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पाकिस्तान दुनिया का सबसे प्रदूषित देश, भारत का छठा नंबर:UP के लोनी शहर की हवा दुनिया में सबसे खराब, नई दिल्ली चौथे नंबर पर

वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट 2025 के मुताबिक भारत दुनिया का छठा सबसे प्रदूषित देश है। स्विस कंपनी IQAir की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा पॉल्यूटेड देशों में पाकिस्तान पहले नंबर पर है। इसके बाद बांग्लादेश, ताजिकिस्तान, चाड और कांगो हैं। उत्तर प्रदेश का लोनी दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बना है, जबकि नई दिल्ली चौथे स्थान पर है। दुनिया के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में 5 भारत के हैं। इनमें यूपी के गाजियाबाद, लोनी, असम के बर्नीहाट, नई दिल्ली और पश्चिम बंगाल का उला शामिल हैं। लोनी का औसत PM2.5 स्तर 112.5 µg/m³ दर्ज किया गया, जो WHO की गाइडलाइन (5 µg/m³) से 22 गुना ज्यादा है। रिपोर्ट में 143 देशों के 9,446 शहरों के डेटा का एनालिसिस किया गया है। 54 देशों में प्रदूषण बढ़ा रिपोर्ट के मुताबिक 54 देशों में PM2.5 बढ़ा है। जबकि 75 देशों में PM2.5 में कमी आई है। 2 देशों में कोई बदलाव नहीं हुआ है और 12 नए देश शामिल हुए हैं। दुनिया के सिर्फ 14% शहर ही WHO के मानकों पर खरे उतरे हैं। 2025 में क्लाइमेट चेंज के चलते जंगल की आग ने वैश्विक प्रदूषण बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। यूरोप और कनाडा से रिकॉर्ड बायोमास उत्सर्जन हुआ, जिससे 1,380 मेगाटन कार्बन उत्सर्जन हुआ। अमेरिका और यूरोप में भी असर अमेरिका में PM2.5 बढ़कर 7.3 µg/m³ हुआ। एल पासो सबसे प्रदूषित शहर रहा। जबकि सिएटल सबसे साफ शहर बना। यूरोप के भी 23 देशों में प्रदूषण बढ़ा, जबकि 18 में कमी आई। मार्च 2025 में अमेरिकी ग्लोबल एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग प्रोग्राम बंद होने से कई देशों में डेटा की कमी हो गई। CREA के अनुसार 44 देशों में मॉनिटरिंग कमजोर हुई है। 6 देश बिना किसी मॉनिटरिंग के रह गए। भारत 2024 में 5वें नंबर पर था IQAir की 2024 वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट में भारत दुनिया का 5वां सबसे प्रदूषित देश था। देश में प्रदूषण का स्तर 50.6 µg/m³ था। जो WHO की सेफ कैटेगरी से 10 गुना ज्यादा है। असम का बर्नीहाट देश का सबसे प्रदूषित शहर था। 2024 में दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी थी और दुनिया के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में से 13 भारत के थे। ————————————— ये खबर भी पढ़ें… भारत में प्रदूषण से हर साल 17 लाख मौतें, ₹30 लाख करोड़ का नुकसान हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर गीता गोपीनाथ ने कहा कि वर्ल्ड बैंक की 2022 की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हर साल करीब 17 लाख लोगों की मौत प्रदूषण के कारण होती है। यह देश में होने वाली कुल मौतों का लगभग 18% है। उन्होंने पॉल्यूशन को भारत के लिए टैरिफ से ज्यादा बड़ा खतरा बताया है। पूरी खबर पढ़ें…

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