पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भिलाई में आयोजित होली मिलन कार्यक्रम में वैश्विक राजनीति पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आज अगर दुनिया में सबसे ज्यादा डरा हुआ कोई देश है तो वह अमेरिका है, उसे सबसे ज्यादा चिंता डॉलर की है। इसी कारण वह दुनिया के ऑयल पर कब्जा करना चाहता है। जहां-जहां तेल है, वहां किसी न किसी तरह दखल दे रहा है। दुनिया में अमेरिका जहां भी लड़ाई लड़ रहा है, चाहे वह वेनेजुएला हो, ईरान हो या भारत को धमकाने की बात हो। यह सब डॉलर को बचाने के लिए हो रहा है। भूपेश बघेल ने कहा कि ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एपस्टीन फाइल से ध्यान भटकाने के लिए विश्व में तनाव बढ़ाया जा रहा है। बघेल ने यह भी कहा कि कुछ लोग खुद को बचाने के लिए दुनिया में अशांति फैला रहे हैं। उन्होंने आगे टिप्पणी करते हुए कहा कि डोनाल्ड ट्रम्प भी इससे बच नहीं पाएंगे और प्रधानमंत्री की ओर इशारा करते हुए कहा कि हमारा वाला भी बिल्कुल नहीं बच पाएगा। होली मिलन कार्यक्रम से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए- पढ़िए भूपेश बघेल ने क्या-क्या कहा ? दरअसल, मंगलवार को भिलाई के अजंता पैलेस में होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने इजराइल-इरान जंग को लेकर टिप्पणी की। इसके अलावा प्रधानमंत्री के इजराइल दौरे पर भी टिप्पणी की। भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर इशारा करते हुए कहा कि जो लोग 56 इंच सीना और विश्वगुरु बनने की बात करते थे, उनके मुंह से आज एक शब्द भी नहीं निकल रहा है। लोग इंतजार कर रहे हैं कि वे कुछ तो बोलें, लेकिन अभी पूरी तरह मौन हैं। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें मौनमोहन सिंह कहा जाता था, लेकिन जब वे बोलते थे तो पूरी दुनिया उन्हें सुनती थी। अभी प्रधानमंत्री की आवाज ही नहीं सुनाई दे रही है। भूपेश बघेल ने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी का नाम लेते हुए कहा कि उनकी स्थिति भी ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने से ब्लैक मार्केटिंग शुरू होने की आशंका है। जब-जब पीएम मिडिल ईस्ट गए तब-तब गड़बड़ी हुई भूपेश बघेल ने कहा कि जब भी नरेंद्र मोदी मिडिल ईस्ट की यात्रा पर जाते हैं, तो कुछ न कुछ गड़बड़ हो जाती है। पिछली बार जब प्रधानमंत्री संयुक्त अरब अमीरात गए थे और फाइटर जेट का स्वागत कर रहे थे, उसी समय देश में पहलगाम की घटना हुई थी। पूर्व सीएम ने हाल ही में प्रधानमंत्री के इजराइल दौरे के दौरान गले मिलने की तस्वीरें आईं और इसके बाद युद्ध जैसी स्थिति बन गई। उन्होंने प्रधानमंत्री के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि इजराइल को ‘फादरलैंड’ और भारत को ‘मदरलैंड’ बताया गया। जिस पर भूपेश बघेल ने व्यंग्य करते हुए कहा कि इजराइल उनका फादरलैंड हो सकता है, हमारा नहीं। उन्होंने कहा कि हमारी पहचान भारत माता है। घर-घर सिंदूर भिजवाने के बाद से बिगड़ा अलाइमेंट भूपेश बघेल ने नरेंद्र मोदी पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहलगाम में आतंकी हमले के बाद शुरू किए गए कथित ऑपरेशन सिंदूर के तहत घर-घर सिंदूर भेजे जाने की चर्चा हुई थी। सिंदूर आमतौर पर धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा में बेटियों या महिलाओं को व्यक्तिगत रूप से दिया जाता है, लेकिन इसे सभी घरों में भेजे जाने पर विरोध हुआ और बाद में यह पहल बंद करनी पड़ी। उसी समय से उनका ‘अलाइनमेंट’ गड़बड़ा गया और वह गड़बड़ी आज तक जारी है। ताम्रध्वज साहू की ली चुटकी, असहज हो गए पूर्व गृहमंत्री भूपेश बघेल ईरान-इजराइल युद्ध के कारण डीजल-पेट्रोल संकट पर बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने समुद्री रास्ता बंद कर दिया और जहाजों की आवाजाही रुक गई, तो देश में डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे कीमतें बढ़ने की आशंका