इंदौर में हुए ईवी हादसे को लेकर बिजली कंपनी ने अपनी जांच रिपोर्ट तैयार कर ली है। हालांकि इसे अभी आधिकारिक रूप से जारी नहीं किया गया है। शुरुआती रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आग की शुरुआत घर में लगे ईवी चार्जिंग पॉइंट से हुई थी। जानकारी यह भी सामने आई है कि घर के लिए 15 किलोवॉट का लोड स्वीकृत था, जबकि असल में 2 से 9 किलोवॉट तक ही बिजली का उपयोग हो रहा था। ऐसे में कार चार्जिंग के दौरान ओवरहीटिंग की संभावना कम बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में जिम्मेदारी से बचने के लिए कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। स्मार्ट मीटर के डेटा में देर रात ईवी चार्जिंग की पुष्टि बिजली कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, अब तक की जांच में सामने आया है कि ओवरचार्जिंग के कारण इलेक्ट्रिक कार की बैटरी बम की तरह फट गई। घटना के समय कार चार्जिंग पर लगी हुई थी, जिसकी पुष्टि स्मार्ट मीटर के डिजिटल डेटा से हुई है। कंपनी ने पिछले तीन महीनों का मिनट-टू-मिनट डेटा निकालकर यह रिपोर्ट तैयार की है। चार्जिंग के दौरान ऑटो कट-ऑफ के बाद ब्लास्ट शुक्रवार को बिजली कंपनी के कार्यपालन यंत्री डीके तिवारी, फायर सेफ्टी विशेषज्ञ विद्या फूलमानी, उपमन्यु साहू और टीआई मनीष लोधा की टीम ने देर रात तक जांच की और रिपोर्ट तैयार की। अधिकारियों के मुताबिक, कार रोज रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक चार्जिंग पर रहती थी। हादसे वाली रात भी यही क्रम रहा। बताया गया कि तड़के चार्जिंग के दौरान कार में पावर ऑटो कट-ऑफ हुआ, लेकिन करीब आधे घंटे बाद फिर से चार्जिंग शुरू हो गई। इसके बाद जोरदार ब्लास्ट हो गया। लोड 2 किलोवॉट से बढ़कर 9 किलोवॉट तक पहुंचा बिजली कंपनी की रिपोर्ट में बताया गया है कि हादसे वाली रात एमपी 09 डीक्यू 0509 नंबर की इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग पर लगी हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, मनोज पुगलिया के घर पर 15 किलोवॉट का स्वीकृत लोड था। एसी, पंखे और फ्रिज की सामान्य खपत के बाद जैसे ही कार चार्जिंग शुरू होती थी, कुल बिजली लोड 2 किलोवॉट से बढ़कर करीब 9 किलोवॉट तक पहुंच जाता था। कंपनी के मुताबिक, स्मार्ट मीटर हर 15 मिनट में बिजली खपत की पूरी जानकारी कंट्रोल रूम तक ऑनलाइन भेजता रहा। जांच के दौरान पिछले तीन महीनों की खपत का विस्तृत डेटा देखा गया। साथ ही, मीटर रीडर इंस्ट्रूमेंट (एमआरआई) के जरिए मिनट-टू-मिनट डेटा का भी मिलान किया गया। रहवासी बोले- आग तो 3 बजे ही लग गई थी मनोज पुगलिया के घर के सामने रहने वाले अभिषेक ने बताया कि रात करीब 3 से 3:15 बजे के बीच वह वॉशरूम जाने के लिए उठे थे। उसी दौरान उन्होंने देखा कि मनोज की टाटा पंच ईवी के बोनट से धुआं निकलना शुरू हो गया। लोगों को जगाया, फायर ब्रिगेड को दी सूचना
अभिषेक ने तुरंत आसपास के लोगों को जगाया और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। करीब 15-20 मिनट में आसपास के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए, लेकिन फायर ब्रिगेड की ओर से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। करीब एक घंटे बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शी के बयान में अंतर
अभिषेक के अनुसार, पूरा घटनाक्रम 3 से 3:15 बजे के बीच का है। वहीं, बिजली कंपनी की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रात 3:30 बजे बिजली सप्लाई दोबारा शुरू हुई और उसके कुछ ही देर बाद कार में विस्फोट हुआ। परिवार के 8 लोगों की गई जान दरअसल, इंदौर में बुधवार तड़के इलेक्ट्रिक कार टाटा पंच में चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई, जिसने तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में रबर कारोबारी मनोज पुगलिया, उनकी गर्भवती बहू सिमरन समेत 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 लोग घायल हुए थे। मारे गए लोगों में से 6 मनोज के रिश्तेदार थे, जो मंगलवार को बिहार के किशनगंज से आए थे। घटना बुधवार तड़के 3.30 से 4 बजे के बीच बंगाली चौराहे के पास ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी की है। पुलिस के अनुसार, आग ने घर के अंदर रखे गैस सिलेंडरों को अपनी चपेट में ले लिया। इससे एक के बाद एक सिलेंडर फटने लगे। धमाका इतना तेज था कि मकान का एक हिस्सा ढह गया। घर में लगे डिजिटल लॉक खुल नहीं पाए, इसके कारण अंदर सो रहे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। घटनाक्रम से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… बेटे का दावा-EV से नहीं इलेक्ट्रिक पोल से निकली चिंगारी, बिजली बंद किए बिना पानी डाला; यही मौतों की वजह वक्त सबकुछ छीन सकता है…स्टेटस लिखकर सोए थे मनोज:फायर ब्रिगेड कर्मी ने काट दिया था प्रत्यक्षदर्शी का फोन इंदौर EV हादसा…4 महीने की गर्भवती थी बड़ी बहू:दुआओं से कोख में पल रही जिंदगी भी बुझी; खुशियों वाला घर 8 मौतों से मातम से भरा
