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तरबूज-ककड़ी बताकर 1 एकड़ में अफीम की खेती:झारखंड से आकर रायगढ़ में 10 साल पहले शादी, ससुराल में रहकर दोस्तों संग किया कारोबार

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में करीब एक एकड़ में अफीम के पौधे लगाए गए थे। जिसका पुलिस ने खुलासा किया है। आरोपी ने रायगढ़ में ही 10 साल पहले शादी की। किसान से तरबूज और ककड़ी उगाने के लिए खेत लिया। इसके बाद ससुराल में रहकर दोस्तों के साथ मिलकर अफीम का कारोबार शुरू कर दिया। यह मामला तमनार थाना क्षेत्र के आमाघाट इलाके का है। पुलिस ने झारखंड के खूंटी जिले के रहने वाले मार्शल सांगा (40) को गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने साथियों के साथ पाझर नाला के पास अफीम की खेती कर रहा था। वहीं, कांग्रेस का एक जनप्रतिनिधि मंडल मौके पर पहुंचा और सरकार पर सवाल उठाए हैं। पूर्व मंत्री टीएस सिंहदेव ने इसे बेहद चिंताजनक बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कांग्रेस ने इस पर बीजेपी का संरक्षण होना बताया है। झारखंड से आकर बस गया था आरोपी जानकारी के मुताबिक, मार्शल सांगा की शादी तमनार के आमाघाट निवासी सुषमा खालको से हुई थी। इसके बाद वो पिछले 8-10 वर्षों से यहां आकर रहने लगा था। बताया जा रहा है कि आरोपी कभी झारखंड तो कभी आमाघाट में रहता था। इसी दौरान उसने अपने साथियों के साथ मिलकर अफीम की खेती शुरू कर दी। पुलिस दबिश में एक आरोपी पकड़ा, साथी फरार पुलिस ने आरोपी के घर और खेत में दबिश दी। इस दौरान मार्शल सांगा को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसके साथी फरार हो गए। पुलिस ने रातभर इलाके में पहरा दिया। जांच में पता चला कि जिस जमीन पर अफीम की खेती की जा रही थी, वह पांच अलग-अलग खसरा नंबरों की निजी और परियोजना भूमि है। NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि, जिले में “ऑपरेशन आघात” के तहत मादक पदार्थों की अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। बिना संरक्षण मिले नहीं कर सकता खेती जनपद सदस्य संपति सिंह सिदार ने बताया कि, बिना किसी के जानकारी, बिना किसी के अनुमति यहां कोई कैसे खेती करेगा। जरूर वो किसी के संरक्षण में खेती कर रहा था। बाहर से आकर कोई खेती नहीं कर सकता। ये बीजेपी के संरक्षण में ही होगा। निष्पक्ष जांच होनी चाहिए- सिंहदेव इस मामले की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल भी मौके पर पहुंचा और सरकार पर सवाल उठाए। पूर्व मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि दुर्ग और बलरामपुर के बाद रायगढ़ में भी अफीम की खेती का खुलासा बेहद चिंताजनक है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। तमनार थाना क्षेत्र के आमाघाट में जिस जमीन को तरबूज और ककड़ी की खेती के नाम पर लिया गया था, वहां असलियत कुछ और ही निकली। क्या तरबूज और ककड़ी की फसलें ऐसी दिखती हैं? और ऐसा तो बिल्कुल संभव नहीं है कि ऐसी खेती रातों-रात खड़ी हो जाए। यह सिर्फ एक मामला नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में फैलते एक गंभीर खतरे का संकेत है। छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार गहरी नींद में है, जब प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त है और नशे का खतरा लगातार बढ़ रहा है। प्रदेश में आज तक ऐसी गैरजिम्मेदार सरकार कभी नहीं आई है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह सब सरकार और प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है। यह सिर्फ लापरवाही नहीं, इस अवैध खेती में ऊपर से नीचे तक मिलीभगत और गहरे भ्रष्टाचार के चिन्ह हैं। इस पूरे मामले की निष्पक्ष और कड़ी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई भी। भूपेश बघेल बोले- भाजपा सरकार दे रही संरक्षण रायगढ़ में अफीम की खेती पकड़ाने पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि भाजपा सरकार के संरक्षण में प्रदेश भर में हो रही अफीम की खेती का पर्दाफाश जारी है। अब रायगढ़ के तमनार थाना क्षेत्र के आमाघाट में अफीम की खेती पकड़ी गई है। जिस तरीके से प्रदेश में सूखे नशे के कारोबार को अंजाम दिया जा रहा है, यह घातक है। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री की चुप्पी बताती है कि इस खेल का असली “सरगना” कौन है। संबंधित विभाग को जानकारी न होना चिंताजनक युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष ग्रामीण उस्मान बेग ने कहा कि, इतने बड़े पैमाने पर नशीली फसल का उत्पादन होना और संबंधित विभागों को इसकी जानकारी न होना बेहद चिंताजनक है। यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि संरक्षण की संभावना को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यदि निगरानी तंत्र सक्रिय रहता तो इतनी बड़ी अवैध खेती संभव नहीं थी। इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों की पहचान करना आवश्यक है। कांग्रेस ने सरकार पर उठाए सवाल घटना की जानकारी होने के बाद कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल आमाघाट के उस खेत में पहुंचा, जहां अफीम की खेती हो रही थी। कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ने इसी मुद्दे को लेकर आक्रोश है। सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस कमेटी रायगढ़ के अध्यक्ष ग्रामीण नगेन्द्र नेगी ने कहा- यह मामला केवल एक जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में फैलते एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है। उनके अनुसार, सरकार वास्तव में नशे के खिलाफ गंभीर होती, तो इस प्रकार की घटनाएं बार-बार सामने नहीं आतीं। कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक दोषियों का पता चल सके। आमाघाट में खेत में करीब डेढ़ एकड़ में फसल लहलहा रही थी। 15 दिन में चौथा मामला बता दें कि प्रदेश में पिछले 15 दिनों में अफीम की खेती पकड़ाने का यह चौथा मामला है। इससे पहले 7 मार्च को दुर्ग में अफीम की खेती पकड़ाई थी। 10 मार्च को बलरामपुर के कुसमी में और 12 मार्च को बलरामपुर के कोरंधा में अफीम की खेती मिली थी। पहला मामला- दुर्ग में BJP नेता कर रहा था अफीम की खेती दुर्ग जिले के समोदा में भाजपा नेता विनायक ताम्रकर (पूर्व किसान मोर्चा अध्यक्ष दुर्ग) पिछले 5 साल से अफीम की अवैध खेती कर रहा था। ग्राम समोदा और झेनझरी के बीच स्थित फार्महाउस में करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल क्षेत्र में उसने फसल लगवाई थी। 7 मार्च को यह अवैध खेती पकड़ी गई और उसके खेत से 7.88 करोड़ रुपए के अफीम के पौधे जब्त किए गए थे। भाजपा नेता समेत 3 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। दूसरा मामला – बलरामपुर के कुसमी में पकड़ाई अफीम 10 मार्च को बलरामपुर जिले के कुसमी में त्रिपुरी घोसराडांड़ में अवैध अफीम की 3.67 एकड़ में खेती पकड़ी गई थी। पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया और करीब 4.75 करोड़ रुपये मूल्य की 4,344 किलोग्राम अफीम जब्त किया था। जबकि सरगना और भाजपा नेता की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है। तीसरा मामला – बलरामपुर के कोरंधा में मिली अफीम की खेती जिले में पहला मामला सामने आने के ठीक 2 दिन बाद 12 मार्च फिर एक अफीम का खेत पकड़ाया। जहां कोरंधा में 3 किसानों के करीब ढाई एकड़ जमीन पर अफीम लगी हुई थी। ग्रामीणों की सूचना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम ने अफीम उखड़वा दिया था। तुर्रापानी खजूरी पंचायत का हिस्सा है, लेकिन यह पहाड़ी क्षेत्र में बसा इलाका है। यह इलाका झारखंड सीमा से लगा हुआ है। यहां आम तौर पर लोगों का आना-जाना कम रहता है। यहां छिपकर अफीम की खेती की जा रही थी। …………………… इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… 4 साल से 5 एकड़ में अफीम की खेती: दुर्ग फार्महाउस में तैनात रहते थे बाउंसर्स; भाजपा नेता ने डिजिटल सर्वे में गेहूं-मक्का दिखाया छत्तीसगढ़ के दुर्ग में पुलिस ने अफीम की खेती करते हुए भाजपा नेता विनायक ताम्रकर (पूर्व किसान मोर्चा अध्यक्ष दुर्ग) सहित 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। ग्राम समोदा और झेनझरी के बीच स्थित फार्महाउस से करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल क्षेत्र में लगे अफीम के पौधे जब्त किए गए हैं। खेत से करीब 14 लाख 30 हजार पौधे बरामद किए गए हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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