है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि जिनके पास 4-5 पेट्रोल पंप हैं, उन्होंने अभी से 2-3 पेट्रोल पंप बंद कर दिए हैं। पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने चुटकी लेते हुए पूछा कि क्या आपने भी ऐसा किया है? इसके बाद ताम्रध्वज साहू कुछ असहज नजर आए। एपस्टीन फाइल क्या है दरअसल उन दस्तावेजों, फोटो और रिकॉर्ड का संग्रह है जो अमेरिकी अरबपति जेफरी एपस्टीन से जुड़े हैं। एपस्टीन पर बच्चों के साथ यौन शोषण और अवैध गतिविधियों का आरोप था। ये फाइलें उसके खिलाफ चल रही जांच, कोर्ट के दस्तावेज और गवाहों के बयान रखती हैं। इस विवाद का कारण यह है कि इन फाइलों में कई बड़े और प्रसिद्ध लोगों के नाम भी आए हैं। कुछ लोगों का कहना है कि फाइलों को पूरी तरह से सार्वजनिक नहीं किया गया और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ अभी भी बंद हैं। इसके चलते मीडिया और सोशल मीडिया पर बहस और अफ़वाहें फैल रही हैं। सच यह है कि फाइलों में किसी का नाम होना सीधे तौर पर अपराध साबित नहीं करता। लेकिन इन दस्तावेज़ों के होने से यह मामला राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से बहुत संवेदनशील बन गया है। एपस्टीन केस की पूरी कहानी क्या है इसकी शुरुआत 2005 में तब हुई जब फ्लोरिडा में एक 14 साल की लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसमें कहा गया कि एपस्टीन के आलीशान घर में उसकी बेटी को ‘मसाज’ के बहाने बुलाया गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उस पर सेक्स का दबाव डाला गया। जब उसने घर लौटकर यह बात अपने माता-पिता को बताई, तो उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत की। तब पहली बार जेफ्री एपस्टीन के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज हुई। पुलिस जांच के दौरान यह सामने आया कि यह अकेला मामला नहीं है। धीरे-धीरे करीब 50 नाबालिग लड़कियों की पहचान हुई, जिन्होंने एपस्टीन पर ऐसे ही आरोप लगाए। पाम बीच पुलिस डिपार्टमेंट ने इस मामले को गंभीरता से लिया और कई महीनों तक छानबीन की। इसके बाद एपस्टीन के खिलाफ क्रिमिनल जांच शुरू हुई। मामले की जांच से पता चला कि एपस्टीन के पास मैनहट्टन और पाम बीच में शानदार विला है। एपस्टीन यहां हाई-प्रोफाइल पार्टियां करता था, जिसमें कई बड़ी हस्तियां शामिल होती थीं। एपस्टीन अपने निजी जेट ‘लोलिता एक्सप्रेस’ से पार्टियों में कम उम्र की लड़कियां लेकर आता था। वह लड़कियों को पैसों-गहनों का लालच और धमकी देकर मजबूर करता था। इसमें एपस्टीन की गर्लफ्रेंड और पार्टनर गिस्लीन मैक्सवेल उसका साथ देती थी। हालांकि शुरुआती जांच के बाद भी एपस्टीन को लंबे समय तक जेल नहीं हुई। उसका रसूख इतना था कि 2008 में उसे सिर्फ 13 महीने की सजा सुनाई गई, जिसमें वह जेल से बाहर जाकर काम भी कर सकता था। मी टू मूवमेंट की लहर में डूबा एपस्टीन साल 2009 में जेल से आने के बाद एपस्टीन लो प्रोफाइल रहने लगा। ठीक 8 साल बाद अमेरिका में मी टू मूवमेंट शुरू हुआ। साल 2017 में अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने हॉलीवुड प्रोड्यूसर हार्वे वाइंस्टीन के खिलाफ कई रिपोर्ट्स छापीं। इसमें बताया गया कि वाइंस्टीन ने दशकों तक अभिनेत्रियों, मॉडल्स और कर्मचारियों का यौन शोषण किया। इस घटना ने पूरी दुनिया में सनसनी पैदा कर दी। 80 से ज्यादा महिलाओं ने वाइंस्टीन के खिलाफ सोशल मीडिया पर मी टू (मेरे साथ भी शोषण हुआ) के आरोप लगाए। इसमें एंजेलीना जोली, सलमा हायेक, उमा थरमन और एश्ले जुड जैसे बड़े नाम थे। इसके बाद लाखों महिलाओं ने सोशल मीडिया पर ‘#MeToo’ लिखकर अपने शोषण की कहानियां शेयर कीं। इसमें वर्जीनिया ग्रिफे नाम की युवती भी थी। उसने एप्सटीन के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए। उसने दावा किया कि उसके साथ 3 साल तक यौन शोषण हुआ था। इसके बाद करीब 80 महिलाओं ने उसके खिलाफ शिकायत की।
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