मांस में से वेटनरी डॉक्टर की टीम ने अलग-अलग 5 डिब्बों में सैंपल लिए। बाकी मांस कंटेनर के ड्राइवर शोएब पिता कमालउद्द्दीन को ही सुपुर्दगी में दे दिया गया। मथुरा की लैब में भेजे गए सैंपल
पुलिस ने जो सैंपल कंटेनर में मिले मांस के लिए थे, उन्हें पुलिस ने जांच के लिए फोरेंसिक लेबोरेटरी मथुरा को भेजे। संदिग्ध मांस के सैंपल की जांच रिपोर्ट भी मिल गई। जिसमें मांस में गोमांस (SAMPLE BELONG TO COW OR IT’S PROGENY) का होना सामने आया। गोमांस की पुष्टि होने के बाद हिंदूवादी संगठनों ने अरेरा हिल्स थाने के सामने प्रदर्शन किया। इसके बाद पुलिस ने जिंसी स्थित आधुनिक स्लॉटर हाउस का संचालन करने वाली लाइव स्टाक फूड प्रोसेसर प्राइवेट लिमिटेड में पहुंचकर दस्तावेज जब्त किए थे। स्लॉटर हाउस का संचालक असलम चमड़ा कुरैशी का होना पाया गया है। इसके बाद निगम से स्लॉटर हाउस से जुड़ी सारी जानकारी पुलिस ने ली। ड्राइवर शोएब पिता कमालउद्दीन निवासी थाना खरखोदा मुस्कान पब्लिक स्कूल के पास इकबाल नगर हुमायूं नगर मेरठ (यूपी) से पूछताछ की गई। जांच के बाद पुलिस ने संचालक असलम चकड़ा, ड्राइवर शोएब व अन्य के विरुद्ध मप्र गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 की धारा 4, 5 और 9, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धार 61 (2) के तहत केस दर्ज किया। पुलिस ने माना कि गोवंश का वध कर उसके मांस को षड्यंत्रपूर्वक परिवहन किया जा रहा था। यह मुद्दा 13 जनवरी को हुई नगर निगम परिषद की बैठक में काफी गरमाया था। कांग्रेस ने वॉक आउट कर दिया था। इसके बाद निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने आसंदी से कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जिसके बाद वेटनरी डॉक्टर और कुछ कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया था। यह मुद्दा अब फिर से गरमाने लगा है। इससे जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1. लैब में हो गई थी गोमांस की पुष्टि भोपाल के आधुनिक स्लॉटर हाउस में मिले गोमांस मामले में नगर निगम के जिम्मेदारों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मेयर मालती राय और कमिश्नर संस्कृति जैन 265 क्विंटल मांस में गोमांस की पुष्टि को लेकर पुलिस जांच का हवाला देती रहीं, लेकिन 8 जनवरी को हुई एफआईआर में ही पुलिस ने गोमांस की पुष्टि कर दी थी। दूसरी ओर, निगम की तरफ से अब तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में जिम्मेदार भी जांच के दायरे में आ रहे हैं। काफी दबाव आने के बाद वेटनरी डॉक्टर बेनीप्रसाद गौर समेत 9 कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है। वहीं, 3 कर्मचारियों को नोटिस थमाए गए हैं। एक अन्य कार्रवाई में स्लॉटर हाउस को सील किया गया है। देखे पूरी लिस्ट नाली के पानी को निगम ने बताया ‘शुद्ध’…पीने लायक! भोपाल में नाली का पानी भी पीने लायक है। ये हम नहीं कह रहे, बल्कि नगर निगम के अमले ने जल सुनवाई के दौरान वाटर टेस्टिंग के बाद इसे माना है। जी हां, नाली के पानी को वार्ड ऑफिस में महज 15 सेकंड में हुए टेस्ट में ‘शुद्ध’ बता दिया गया। इससे समझा जा सकता है कि भोपाल के किसी भी वार्ड में इंदौर के भागीरथपुरा जैसे हालात कभी भी बन सकते हैं। दैनिक भास्कर ने मंगलवार को जल सुनवाई में ये रियलिटी चेक किया। इसके लिए भोपाल के 6 वार्ड दफ्तरों में भास्कर रिपोटर्स पहुंचे। देखा कि पानी की शुद्धता जांचने के क्या पैमाने हैं और इसे जांच कौन रहा है? सभी जगह पर तस्वीर गंभीर दिखी। टाइम कीपर और प्यून पानी की टेस्टिंग करते मिले। यही वजह है कि नाली के गंदे पानी को भी क्लीन चिट दे दी गई। पढ़े पूरी खबर
