इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है और जनता उसे कैसे देखती है? इसी का जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर ने खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’ शुरू की है। इसमें हम पार्षदों के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज के एपिसोड में हम वार्ड 83 पहुंचे हैं, जहां से जितेंद्र राठौर पार्षद हैं। यहां कौन-से काम पूरे हुए, कौन-से बाकी हैं? जनता 10 में से कितने नंबर देती है। ‘आज का पार्षद’ में देखिए काम का पूरा हिसाब।
सवाल: आपके वार्ड की सबसे बड़ी उपलब्धि कौन-सी है? जवाब: हमारे वार्ड की दो उपलब्धि रही हैं। सबसे बड़ी ये कि पानी की जो लाइनें थीं वह सभी पुरानी लाइनें थी। इन सभी लाइनों को 80% तक हम बदल चुके हैं। दूसरा हमारे वार्ड में एक शराब की दुकान खुल गई थी। उसको हमने जनता के सहयोग से, विधायक के नेतृत्व में वहां से शिफ्ट कराया है। ये हमारी दो बड़ी उपलब्धि रही हैं। हम लगातार काम कर रहे हैं, उपलब्धियां तो चलती रहती हैं।
सवाल: कौन सा काम अधूरा है और क्यों? जवाब: अभी जो काम मैं सोचता हूं एमआर-6 वाला जो रोड है उसे हमने बनाना था। महापौर ने करीब 8 महीने पहले वादा भी कर दिया था कि नवंबर माह से काम शुरू कर देंगे, लेकिन फंड की दिक्कतों की वजह से वह काम हो नहीं पाया है। जो इंडस्ट्रियल एरिया वाला जो इलाका है, वहां गाड़ियां हमारे रहवासी क्षेत्रों से जा रही हैं। मेरे लिए ये चैलेंजिंग है कि जनता परेशान हो रही है। मैं चाहता हूं कि इस रोड को कैसे भी पूरा कर सकूं। सवाल: जनता की सबसे आम शिकायत क्या आती है? जवाब: जनता की मूलभूत समस्या पानी और ड्रेनेज की रहती है। एक बार सड़क के गड्ढे में से निकल जाएंगे तो इतनी परेशानी नहीं है। मगर उन्हें गंदा पानी मिलेगा या ड्रेनेज चौक रहेगी तो ज्यादा दिक्कत होगी। मूलभूत समस्या यहीं रहती है इस पर हमने काम किया है। मेरे अभी तक के कार्यकाल में ढ़ाई करोड़ रुपए की पानी की लाइनें बदल दी हैं और करीब 4 करोड़ के काम ड्रेनेज के किए हैं। मेरी प्राथमिकता भी यही है कि हम पूरे वार्ड की पानी की और ड्रेनेज की लाइन को बदल दें। उसके बाद सड़कों का काम शुरू करेंगे।
सवाल: किसी नए प्रयोग से क्या बदलाव हुआ?
जवाब: देखिए प्रयोग तो ये है कि जब मैं यहां आया था तो यहां पर गंदे पानी की समस्या ज्यादा थी और हमने नया प्रयोग यहीं किया है कि हमने 80 प्रतिशत लाइन बदल दी हैं और पहले ये होता था कि रोड़ बन जाए उसके बाद ड्रेनेज की लाइन डाल रहे हैं। मेरे आने के बाद मैंने सिस्टम बनाया है कि पहले पानी और ड्रेनेज की लाइन डालेंगे उसके बाद सड़क का काम करेंगे। मेरे यहां सड़क के काम कम और ड्रेनेज-पानी के ज्यादा होते हुए मिलेंगे। सवाल: किन इलाकों में काम नहीं हो पाया?
जवाब: काम तो हम सभी इलाके में कर रहे है। ऐसा कोई इलाका नहीं है जहां हमने काम नहीं किया हो। हम सभी जगह समानता के साथ काम कर रहे हैं। ऐसा महसूस नहीं होना देना चाहते हैं कि किसी एरिया में काम नहीं कर पा रहे हैं।
सवाल: आपके यहां पानी की शिकायत आई है क्या?
जवाब: सुदामा नगर की जो लाइनें है 40 साल पुरानी सोसायटी की डली हुई हैं। वह बैकलाइन में डली हैं। वहां बैकलाइन में भी कुछ समस्या हैं जो हमारे पास आ रही हैं। पुरानी लाइनों के कनेक्शन बैक में कर रखे हैं। बैकलाइन में अतिक्रमण भी हो चुका है, इसलिए वहां नई लाइन नहीं डाल सकते हैं। उसे हम आगे से करने का प्रयास कर रहे हैं। उसमें थोड़ी दिक्कत आ रही हैं। सवाल: अगले 6 महीने का रोडमैप क्या है? जवाब: अगले 6 महीने में हमारे क्षेत्र में चार नए गार्डन बनकर तैयार हो जाएंगे। उसके आलावा दो मेन रोड का काम प्रस्तावित है उनका काम शुरू हो जाएगा। पानी की लाइनों का काम जो बचा हुआ है वह पूरा हो जाएगा। यानी आने वाले 6 महीनों में हमारे वार्ड में सभी पानी की लाइनें बदल जाएगी। ड्रेनेज का काम लगातार सुचारू रूप से चल रहा है। हमारा पूरा ध्यान यहीं है कि हम वार्ड की जनता की समस्या को पूरी तरह खत्म कर दें। ये खबर भी पढ़ें…
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