खिमलासा थाना क्षेत्र में 13 वर्षीय नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में सोमवार को खुरई कोर्ट ने फैसला सुनाया है। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश संध्या मनोज श्रीवास्तव की कोर्ट ने आरोपी प्रदीप अहिरवार को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। ईंट भट्टे से लौटते समय किया अपहरण लोक अभियोजन अधिकारी बलबीर सिंह ने बताया कि घटना 23 अप्रैल 2024 की है। पीड़िता के माता-पिता ईंट भट्टे पर मजदूरी कर रहे थे और उनकी बेटी उन्हें खाना देकर घर लौट रही थी, तभी वह लापता हो गई। काफी तलाश के बाद पिता ने भानगढ़ थाना के हिन्नोद निवासी प्रदीप अहिरवार पर बेटी को भगा ले जाने का संदेह जताते हुए खिमलासा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। गुजरात से हुई थी दस्तयाबी पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपी प्रदीप और नाबालिग को गुजरात से बरामद किया था। पीड़िता ने पुलिस को दिए बयानों में बताया कि आरोपी उसे बहला-फुसलाकर ले गया था और वहां उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर चालान पेश किया था। विभिन्न धाराओं में सजा और जुर्माने का आदेश न्यायालय ने साक्ष्यों और पीड़िता के बयानों के आधार पर प्रदीप अहिरवार को पॉक्सो एक्ट और धारा 376(3) में 20-20 साल की सजा सुनाई। इसके साथ ही धारा 363 (अपहरण) में 5 साल की जेल और कुल 12 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
