केंद्र सरकार की सुरक्षा चेतावनी के बाद भोपाल-इंदौर मेट्रो परियोजना में तुर्किये की एक कंपनी का ठेका तो रद्द कर दिया गया, लेकिन उसी परियोजना में तुर्किये की दूसरी कंपनी का काम अब भी जारी है। ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के बाद केंद्र सरकार ने मेट्रो परियोजनाओं में तुर्किये की कंपनियों को दिए गए कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने को कहा था। इसके बाद अगस्त 2025 में एसिस इलेक्ट्रॉनिक का 186 करोड़ रुपए का ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम का ठेका रद्द कर दिया गया। लेकिन इसी मेट्रो प्रोजेक्ट में तुर्किये की कंपनी गुलरमैक एएस का काम अभी भी जारी है। यह कंपनी कल्पतरु प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल लिमिटेड के साथ ज्वाइंट वेंचर में भोपाल और इंदौर मेट्रो के करीब 1700 करोड़ रुपए के तीन पैकेज पर काम कर रही है। …जबकि केंद्र ने कहा था-
राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है, तुर्किये की कंपनी के कॉन्ट्रैक्ट तुरंत रद्द करें
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 7 जून 2025 को मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स को पत्र लिखकर कहा था कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर पहलुओं और सुरक्षा एजेंसियों से प्राप्त सूचनाओं को देखते हुए मेट्रो परियोजनाओं में तुर्किये की कंपनियों को दिए गए कॉन्ट्रैक्ट तत्काल प्रभाव से रद्द किए जाएं। यह पत्र 4 जुलाई 2025 को एमपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को भी भेजा गया था। इसके बाद एसिस इलेक्ट्रॉनिक का कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया गया, लेकिन गुलरमैक के साथ ज्वाइंट वेंचर के पैकेज अभी भी जारी हैं। …इधर, मेट्रो एमडी का तर्क कल्पतरु के साथ स्वतंत्र रूप से समझौता करेंगे मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन तुर्की की कंपनियों के साथ काम कर रहा था। एसिस इलेक्ट्रॉनिक स्वतंत्र रूप से काम कर रही थी, जबकि गुलेरमैक का कल्पतरु के साथ जॉइंट वेंचर में छोटा हिस्सा था। एसिस के साथ किया गया कॉन्ट्रैक्ट तुरंत खत्म कर दिया गया है, जबकि कल्पतरु के साथ स्वतंत्र रूप से समझौता करने की प्रक्रिया चल रही है।’ -एस कृष्ण चैतन्य, एमडी एमपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन
