नर्मदापुरम जिले के पिपरिया में एक बाघ झोपड़ी में घुस गया। वहां से एक युवक को घसीटकर जंगल ले गया। शनिवार सुबह युवक का शव मिला। सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटना झिरिया (डैम मोहल्ला) से सटे जंगल की है, जो बनखेड़ी सामान्य परिक्षेत्र की डोकरी खेड़ा बीट के तहत आता है। मृतक की पहचान बारी देवी गांव निवासी कमल ठाकुर (पिता शंन्नूलाल) के रूप में हुई है। मृतक के भाई अतुवा ठाकुर ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे एक दूध वाले ने सूचना दी कि कमल ठाकुर का शव क्षत-विक्षत हालत में पड़ा हुआ है। कमल पचमढ़ी मेस में खाना बनाने का काम करते थे। हर शनिवार अपने गांव आते थे। शनिवार रात को भी वह पचमढ़ी से लौटे थे। मृतक की उम्र करीब 40 साल थी। उनके 5 बच्चे हैं, जिनमें 3 बेटियां और 2 बेटे शामिल हैं। इनकी शादी 15 साल पहले हुई थी। देखिए तस्वीरें… मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारी पिपरिया फॉरेस्ट एसडीओ आशीष खोपरागडे को घटना की सूचना मिलते ही उन्होंने बनखेड़ी रेंज के अधिकारियों को सूचित किया। बनखेड़ी के रेंज ऑफिसर (आरओ) सुमित पांडे ने बताया कि बाघ के हमले में कमल ठाकुर की मौत हुई है। उसका शव बरामद कर लिया गया है। घटना स्थल पर पिपरिया के आरओ दुर्गेश बिसेन सहित अन्य वनकर्मी भी पहुंचे। ग्रामीणों ने सुबह जंगल की झाड़ियों में शव पड़ा देखकर वन विभाग को सूचना दी थी। ग्रामीणों के अनुसार, बाघ ने रात में कमल पर हमला किया और उसके शव को झोपड़ी से घसीटकर जंगल में ले गया। पंचनामा की कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीण बोले- अफसरों को बताया, लेकिन ध्यान नहीं दिया झारिया गांव के रहने वाले दुर्गेश ने बताया कि कई दिनों से गांव के आसपास बाघ का मूवमेंट है। उसकी दहाड़ भी सुनाई देती है। इस बारे में वन विभाग वालों को भी बताया है, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। घटना के बाद गांव वालों में आक्रोश है। मृतक की पत्नी रंजीता ने बताया कमल पचमढ़ी में दैनिक वेतन पर माली और आर्मी कैंटीन में रोटी बनाने का काम करता था। SDO बोले- 8 लाख रुपए की मुआवजा राशि दी जाएगी वन विभाग के प्रभारी एसडीओ बनखेड़ी अनिल विश्वकर्मा ने बताया कि सूचना मिलने पर वनकर्मी मौके पर पहुंचे थे। हमने पुलिस को भी सूचना दी। पीएम करवाकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। वन्य जीवों से अगर किसी की मौत होती है तो शासन की ओर से 8 लाख रुपए का मुआवजा दी जाती है। उसी के लिए कार्यवाही की जा रही है। आसपास मुनादी करवा दी है ताकि लोग सतर्क रहे। वन्यप्राणी आसपास ही होगा। परिक्षेत्र सामान्य जंगल और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से सटा हुआ है। क्षेत्र में पहले भी पग मार्ग मिले हैं।
