धार जिले के आदिवासी बहुल बाग क्षेत्र में आयोजित नसबंदी शिविर में गंभीर लापरवाही सामने आई है। यहां 175 से अधिक आदिवासी महिलाओं का ऑपरेशन किया गया, जिसमें आरोप है कि प्रत्येक ऑपरेशन मात्र 2 मिनट में पूरा किया गया। यह मामला बाग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है, जो गंधवानी से विधायक और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का विधानसभा क्षेत्र भी है। सुबह करीब 8 बजे से 175 से अधिक आदिवासी महिलाएं अपने छोटे बच्चों और परिजनों के साथ शिविर में पहुंची थीं। उन्हें उम्मीद थी कि सरकारी शिविर में सुरक्षित और सम्मानजनक इलाज मिलेगा, लेकिन वहां की व्यवस्थाएं चिंताजनक थीं। पानी और बैठने तक की व्यवस्था नहीं थी
शिविर में पीने के पानी और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। जिन महिलाओं की नसबंदी की गई, उन्हें ऑपरेशन के बाद खुले आसमान के नीचे तेज धूप में जमीन पर ही लिटा दिया गया। कई महिलाएं दर्द और गर्मी से परेशान दिखीं। परिजनों को कपड़ों से हवा कर उन्हें राहत देने की कोशिश करते देखा गया। दोपहर तीन बजे पहुंचा था डॉक्टर
जानकारी के अनुसार, पूरे शिविर में करीब 180 ऑपरेशन करने की जिम्मेदारी एक ही निजी डॉक्टर को सौंपी गई थी। बताया गया कि यह डॉक्टर बड़वानी से दोपहर करीब 3 बजे केंद्र पर पहुंचे और तेजी से ऑपरेशन शुरू कर दिए। इतनी कम अवधि में किए गए ऑपरेशन की सुरक्षा, मरीजों की जांच और मेडिकल प्रोटोकॉल के पालन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मौके पर नहीं थे जिम्मेदार अफसर
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान शिविर के जिम्मेदार अधिकारी डॉ. वीर बहादुर सिंह मुवेल मौके पर मौजूद नहीं थे। स्टाफ ने उन्हें मीडिया के पहुंचने की जानकारी दी तो वे तत्काल मौके पर पहुंचे और बैठक में होने की बात कही। बताया जा रहा है कि बाग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक ही डॉक्टर डॉ हरिसिंह मोबाइल के भरोसे संचालित हो रहा है। जबकि दो डॉक्टर संविदा पर नियुक्त किए गए हैं। सीबीएमओ डॉ विरभद्र सिंह मुवेल का कहना है डॉक्टर्स की कमी वाली बात जिला मुख्यालय के अधिकारियों को बता दी है। डॉ. वीरभद्र सिंह मुवेल को नोटिस
अधिक संख्या में नसबंदी ऑपरेशन समेत अन्य अव्यवस्थाओं को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), जिला धार द्वारा प्रभारी विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरभद्र सिंह मुवेल को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही जिला मुख्यालय पर अटैच किया गया है।
