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बड़े तालाब से अतिक्रमण-प्रदूषण हटाने सांसद ने बुलाई बैठक:बोले-वक्फ की जागीर हो गया भोपाल,कलेक्टर ने पूछा-कितना अतिक्रमण बचा, बगलें झांकने लगे एसडीएम, कहा-एक हफ्ते में हटाएं

बड़े तालाब को अतिक्रमण और प्रदूषण मुक्त करने के उद्देश्य से सांसद आलोक शर्मा ने सोमवार को कलेक्टोरेट में उच्च स्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह, एडीएम अंकुर मेश्राम, नगर निगम अपर आयुक्त तन्मय वशिष्ठ शर्मा, सभी एसडीएम सहित जनप्रतिनिधि शामिल हुए। यहां सांसद ने बड़े तालाब का मास्टर प्लान नए सिरे से तैयार करने को कहा, तो कलेक्टर पूछ बैठे कि तालाब के आसपास कितना अतिक्रमण बचा है। इस पर सभी एसडीएम बगलें झांकने लगे। सांसद ने कहा कि बड़ा तालाब आज गंभीर प्रदूषण और अतिक्रमण की चपेट में है। तालाब का कुल भराव क्षेत्रफल 31 वर्ग किलोमीटर है, लेकिन अतिक्रमण और सूखे के कारण यह क्षेत्र 8-9 किलो मीटर में ही सिमट कर रह गया है। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों से पूछा कि तालाब में कितने गंदे नालों का पानी मिल रहा है और कितने नालों का पानी रोकने के लिए एसटीपी बनाए हैं। तालाब के पास फार्म हाउस नहीं बन सकते, फिर भी फार्म हाउस-मकान बन रहे हैं। जिससे तालाब की सीमा खत्म हो रही है। उन्होंने पूछा कि बड़े तालाब से अतिक्रमण हटाने के लिए एनजीटी ने अब कितने आदेश जारी किए हैं ? कितने आदेशों का पालन जिला प्रशासन और नगर निगम ने किया है। तालाब के आसपास भविष्य में कोई अतिक्रमण न हो और एनजीटी के आदेश पर अमल करने के लिए कोई टीम गठित की है क्या? इस टीम ने क्या-क्या कार्यवाही की है? एसडीएम को दी हफ्तेभर की मोहलत कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह ने सभी एसडीएम से अलग-अलग चर्चा कर जानना चाहा कि अतिक्रमण हटाने के लिए क्या कार्रवाई की। उन्होंने हफ्तेभर की मोहलत चारों एसडीएम को दी है कि एक हफ्ते में सभी मेजर प्राइमा फेसी अतिक्रमण बड़े तालाब के किनारे से हटाए जाएं। उन्होंने साफ कर दिया कि अब हर हफ्ते अतिक्रमण हटाने और प्रदूषण रोकने के संबंध में समीक्षा बैठक की जाएगी। वक्फ बोर्ड की जागीर हो गया भोपाल सांसद शर्मा ने पूछा कि भदभदा डेम के पास प्रेमपुरा से 227 झुग्गियां पहले हटाई गई हैं पर अभी भी 26 झुग्गियां बची हैं, वे अभी तक क्यों नहीं हटाई गईं? उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज पूरा भोपाल वक्फ बोर्ड की जागीर हो गया है। भोपाल की जनता की सहुलियत के लिए मेट्रो ट्रेन की लाइन डालो, तो कहते हैं कि यह वक्फ की जमीन है। जब मैं भोपाल का महापौर था तब मैंने पोलेटेक्निक चौराहा से डिपो चौराहा तक स्मार्ट रोड बनानी चाही, तब भी कहने लगे यह वक्फ की जगह है। लेकिन तब मैंने स्मार्ट सिटी रोड बनाकर भोपाल की जनता की सेवा की। इसी प्रकार से जब भोपाल के हमीदिया रोड स्थित सब्जी मंडी की जगह पर पीपीपी मॉडल पर बस स्टैंड बनाने गए, तो कहते हैं कि यह वक्फ बोर्ड की जगह है। तालाब को लेकर आईं सभी रिपोर्ट सार्वजनिक करना चाहिए सांसद शर्मा ने कहा कि तालाब की गहराई और एरिया को लेकर सेप्ट की रिपोर्ट, केपीएमजी की रिपोर्ट, कुमार एसोसिएट्स द्वारा किए गए सर्वे की रिपोर्ट यह सारी रिपोर्ट है सार्वजनिक की जाना चाहिए। सेप्ट की रिपोर्ट के आधार पर जो पीले कलर की मुनारे तालाब के किनारे लगाई गई थी उनको भी लोगों ने उखाड़ कर फेंक दिया। तालाब का पुनः सर्वे किया जाना चाहिए। लैंडजिहाद के नाम पर गुंडागर्दी की अनुमति नहीं देंगे सांसद ने कहा कि अब भोपाल में किसी को भी वक्फ बोर्ड के नाम पर, इनायत हिब्बे के नाम पर, लैंडजिहाद के नाम पर गुंडागर्दी की अनुमति नहीं दी जाएगी। तालाब सुरक्षित रहे, इसमें जाने वाला सीवेज रूके। एसटीपी बनाएं। इसका एरिया सुरक्षित रहे। इसमें प्रदूषण न हो। इसके आसपास किसी भी तरह का अवैध कंस्ट्रक्शन न हो। इसका लैंड यूज फिर से बनाया जाए। तालाब का सोर्स एरिया सुरक्षित रहे। कुल मिलाकर भोपाल के बड़े तालाब का नए सिरे से सर्वे किया जाकर इसका मास्टर प्लान तैयार किया जाए। तभी हम विरासत से विकास के संकल्प को पूरा कर पाएंगे।

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