बालाघाट में 2 मार्च की रात होलिका दहन के साथ होली पर्व का शुभारंभ हो गया। शहर में 60 से अधिक स्थानों पर होलिका दहन किया गया, जिसके बाद से होली की बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया। शहरी क्षेत्रों में पुराने श्रीराम मंदिर के सामने कंडों की होली जलाई गई, जबकि अधिकांश स्थानों पर होलिका दहन में लकड़ियों का उपयोग किया गया। धार्मिक स्थलों, स्वयंसेवी और सामाजिक संगठनों के साथ-साथ चौक-चौराहों और गली-मोहल्लों में भी पूजन-अर्चन के साथ होलिका दहन किया गया। मंगलवार को चंद्रग्रहण होने के कारण जिले में धुरेड़ी का पर्व कल बुधवार को मनाया जाएगा। इस दौरान लोग फाग गीतों के साथ होली के रंगों में सराबोर नजर आएंगे। हुरियारों की टोलियां ढोल-नगाड़ों के साथ भ्रमण करेंगी और लोकगीतों के साथ रंगोत्सव का पर्व उल्लासपूर्वक मनाया जाएगा। शासन ने इस बार होली पर्व के लिए दो दिनों की छुट्टी घोषित की है। होली और रमजान पर्व के मद्देनजर पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद है। संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है और पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। चौक-चौराहों पर पुलिस पॉइंट बनाए गए हैं। एक हजार से ज्यादा पुलिस तैनात जिलेभर में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग 1 हजार से अधिक जवानों को तैनात किया गया है, जो धुरेड़ी पर्व के दिन भी अपनी ड्यूटी पर रहेंगे। शहर के अंबेडकर चौक, काली पुतली चौक, मेन रोड, बैहर रोड, सर्किट हाउस रोड सहित अन्य इलाकों में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस विभाग ने लोगों से शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। होलिका दहन की अन्य तस्वीरें…
