ग्वालियर-भिंड-इटावा नेशनल हाईवे-719 के चौड़ीकरण की मांग को लेकर सोमवार दोपहर मालनपुर के बरैठा टोल प्लाजा पर ‘नो रोड, नो टोल’ आंदोलन शुरू हो गया। आंदोलन शुरू होते ही कुछ प्रदर्शनकारियों ने हंगामा कर दिया। ऑनलाइन टोल कटने का विरोध करते हुए टोल बूथ में तोड़-फोड़ कर दी। घटना के बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे तय कार्यक्रम के अनुसार संत कालीदास महाराज के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी बरैठा टोल प्लाजा पहुंचे और आंदोलन शुरू किया। इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि टोलकर्मी भले ही टोल फ्री होने की बात कह रहे हैं, लेकिन वास्तव में यहां से गुजरने वाले वाहनों से ऑनलाइन टोल वसूला जा रहा है। उनका कहना है कि टोल प्लाजा पर लगे स्कैनर के जरिए गुजरने वाली गाड़ियों से अपने आप पैसे कट रहे हैं, जिससे लोगों में नाराजगी है। प्रदर्शन की 4 तस्वीरें देखिए… आंदोलन से ठीक पहले दो धड़े में बंटा संत समाज इस आंदोलन से ठीक पहले संत समाज दो धड़े में बंट गया था। संत समिति के प्रदेश अध्यक्ष रामदास महाराज ने वीडियो जारी कर इसे स्थगित करने की बात कही थी। वहीं, जिला अध्यक्ष कालीदास महाराज ने रविवार रात 2 बजे वीडियो जारी कर प्रदेश अध्यक्ष की बात का खंडन करते हुए तय समय पर प्रदर्शन का ऐलान किया था। प्रदेशाध्यक्ष बोले- राजनीतिक घुसपैठ हो गई प्रदेश अध्यक्ष रामदास महाराज ने अपने वीडियो मैसेज में कहा था कि इस आंदोलन में कुछ राजनीतिक लोगों की घुसपैठ हो गई है। उन्होंने कहा था कि ये लोग शासन के खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सहित अन्य मंत्रियों से जल्द काम शुरू कराने का आश्वासन मिला है। हादसों के कारण नाम पड़ा ‘मौत का हाईवे’ जिलाध्यक्ष कालीदास महाराज ने बताया कि नेशनल हाईवे-719 की खराब स्थिति के कारण इसे लोग ‘मौत का हाईवे’ कहने लगे हैं। यहां आए दिन सड़क हादसों में लोगों व पशुओं की मौत हो रही है, जिसे लेकर पिछले दो वर्षों से लगातार हाईवे चौड़ीकरण की मांग जारी है। गडकरी ने दिया था 6 माह का आश्वासन हाईवे चौड़ीकरण का यह प्रस्ताव करीब दो साल से लंबित है। इसे लेकर करीब दस माह पहले संतों का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिला था। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में हुई इस मुलाकात में गडकरी ने छह माह में निर्माण काम शुरू कराने का आश्वासन दिया था।
