छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के दौरान सदन में धान खरीदी के मुद्दे पर पक्ष-विपक्ष में जमकर बहस हुई। सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष के विधायकों ने वॉकआउट कर दिया। भूपेश ने कहा कि सरकार किसानों से धान खरीदी का आंकड़ा दे। किसानों से धोखधड़ी हुई है। बता दें कि बस्तर के किसानों से धान खरीदी नहीं होने का मुद्दा कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल ने उठाया और सरकार से जवाब मांगा। इस पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि 44,612 किसान धान खरीदी केंद्रों में धान बेचने ही नहीं आए। जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए धान खरीदी में गड़बड़ी और जबरिया समर्पण का आरोप लगाया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सरकार से समर्पण कराने वाले किसानों की संख्या स्पष्ट करने की मांग की। सदन में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। शून्य काल में स्थगन लाकर कांग्रेस अफीम की खेती का मुद्दा उठाएगी। धान खरीदी पर विपक्ष के सवाल, पक्ष का जवाब सवाल (लखेश्वर बघेल):
बस्तर के 44 हजार से ज्यादा किसानों से धान नहीं खरीदा गया। इनमें कितने वन अधिकार पट्टाधारी हैं और कितने ऋणी व अऋणी किसान हैं? जवाब (दयालदास बघेल):
ये किसान धान खरीदी केंद्रों में धान बेचने ही नहीं आए। पंजीयन कराने वाले सभी किसान अपना शत-प्रतिशत धान नहीं बेचते। जो किसान केंद्रों में पहुंचे, उनका धान खरीदा गया। सवाल (लखेश्वर बघेल):
जो किसान कर्ज में है, वह धान बेचने क्यों नहीं जाएगा? यह सरकार की लचर व्यवस्था है। सबसे बड़ा घोटाला धान खरीदी में ही हुआ है। सवाल (भूपेश बघेल):
सरकार बताए कितने किसानों ने धान जमा किया और कितनों ने नहीं किया। साथ ही यह भी बताएं कि कितने किसानों से जबरिया समर्पण कराया गया। जवाब (दयालदास बघेल):
44,612 किसान धान खरीदी केंद्रों में नहीं आए। प्रश्न में समर्पण कराने वाले किसानों की संख्या नहीं पूछी गई थी। पहले भी उठा थे सूखा नशा का मुद्दा सत्र के पहले सप्ताह में भी विपक्ष ने सूखा नशा से जुड़े मामलों को लेकर सरकार को घेरा था। उस समय सरकार की ओर से जारी तस्करों की सूची में नव्या मलिक का नाम नहीं होने को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए थे। अब दुर्ग जिले में सामने आए अफीम खेती के मामले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार का नाम सामने आने के बाद कांग्रेस सरकार की कार्रवाई और चुप्पी को लेकर सवाल उठा रही है। विपक्ष इस मुद्दे पर सदन में स्थगन प्रस्ताव ला सकता है। गांव जाकर जुटाई गई जानकारी अफीम की खेती के खुलासे के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संबंधित गांव समोदा का दौरा किया था। उन्होंने आरोपी भाजपा नेता के खेत तक पहुंचकर स्थिति देखी और ग्रामीणों से बातचीत कर जानकारी ली। कांग्रेस की ओर से इस पूरे मामले को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट भी तैयार की गई है। पार्टी इसे प्रदेश के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी उठाने की तैयारी में है। ……………………….. बजट सत्र से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… बजट सत्र, कवासी लखमा ने भाजपा नेताओं को गले लगाया: अजय चंद्राकर ने सदन में थप-थपाई पीठ, आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश, कार्यवाही कल तक स्थगित छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र की शुरुआत हो चुकी है। पहले दिन सदन में राज्यपाल का अभिभाषण हुआ, जिसमें उन्होंने अपनी सरकार के विकास कार्यों के बारे में जानकारी दी। उनके मुताबिक रायपुर में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनेगा और पिछले दो सालों में 532 नक्सली न्यूट्रलाइज्ड किए जा चुके हैं। पढ़ें पूरी खबर…
