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पिता बोले- कभी सिरदर्द नहीं हुआ, डांस करते-करते मौत:भांजे की शादी में मामेरा लेकर गए थे; दोस्त बोले-लौटकर केले की फसल काटने वाले थे

बेटा घनश्याम एकदम स्वस्थ था। उसे कभी सिरदर्द भी नहीं हुआ। शादी में मामेरा लेकर गया था। पता नहीं कैसे अचानक हार्ट अटैक आ गया। मामेरा भी नहीं हुआ। बेटे की मौत से उसके बच्चे अनाथ हो गए हैं रुंधे हुए गले से यह कहते हुए तुकाराम यादव (66) मौन हो जाते हैं। खरगोन में मेहंदी की रस्म के दौरान दूल्हे के मामा नाचते-नाचते जमीन पर गिर पड़े थे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मूलतः बड़वानी के पिपलूद के रहने वाले थे। घटना 17 फरवरी की रात की है। दूसरे दिन शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इधर, शादी में मामेरा की रस्म नहीं हुई। गुरुवार को भांजी की शादी साधारण तरीके से हो गई। 21 फरवरी को भांजे की शादी भी साधारण ही होगी। दैनिक भास्कर डिजिटल की टीम जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर पिपलूद गांव पहुंची। यहां घनश्याम यादव के परिवार वालों से बात कर उनकी मेडिकल हिस्ट्री जानने की कोशिश की। तलून गांव पहुंची भास्कर की टीम बड़वानी से करीब 8 किमी दूर तलून गांव से अंदर की ओर प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत डामर सड़क जाती है। यहां से दो किमी चलकर पिपलूद गांव पड़ता है। एक शख्स से पूछा, उसने घर का पता बता दिया। गांव के चौराहे पर मुख्य सड़क पर बड़ा सा पक्का मकान है। बाहर दो-तीन लोग खड़े थे। वहां मौजूद एक शख्स से पूछा, तो उन्होंने कहा कि यही घर है। घर के अंदर फर्श पर रिश्तेदार, परिवार और गांव के लोग बैठे हैं। घर के अंदर महिलाएं बैठी हैं। अंदर से रोने की आवाजें भी आ रही हैं। घर के सदस्य के अचानक चले जाने से पत्नी और परिवार के बाकी सदस्य गमगीन हैं। उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि घनश्याम उनके बीच नहीं रहे। अपना परिचय दिया, तो सफेद कुर्ता पहने घनश्याम के पिता तुकाराम यादव आगे आए। बातचीत शुरू हुई। उन्होंने कैमरे पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया, लेकिन सामान्य बात की। पत्नी निशा यादव भी सदमे में हैं। पिता बोले- बेटे को कभी-कभी सिरदर्द भी नहीं हुआ पिता तुकाराम बताते हैं कि दो बेटे हैं। बड़ा बलिराम और छोटा घनश्याम यादव है। बेटी ललिता यादव की ससुराल खरगोन में कसरावद क्षेत्र के ओझरा गांव में है। यहां नाती अंकित और नातिन रजनी की शादी थी। गुरुवार को ही साधारण तरीके से नातिन का ब्याह हुआ। इससे पहले, 17 फरवरी की दोपहर 12.30 बजे घनश्याम परिवार के साथ ओझरा के लिए निकले थे। घर में शादी का माहौल था। सभी लोग खुश थे। शादी के लिए कपड़े भी खरीदे थे। बेटा पूरी तरह स्वस्थ था। उसे कोई बीमारी नहीं थी। यहां तक कि कभी सिरदर्द भी नहीं हुआ। सब कुछ अचानक हुआ। परिवार खेती करता है। आठ एकड़ जमीन में से चार एकड़ में केले लगे हैं। बाकी में मक्का लगा है। घनश्याम को शादी से वापस लौटकर केले की फसल कटाई की तैयारी करनी थी। बड़ा भाई बोला- रात को दाल-बाटी और चावल खाए थे घनश्याम के बड़े भाई बलिराम ने बताया कि दोपहर में गांव पहुंचकर गणेश पूजन किया था। पहले हल्दी की रस्म हुई। रात के खाने में दाल-बाटी और चावल खाए थे। उसके बाद बहू निशा यादव और घनश्याम यादव मेहंदी की रस्म में शामिल हुए। घर की महिलाओं समेत आसपास के लोग भी शामिल थे। नाच-गाना चल रहा था। घरवालों के कहने पर घनश्याम और उसकी पत्नी भी नाचने चले गए। नाचते समय उसने पत्नी पर नोट भी न्योछावर किए। बेटा कर्तव्य (13) मोबाइल से वीडियो बना रहा था। इसी दौरान घनश्याम अचानक लड़खड़ाकर जमीन पर गिर गया। हमने समझा कि शायद डांस का ही कोई स्टेप कर रहा है। दो-पांच मिनट बाद भी नहीं उठा, तो देखा। वह बेहोश हो गया था। हम घबरा गए। उसे तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने ईसीजी भी कराई, इसमें साइलेंट अटैक की पुष्टि हुई। हालांकि घनश्याम शांत स्वभाव का था, उसे टेंशन भी नहीं थी। बड़ी बेटी बी.फार्मा कर रही है चचेरे भाई संतोष यादव ने बताया कि घनश्याम की दो बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी साक्षी यादव बी.फार्मा कर रही है। दूसरी काव्या यादव 11वीं में है। वहीं, तीसरा बेटा कर्तव्य यादव 8वीं में है। घनश्याम सुबह 5 बजे उठ जाते थे। नित्य क्रिया के साथ पूजा-पाठ करके सुबह 8 बजे खेत जाते थे। दोपहर 12 बजे आकर खाना खाते थे। थोड़ी देर आराम करके दोपहर 3 बजे वापस खेत चले जाते थे। शाम 6 बजे वापस घर आ जाते थे। खाना खाकर थोड़ी देर परिवार से बातचीत करके गांव में चले जाते थे। रात 9 बजे तक लौटते थे, रात 10 बजे तक सो जाते थे। दोस्त बोले- लौटकर केले की फसल निकालनी थी घनश्याम के मित्र उत्तम पटेल ने बताया कि वह शांत स्वभाव का था। अक्सर शाम को गांव के चौराहे पर सभी दोस्त मिलकर बैठते थे और हंसी-मजाक व खेती-किसानी की बातें करते थे। शादी से लौटकर केले की फसल निकालने की बात कही थी। उसे कोई परेशानी या दिक्कत नहीं थी। स्वभाव हंसमुख और शांत था। परिवार और दोस्तों को लेकर चलता था। हम आपस में परिवार के सदस्यों की तरह ही रहते थे। 19 को भांजी रजनी की बारात आने वाली थी। घनश्याम का फोन भी आया था। कहा था कि बारात आएगी, व्यवस्था हमें मिलकर संभालना है। हम गांव के सभी दोस्तों ने गुरुवार सुबह से शादी में जाने की योजना बनाई थी। उससे पहले मौत की खबर आ गई। कुछ समझ नहीं आ रहा। सभी दोस्त स्तब्ध हो गए हैं। अब ग्राफिक्स के जरिए पढ़िए हार्ट अटैक के बारे में… इसे भी पढ़ें… शादी में डांस करते-करते आया हार्ट अटैक खरगोन में मेहंदी की रस्म के दौरान दूल्हे के मामा को हार्ट अटैक आ गया। वे नाचते-नाचते जमीन पर गिर पड़े। परिजन ने इसे उनका डांस स्टेप ही समझा। कुछ देर तक जब वे नहीं उठे तो रिश्तेदार उनकी तरफ बढ़े। पढ़ें पूरी खबर

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