आदमपुर खंती के लिगेसी वेस्ट निपटान के लिए 55 करोड़ रुपए के टेंडर पर नगर निगम परिषद की बैठक में तीखा विवाद हुआ। एमआईसी के बाद परिषद ने भी टेंडर मंजूर करने से इंकार कर दिया और निर्णय कमिश्नर पर छोड़ दिया। एमआईसी सदस्य रवींद्र यती ने आरोप लगाया कि अफसरों ने प्रस्ताव की भाषा बदल दी, जबकि एमआईसी ने केवल इसे परिषद के सामने रखने की बात कही थी, मंजूरी नहीं दी थी। उन्होंने जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस पहले से विरोध में थी, वहीं भाजपा पार्षदों ने भी टेंडर अस्वीकार कर दिया। पार्षदों का कहना था कि इतनी अधिक दर पर मंजूरी देने पर भविष्य में गड़बड़ी सामने आने पर उन्हें जांच का सामना करना पड़ सकता है, जैसे एमपी नगर सड़क मामले में हो रहा है। नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कहा कि पूरी योजना पहले परिषद में लानी चाहिए थी। एमआईसी सदस्य जितेंद्र शुक्ला ने स्लॉटर हाउस का उदाहरण देते हुए अफसरों पर मनमानी का आरोप लगाया। मदों में कटौती की गई है नगर निगम ने इस बार बजट में मदों की संख्या में 35% तक कटौती की है। पहले 1200 अलग-अलग मद थे, जिन्हें घटाकर 800 से कम कर दिया गया है। निगम 50% मद कम करने के दावे कर रहा था, लेकिन फिलहाल 400 से ज्यादा मद ही कम हुए हैं। यह बदलाव इसलिए किया गया है, जिससे एक जैसे काम अलग-अलग मदों में नहीं कराए जाएं। इनकी दरें एक समान हों।
पार्षदों का डर… जांच में फंसेंगे भाजपा और कांग्रेस पार्षदों ने कहा कि इतनी बड़ी राशि के टेंडर को मंजूरी देने पर भविष्य में किसी गड़बड़ी की स्थिति में उन्हें भी जांच का सामना करना पड़ सकता है। एमआईसी सदस्य जितेंद्र शुक्ला ने कहा कि पहले भी स्लॉटर हाउस मामले में अफसरों की मनमानी से इसी तरह निर्णय की गलत व्याख्या हुई थी, जिससे विवाद खड़ा हुआ। कमिश्नर बोलीं– यह साझा जिम्मेदारी कमिश्नर संस्कृति जैन ने कहा कि आदमपुर खंती का निपटान केवल प्रशासन नहीं, जनप्रतिनिधियों की भी जिम्मेदारी है। 55 करोड़ तक के निर्णय का अधिकार परिषद के पास है। मेरे उनके पास केवल 5 करोड़ तक की स्वीकृति का अधिकार है। इस पर अध्यक्ष किशन सिंह सूर्यवंशी ने परिषद की ओर से कमिश्नर को निर्णय लेने के लिए अधिकृत कर दिया। स्लॉटर हाउस मामले की गूंज, महापौर बोलीं-कार्रवाई होगी बैठक की शुरुआत में ही नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने स्लॉटर हाउस के ट्रक में गोमांस मिलने मामले को उठाते हुए जांच में देरी पर सवाल खड़े किए। कांग्रेस पार्षदों ने मांग की कि वर्तमान के साथ पूर्व और सेवानिवृत्त अधिकारियों की भूमिका भी जांच में शामिल की जाए। महापौर मालती राय ने कहा कि सभी जिम्मेदारों की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। परिषद को लेना है निर्णय
आदमपुर खंती का निपटान जरूरी है। परिषद के अधिकार अधिक हैं, इसलिए निर्णय उन्हें लेना चाहिए।
संस्कृति जैन, कमिश्नर झुग्गी के परिक्षेत्र से बाहर आए महापौर और पार्षद वाणी प्रॉपर्टी टैक्स की गणना के लिए निर्धारित परिक्षेत्र का नियम अब भी पूरी तरह अपडेट नहीं हुआ है। गिनती के जनप्रतिनिधियों के इलाकों का परिक्षेत्र बदल गया है। लेकिन, कई क्षेत्रों में अब भी बहुमंजिला इमारतें होने के बावजूद झुग्गी क्षेत्र जैसा टैक्स ही लिया जा रहा है। महापौर मालती राय के वार्ड 36 पुष्पा नगर स्थित तीन प्रॉपर्टी का परिक्षेत्र पहले 2 दर्ज था, जिसे अब अपडेट कर परिक्षेत्र- 3 कर दिया गया है। इसी तरह वार्ड 70 के पार्षद अशोक वाणी की प्रॉपर्टी (वार्ड 69) का परिक्षेत्र भी 2 से बदलकर 3 कर दिया गया है। परिक्षेत्र एक-और दो में झुग्गी जैसा टैक्स लगता है। यानी, अब महापौर और अशोक वाणी झुग्गी से बाहर हो गए हैं। लेकिन पार्षद देवेन्द्र भार्गव के वार्ड 12 नरियलखेड़ा स्थित मकान अब भी परिक्षेत्र 2 में ही है। इनके पूरे वार्ड में ही झुग्गी क्षेत्र जैसा टेक्स लगाया जा रहा है। रमेश जी की स्मृति में हर साल 6 पत्रकारों को अवॉर्ड देगा निगम नगर निगम दैनिक भास्कर समूह के संस्थापक स्व. रमेशचंद्र अग्रवाल की स्मृति में हर साल 6 पत्रकारों को अवॉर्ड देगा। इसमें 3 प्रिंट मीडिया और 3 इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार शामिल किए जाएंगे। महापौर मालती राय ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि रमेश जी ने उच्चस्तरीय मानकों के साथ पत्रकारिता को सदैव निष्पक्ष रखा। बजट की महत्वपूर्ण घोषणाएं 3 करोड़ से लगेंगी महापुरुषों की प्रतिमाएं, 6.9 करोड़ से ट्रैफिक सुधार
