नीमच के ग्राम रायसिंहपुरा में तीन दिन चलने वाला पंच कुण्डीय रुद्र महायज्ञ और शिव परिवार प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव शनिवार को पूरा हुआ। यह आयोजन आध्यात्मिक चेतना और लोक कल्याण की कामना के साथ किया गया। महोत्सव का समापन महा-पूर्णाहुति और मंदिर शिखर पर कलश स्थापना के साथ हुआ। यज्ञ में शामिल 55 जोड़ों ने 2.5 लाख आहुतियां दी। 1 हजार कलशों से महाभिषेक महायज्ञ के अंतिम दिन ब्रह्म मुहूर्त में भगवान शिव परिवार का सहस्त्रधारा महाभिषेक किया गया। इसमें 1000 कलशों के जल का उपयोग किया गया। वैदिक ब्राह्मणों ने शास्त्रों के नियम के हिसाब से मूर्तियों में प्राण-प्रतिष्ठा कराई। दोपहर अभिजीत मुहूर्त में मंदिर के शिखर पर स्वर्ण कलश की स्थापना की गई। इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। 55 जोड़ों ने किया पूजन यज्ञ के मुख्य पंडित नारायण शर्मा ने जानकारी दी कि तीन दिवसीय पञ्चकुण्डीय रुद्र महायज्ञ में प्रतिदिन लगभग 55 जोड़ों ने यजमान के रूप में पूजन किया। इस दौरान कई जड़ी-बूटियों, औषधियों और घी से 2 लाख 50 हजार से अधिक आहुतियां दी गईं। महोत्सव के समापन अवसर पर रायसिंहपुरा सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में एक विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया। यह आयोजन शुक्ल यजुर्वेदीय परंपरा के अनुसार संपन्न हुआ। आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामवासियों की सुख-समृद्धि और विश्व शांति है।
