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डॉ. हेमलता का निधन; 60 करोड़ की संपत्ति अब किसकी?:पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में होगा अंतिम संस्कार, फर्जी दान-पत्र मामले में चल रही जांच

जबलपुर की वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमलता श्रीवास्तव का लंबी बीमारी के बाद रविवार शाम को निधन हो गया। इसके साथ ही उनकी करोड़ों की संपत्ति को लेकर सवाल भी खड़े हो गए हैं। पोस्टमॉर्टम के बाद डॉक्टरों की टीम ने उनकी छोटी बहन शांति मिश्रा को शव सौंप दिया। आज उनकी अंतिम यात्रा राइट टाउन स्थित निवास से रानीताल मुक्तिधाम के लिए निकलेगी। डॉ. श्रीवास्तव के घर पर गायत्री परिवार सहित आईएमए के सदस्य भी मौजूद हैं। अंतिम संस्कार से पहले डॉ. हेमलता श्रीवास्तव के निवास पर सुरक्षा व्यवस्था के तहत बाउंसर तैनात किए गए हैं। मौके पर मदन महल थाने का पुलिस स्टाफ भी मौजूद है। डॉ. श्रीवास्तव की संपत्ति पर जांच जारी तहसीलदार संदीप जायसवाल ने बताया कि कलेक्टर और एसडीएम के निर्देश पर शव को उनके निवास लाया गया है। कुछ ही देर में अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। डॉ. श्रीवास्तव की संपत्ति के वारिस को लेकर उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच एसडीएम स्तर पर की जा रही है। प्रशासन तथ्यों के आधार पर निर्णय करेगा। वहीं उनकी मौत के कारणों को लेकर भी जांच जारी है। बता दें कि राइट टाउन निवासी डॉ. श्रीवास्तव को करीब एक माह पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी तबीयत में सुधार भी हुआ था, लेकिन रविवार को अचानक उनका निधन हो गया। उनके पति और बेटे का पहले ही देहांत हो चुका था। संपत्ति हड़पने के आरोप में डॉ. सुमित जैन, पत्नी प्राची जैन, उनकी बहन व जीजा पर मामला दर्ज है। डॉ. श्रीवास्तव की संपत्ति पर कई दावे एसडीएम और पुलिस की मौजूदगी में हेमलता श्रीवास्तव का पोस्टमॉर्टम किया गया। कुछ दिन पहले तबीयत बिगड़ने पर जब उन्हें कार से बाहर ले जाया जा रहा था, तभी उनकी करोड़ों की संपत्ति होने की जानकारी सामने आई, जिस पर अलग-अलग लोग दावा कर रहे हैं। डॉ. सुमित जैन के अनुसार 14 जनवरी को उनके जन्मदिन पर हेमलता उनके साथ थीं, जबकि इससे 12 दिन पहले 2 जनवरी को उन्होंने अपनी इच्छा से करीब 11 हजार वर्गफीट जमीन ससुर और बेटे के नाम मेमोरियल अस्पताल के लिए दान की थी। गायत्री मंदिर ट्रस्ट ने किया था दान का दावा इधर गायत्री मंदिर ट्रस्ट ने भी करोड़ों की संपत्ति को लेकर दावा किया है कि हेमलता श्रीवास्तव ने अपनी छोटी बहन कनक लता मिश्रा के सामने इच्छा जताई थी कि वे अपनी पूरी संपत्ति ट्रस्ट को देना चाहती हैं। हालांकि, इस मामले में आईएमए भी हस्तक्षेप कर चुका है। हेमलता श्रीवास्तव की छोटी बहन शांति तिवारी, जो छत्तीसगढ़ में रहती हैं, उन्हें सूचना दे दी गई है। उनके जबलपुर पहुंचने के बाद सोमवार को शव परिजनों को सौंपा जाएगा। दोपहर करीब 12 बजे पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में रानीताल मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया जाएगा। बयान में फर्जीवाड़े का जिक्र किया था डॉ. हेमलता की 60 करोड़ रुपए मूल्य की 11 हजार वर्गफीट संपत्ति के विवाद के बीच जनवरी में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के हस्तक्षेप के बाद जिला प्रशासन ने उनका रेस्क्यू कर उन्हें मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया था। स्वस्थ होने पर उन्होंने बयान में कहा था कि गलत जानकारी देकर दान-पत्र लिखवाकर रजिस्टर्ड कराया गया। मामले में डॉक्टर दंपती, रजिस्ट्रार व अन्य की भूमिका की जांच जारी है। प्रताड़ना और जबरन दस्तावेज लिखवाने के आरोप इस पूरे मामले में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। IMA का कहना है कि सीनियर लेडी डॉक्टर को संपत्ति के लिए प्रताड़ित किया गया और उनकी शारीरिक व मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के बावजूद रजिस्ट्री और दान-पत्र लिखवाए गए। 