बैतूल-अमरावती स्टेट हाईवे पर मंगलवार को भैंसदेही विकासखंड की विजयग्राम पंचायत के नीमढाना गांव के ग्रामीणों ने पेयजल और सड़क निर्माण की मांग को लेकर चक्काजाम कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर समझाने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नीमढाना गांव में लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ है और दैनिक जरूरतों के लिए भी पानी नहीं मिल पा रहा है। पानी के अलावा गांव की सड़कें भी बेहद खराब हालत में हैं, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इन समस्याओं को लेकर कई बार पंचायत और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। सरपंच-सचिव पर लापरवाही का आरोप ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि पंचायत कार्यालय में अक्सर ताला लगा रहता है और शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जाता। इसी नाराजगी के चलते कुछ दिन पहले ग्रामीण ट्रैक्टरों में भरकर झल्लार थाने पहुंचे थे और थाना प्रभारी को आवेदन सौंपा था। थाने में दिए गए इसी आवेदन में ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को लेकर 17 मार्च को चक्काजाम करने की चेतावनी दी थी। एक बोरवेल करवाया, लेकिन स्थायी समाधान की मांग चेतावनी के बाद प्रशासन ने गांव में एक बोरवेल करवाया था, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यह पर्याप्त नहीं है और पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। अब ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग पर भी अड़े हुए हैं और मंगलवार को बड़ी संख्या में विजयग्राम बस स्टैंड पर इकट्ठा होकर हाईवे पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और स्पष्ट किया कि जब तक पानी और सड़क का स्थायी समाधान नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
