नीमच जिले में ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे और फसल बीमा क्लेम में देरी को लेकर कांग्रेस ने रविवार को भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जिला कांग्रेस कमेटी ने भारत माता चौराहा पर एक विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। धरने को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन, पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा और कांग्रेस जिलाध्यक्ष तरुण बाहेती ने सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने आरोप लगाया कि ओलावृष्टि से गेहूं, चना और सरसों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा अभी तक निष्पक्ष सर्वे नहीं कराया गया है। नेताओं ने कहा कि सरकार की उदासीनता के कारण अन्नदाता आर्थिक रूप से टूट चुका है और किसान महीनों से अपने बीमा क्लेम के लिए भटक रहे हैं। कांग्रेसजनों ने मांग की कि लंबित सभी फसल बीमा राशि तत्काल किसानों के बैंक खातों में जमा की जाए। इसके साथ ही, नीमच की प्रमुख फसल अफीम को भी फसल बीमा और राजस्व मुआवजे के दायरे में शामिल करने की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मनरेगा के बजट में कटौती गरीबों के रोजगार पर सीधा हमला है। धरने के बाद, कांग्रेस नेताओं ने महामहिम राज्यपाल के नाम एक 4 सूत्रीय मांग पत्र कलेक्टर प्रतिनिधि को सौंपा। इस ज्ञापन में ओलावृष्टि का तत्काल मुआवजा, फसल बीमा का शीघ्र भुगतान, मनरेगा को मजबूत करना और अफीम फसल को बीमा सुरक्षा प्रदान करने की मांगें प्रमुख थीं। ज्ञापन में जावद क्षेत्र में मधुमक्खियों के हमले से बच्चों की जान बचाने वाली कंचन बाई को शहीद का दर्जा देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। इस प्रदर्शन में पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा, पूर्व विधायक डॉ. संपत स्वरूप जाजू, महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष आशा सांभर, मधु बंसल, बृजेश मित्तल, हरीश दुआ, महेश वीरवार, सत्यनारायण पाटीदार, नाथू सिंह, महेश पाटीदार, गजेंद्र यादव सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
