छतरपुर शहर के सबसे स्वच्छ माने जाने वाले प्रताप सागर तालाब की स्थिति इन दिनों खराब है। नगर पालिका की लापरवाही के कारण गंदी नालियों का पानी सीधे तालाब में मिल रहा है, जिससे इसका पानी प्रदूषित हो गया है। तालाब के आसपास बने घाटों पर भी कचरे का अंबार लगा है। गंदगी के कारण बदबू फैल रही है, जिससे यहां आने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, पहले यह तालाब साफ-सुथरा रहता था और लोग घूमने या पूजा-पाठ के लिए आते थे, लेकिन अब गंदगी के कारण वे यहां आने से बच रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर पालिका सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दे रही है। नियमित सफाई न होने से तालाब की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सफाई और नालियों के पानी को तालाब में जाने से रोकने के उपाय नहीं किए गए, तो तालाब पूरी तरह प्रदूषित हो सकता है। नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर पालिका अक्सर इसी तालाब की सफाई कर फोटो सेशन करवाती है और स्वच्छता के नाम पर प्रशंसा बटोरती है, जबकि वास्तविकता में तालाब गंदगी और प्रदूषण का शिकार हो चुका है। इस मामले में नगर पालिका सीएमओ माधुरी शर्मा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। उनके फोन रिसीव न करने के कारण उनका पक्ष सामने नहीं आ पाया। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका से जल्द तालाब की सफाई कराने और नालियों का गंदा पानी तालाब में जाने से रोकने की मांग की है, ताकि शहर के इस महत्वपूर्ण जलस्रोत को प्रदूषण से बचाया जा सके।