12 जनवरी को जन्मदिन पर केक काटा, 14 को तबीयत बिगड़ी हेमलता श्रीवास्तव का 12 जनवरी को 81वां जन्मदिन था, जिसका एक वीडियो भी सामने आया था। डॉ. सुमित जैन और उनकी पत्नी प्राची जैन के साथ हेमलता श्रीवास्तव का केक कटवा रहे हैं। आरोप है कि 13 जनवरी तक स्वस्थ रहने वाली हेमलता की अचानक 14 जनवरी को कैसे तबीयत बिगड़ी। उन्हें घर के सामने स्थित मुखर्जी अस्पताल में भर्ती कराया, तभी से उनकी तबीयत बिगड़ गई। उनके हाथ में अल्सर हो गया। सुमित जैन ने बताया कि तरुण बहरानी वहां पर मौजूद थे। अस्पताल प्रबंधन की मदद से ना जाने क्या दवा दी गई कि हेमलता श्रीवास्तव की हालत इतनी बिगड़ गई। सुमित जैन का कहना है कि जिस वीडियो को मेडिकल कॉलेज का बताया जा रहा है, वो असल में मुखर्जी अस्पताल का है। सुमित जैन का दावा- अपनी मर्जी से किया था दान डॉ. सुमित जैन का दावा है कि हेमलता श्रीवास्तव ने पूरे होश में घर के बगल की करीब 11 हजार स्क्वॉयर फीट जमीन रजिस्टर्ड दान की थी। उनकी इच्छा थी कि ससुर बीएल श्रीवास्तव और बेटे रचित श्रीवास्तव के नाम से मेमोरियल अस्पताल बने और हम वहीं बनवा भी रहे हैं। सुमित जैन ने बताया कि रचित श्रीवास्तव ने साथ में पढ़ाई की थी। हम दोनों के बीच अच्छी दोस्ती थी। हमेशा उनके यहां आना-जाना होता था। हम लगातार उनका ध्यान भी रख रहे थे। वे हमारी मां के समान हैं। यही वजह है कि जब भी कहीं उनका जाना होता था, वह हमसे ही बोलती थीं। पहले बेटे की मौत, तीन साल बाद पति भी गुजरे डॉ. हेमलता श्रीवास्तव जबलपुर की सीनियर नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं। उनके बेटे रचित भी डॉक्टर थे। उनकी 2022 में साइलेंट अटैक से मौत हो गई। बेटे की मौत के बाद पति-पत्नी घर में रह रहे थे। इसी बीच दिसंबर 2025 में पति की भी मौत हो गई। जबलपुर के सबसे पॉश इलाके राइट टाउन में अपनी कीमती प्रॉपर्टी में रहने वाली डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव अकेली पड़ गईं। 9 नवंबर 2025 को उन्होंने जबलपुर में मेडिकल एजुकेशन से जुड़ी एक कॉन्फ्रेंस अटेंड की थी, तब वे पूरी तरह से स्वस्थ थीं। 26 जनवरी को उनकी जूनियर और आईएमए जबलपुर की प्रेसिडेंट डॉक्टर रिचा शर्मा को जानकारी मिली कि डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव की हालत जिंदा लाश जैसी हो गई है। बहन ने लिखा लेटर- घर पर मरना चाहती हैं 15 जनवरी को गायत्री परिवार ट्रस्ट से जुड़े लोग उन्हें कार में बैठाकर कहीं ले जा रहे थे। पड़ोसियों ने जब उन्हें रोका तो उनसे हुज्जत की गई, लेकिन पुलिस में शिकायत होने पर रात में उन्हें घर छोड़ दिया गया। गंभीर हालत में भी उनकी बहन ने उन्हें यह कहते हुए हॉस्पिटल से डिस्चार्ज करवा लिया था कि अब वो अपने घर पर ही शांति से मौत को अपना लेंगी। कलेक्टर के निर्देश पर मेडिकल में कराया भर्ती डॉ. हेमलता श्रीवास्तव की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती करने की कोशिश की गई। आईएमए की शिकायत पर जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने इलाज के लिए उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है। इसके साथ ही 5 डॉक्टर्स की टीम की निगरानी में डॉ. हेमलता का इलाज कराने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने बुजुर्ग डॉक्टर की प्रॉपर्टी हथियाने की साजिश की जांच कराने और मामले में वैधानिक कार्रवाई करने की बात कही है।
……………………………. यह खबर भी पढ़ें जबलपुर में रिटायर्ड महिला डॉक्टर को जबरिया ले गए लोग जबलपुर जिला अस्पताल में पदस्थ रह चुकी वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमलता श्रीवास्तव को कुछ अज्ञात लोग जबरन अपनी कार में बैठाकर अपने साथ ले गए। मामला सामने आते ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने गंभीर चिंता जताते हुए कलेक्टर और एसपी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत पर मदन महल थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर

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