बड़े तालाब के 50 मीटर दायरे में अतिक्रमण चिह्नित करने का काम 24 फरवरी से चल रहा है। प्रशासन की टीम बैरागढ़ एसडीएम सर्कल के तहत आने वाले कोहेफिजा, खानूगांव और हलालपुर क्षेत्रों में सक्रिय है। यहां अब तक करीब 60 से ज्यादा बड़े अतिक्रमण चिह्नित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही लगभग 1 दर्जन झुग्गियां भी सूची में शामिल की गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि आगे की कार्रवाई तय प्रक्रिया के तहत की जाएगी। दूसरी ओर टीटी नगर एसडीएम दफ्तर सर्कल की स्थिति अलग है। यहां अभी तक सीमांकन का काम शुरू ही नहीं हो पाया है। टीटी नगर एसडीएम अर्चना शर्मा के अनुसार, इसके पीछे मुख्य वजह टीएंडसीपी के नक्शे और कोऑर्डिनेट (माप बिंदु) उपलब्ध नहीं होना है। नक्शों और सटीक कोऑर्डिनेट के बिना सीमांकन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है, जिससे कार्रवाई में देरी हो रही है। हालांकि, सीमांकन का काम शुरू नहीं होने के बावजूद इस सर्कल में 10 से ज्यादा अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं। इनमें बड़े तालाब और कलियासोत के किनारे बनी डेयरियां भी शामिल हैं। ऐसे पक्के निर्माण… यही वजह कि तालाब का पानी फैल नहीं रहा टीमें गेहूं खरीदी के काम में लगीं, हुजूर में सीमांकन लेट इधर, हुजूर एसडीएम दफ्तर होली बाद सीमांकन शुरू करेगा। अभी तक सीमांकन नहीं होने के पीछे अफसरों का तर्क है कि फसल कटाई से पहले गिरदावरी काम चल रहा है। इसलिए थोड़ी देरी हुई थी। लेकिन होली के बाद अब सीमांकन काम शुरू कर दिया जाएगा। समय पर ये काम पूरा कर लिया जाएगा। कुछ इलाकों में एफटीएल में अवैध कॉलोनियां आ रही हैं। इसकी जांच भी करा रहे हैं। ताकि, ये पता चल सके कि आखिर कौन लोग हैं जो अवैध कॉलोनी को एफटीएल में काट रहे हैं। स्पष्ट अतिक्रमण पर बिना सीमांकन कार्रवाई होगी … प्रशासन का कहना है कि जहां स्पष्ट रूप से अतिक्रमण सामने आए, वहां बिना सीमांकन की प्रक्रिया पूरी किए भी कार्रवाई की गई है। बड़े तालाब के आसपास अतिक्रमण हटाने की यह मुहिम शहर में चर्चा का विषय बनी है। आने वाले दिनों में अन्य क्षेत्रों में भी सीमांकन और कार्रवाई तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
