भोपाल ईडी ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 42 करोड़ रुपए के फ्रॉड के मामले में एक्सेल व्हीकल्स प्राइवेट लिमिटेड की 12.62 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी अटैच कर ली है। इस कंपनी ने कोटक महिंद्रा बैंक में गिरवी रखी संपत्ति को दोबारा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में गिरवी रखकर लोन ले लिया था। ईडी ने एक अन्य मामले में (एसईसीएल) के कोरबा में पदस्थ सहायक प्रबंधक (सर्वे) प्रभाकर शुक्ला की भी 83.24 लाख रुपए की चल-अचल संपत्तियों को कुर्क किया है। ईडी भोपाल ने यह कार्रवाई सीबीआई जबलपुर की दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर की है। ईडी की भोपाल यूनिट ने एक्सेल व्हीकल्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके संचालकों मंजू गर्ग व ऋषभ गर्ग की 12.62 करोड़ रुपए की जिस प्रॉपर्टी को अटैच किया है उनमें भोपाल जिले की कोलार तहसील स्थित खेती की जमीन और एक कमर्शियल प्लॉट शामिल हैं। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) में की गई कार्यवाही ईडी ने सीबीआई भोपाल की एसीबी यूनिट द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच के बाद की है। ईडी की पड़ताल में सामने आया कि एक्सेल व्हीकल्स और उसके निदेशकों ने बैंक ऑफ इंडिया के साथ लगभग 42 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की थी। धोखाधड़ी की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई ने दिसंबर 2022 में इंदौर की स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल की थी। पहले से गिरवी प्रॉपर्टी दोबारा बैंक में बंधक रखी ईडी के अनुसार इस फर्म के संचालकों ने बैंक से जालसाजी के कई तरीके अपनाए। एक्सेल व्हीकल्स ने टाटा मोटर्स की डीलरशिप के नाम पर बैंक ऑफ इंडिया से 42 करोड़ रुपए की क्रेडिट सुविधा ली। इसके लिए उन्होंने एक ऐसी संपत्ति को बैंक ऑफ इंडिया के पास गिरवी रख दिया, जिसे वे पहले ही कोटक महिंद्रा बैंक के पास गिरवी रख चुके थे। इस तथ्य को बैंक से पूरी तरह छिपाया गया। इसके बाद इस फर्म के संचालकों ने कैश क्रेडिट अकाउंट से बड़ी रकम अपनी ही दूसरी सहयोगी कंपनियों के खातों में ट्रांसफर कर दी, जिसका कोई व्यावसायिक औचित्य नहीं था। बैंक ऑफ इंडिया ने यह लोन इसी शर्त पर जारी किया था कि इसका उपयोग सिर्फ व्यापारिक कामकाज में होगा। इससे पहले 6 नवंबर 2024 को ईडी के छापों में एक्सेल व्हीकल्स के निदेशकों के पास से लगभग 1 करोड़ 10 लाख कैश और भारी मात्रा में आभूषण मिले थे, जिन्हें जब्त कर लिया था। असिस्टेंट मैनेजर की 84 लाख की प्रॉपर्टी कुर्क उधर, एक अन्य मामले में ईडी की भोपाल यूनिट ने साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के कोरबा में पदस्थ सहायक प्रबंधक (सर्वे) प्रभाकर शुक्ला की भी लगभग 83.24 लाख रुपये की चल और अचल संपत्तियों को कुर्क कर लिया है। ईडी भोपाल ने यह कार्रवाई सीबीआई जबलपुर की दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर की है। जिसमें प्रभाकर शुक्ला पर आय से कई गुना अधिक संपत्ति बनाने के आरोप लगे थे। ईडी ने इस मामले में 2008 से 2022 तक के रिकॉर्ड खंगाले, जिसमें कई अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पाया गया कि प्रभाकर शुक्ला ने सरकारी कोल कंपनियों में अपनी पदस्थापना के दौरान अपनी वैध आय से 83.24 लाख रुपये अधिक की प्रॉपर्टी बनाई। इस काली कमाई को उन्होंने अपनी पत्नी और बेटियों के नाम पर खोले गए बैंक खातों के जरिए ट्रांसफर किया। इस रकम से शुक्ला ने अपने और परिवार के नाम पर न केवल लाखों की एफडी कराई बल्कि महंगी इंश्योरेंस पॉलिसियां भी खरीदीं। इसके अलावा उन्होंने इस रकम का एक बड़ा हिस्सा जमीन और फ्लैट खरीदने में भी निवेश किया। ईडी की पूछताछ में जब प्रभाकर शुक्ला इस रकम का स्रोत बताने में विफल रहे तो इस प्रॉपर्टी को अटैच कर लिया गया।
