आदमपुर छावनी में आठ वर्षों में जमा हुए 6 लाख टन से अधिक लिगेसी वेस्ट के निपटान की दिशा में जमीन पर काम शुरू हो गया है। भोपाल-कानपुर बायपास निर्माण के लिए शनिवार रात खंती से 23 ट्रकों के जरिए करीब 690 टन इनर्ट वेस्ट पहुंचाया गया। इसका उपयोग भराव के लिए किया जाएगा। इस मॉडल को खंती के स्थायी समाधान के रूप में देखा जा रहा है। नगर निगम और एनएचएआई के बीच पिछले महीने एमओयू भी हुआ था। जिसमें कचरे की छंटाई, गुणवत्ता जांच और इनर्ट मटेरियल के उपयोग की पूरी व्यवस्था निर्धारित की गई है। अब नगर निगम के पास प्रोसेस्ड लिगेसी वेस्ट लगभग खत्म हो चुका है, इसलिए अब यहां प्रोसेसिंग शुरू होने के बाद ही निगम एनएचएआई को यह इनर्ट दे पाएगा। कचरे की प्रोसेसिंग के सबसे अंत में निकलने वाला हिस्सा होता है इनर्ट इनर्ट वेस्ट कचरे की प्रोसेसिंग के बाद निकलने वाला हिस्सा होता है। सबसे अंत में 15 से 25 प्रतिशत तक इऩर्ट निकलता है। इसमें मिट्टी भी शामिल होती है। यदि खंती में मौजूद पूरे 6 लाख टन कचरे की प्रोसेसिंग हो जाए तो कम से कम 90 हजार टन इनर्ट निकलेगा। भानपुर में इनर्ट का पहाड़, आदमपुर में अनुमति नहीं
निगम ने भानपुर खंती के कचरे की प्रोसेसिंग के बाद निकले इनर्ट का वहां पहाड़ बनाया है। लेकिन नियम बदल जाने के बाद अब आदमपुर के लिगेसी वेस्ट की प्रोसेसिंग के बाद निकलने वाले इनर्ट का पहाड़ नहीं बनाया जा सकता। यदि खंती में प्रोसेसिंग व्यवस्थित हो जाए, तो इसी मॉडल से करीब 6 लाख टन कचरे का निपटान हो सकता है। ये अड़चन भी… आदमपुर के वेस्ट का टेंडर अटका
आदमपुर छावनी के लिगेसी वेस्ट निपटारे के लिए निगम को जो निविदा मिली है वह लगभग 55 करोड़ की है, जबकि नगर निगम का अनुमान 33 करोड़ रुपए था। इस बढ़ी राशि को मंजूर करने से निगम में सभी बचने का प्रयास कर रहे हैं। एमआईसी ने इसे परिषद तक पहुंचा दिया है। आज इस पर चर्चा हो सकती है। इधर, शिकायत… कचरे से क्षेत्र में आ रही बदबू
बिलखिरिया के लोगों का कहना है कि कचरे से बदबू आ रही है। इसे प्रोसेस नहीं किया गया। उधर, अफसरों का कहना है कि नमी से थोड़ी बदबू हो सकती है। तो साफ हो जाएगी खंती
यह प्रोजेक्ट सफल हुआ तो साफ हो सकती है। एनएचएआई को अयोध्या बायपास के लिए भी इनर्ट की जरूरत है। उम्मीद है कि हम सफल होंगे।
– संस्कृति जैन, निगमायुक्त
