सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के बीकॉम और बीसीए तृतीय वर्ष के फाउंडेशन पेपर में पूछे गए एक प्रश्न से विवाद खड़ा हो गया है। सोमवार को आयोजित परीक्षा में पूछा गया-‘अल्लाह के सिवा दूसरा कोई नहीं है’। इसके साथ चार विकल्प दिए गए थे, जिनमें 1. सोमेश्वर, 2. खुदा, 3. शक्तिवान, 4. दंड देने वाला शामिल थे। इस प्रश्न को लेकर हिंदूवादी संगठनों ने आपत्ति जताते हुए प्रश्न पत्र बनाने वाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के बीकॉम और बीसीए तृतीय वर्ष के फाउंडेशन कोर्स का पेपर सोमवार को आयोजित हुआ था। पेपर सामने आने के बाद उज्जैन सहित रतलाम में हिंदूवादी संगठनों ने इस पर आपत्ति जताई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि पेपर किसने तैयार किया था। उज्जैन में हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक रितेश माहेश्वरी ने कहा कि जिस प्रोफेसर ने इस तरह का पेपर सेट किया है, उसके खिलाफ विश्वविद्यालय को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए, अन्यथा बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इधर विवाद बढ़ता देख सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के कुलसचिव अनिल शर्मा ने जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने बताया कि मामला परीक्षा समिति को भेजा गया है। यह सवाल बीकॉम और बीसीए के फाउंडेशन पेपर में पूछा गया था। फाउंडेशन कोर्स में विभिन्न धर्मों से जुड़े प्रश्न होते हैं, लेकिन इस तरह का प्रश्न अपेक्षित नहीं है। परीक्षा समिति की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। कुलपति अर्पण भारद्वाज ने बताया कि परीक्षा नियंत्रक से इस संबंध में जवाब मांगा गया है कि ऐसा सवाल क्यों पूछा गया। इसके लिए परीक्षा विभाग की बैठक बुलाई गई है। यदि इस प्रश्न को हटाया जाता है, तो विद्यार्थियों को अंक किस प्रकार दिए जाएंगे, इस पर भी चर्चा की जाएगी।
